प्रदेश में पहली बार, गार्ड ऑफ़ ऑनर से नेत्र और देहदानी की शोक सभा बदली प्रेरणा सभा में, 12 लोगों ने भरे नेत्रदान संकल्प पत्र
2. नेत्रदानी देहदानी परिवार को,घर जाकर सामाजिक संस्थाओं ने दिलाया गार्ड ऑफ ऑनर,प्रदेश में पहली बार
गुरुवार
को, संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के प्रयास,प्रेरणा और दिशा- निर्देश से
इंदिरा कॉलोनी, स्टेशन क्षेत्र कोटा निवासी,आर्य समाज के नीति,नियम और
सिद्धांत पर चलने वाले प्रेम सिंह परिहार के आकस्मिक निधन के उपरांत उनकी
मृत देह, कोटा से 40 किलोमीटर दूर राजकीय मेडिकल कॉलेज, बूंदी में भावी
चिकित्सकों के अध्ययन के लिए दान की गई ।
देहदानी और शोकाकुल परिवार
के सेवा कार्यों को शहर,समाज और परिवार में सम्मान देने के उद्देश्य से,
परिवार की ओर से आयोजित की गई शोक सभा में,शाइन इंडिया की प्रेरणा से,शहर
की खूबी सिक्योरिटी सर्विसेज की ओर से देहदानी परिवार के सदस्यों को
सेलिब्रेटी गार्ड ने सैल्यूट कर गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया ।
देहदान की इस
प्रेरणादायक खबर के बारे में जब संभाग के पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र
प्रसाद गोयल ने समाचार पत्र में पढ़ा,तो उन्होंने भी अपने पुलिस विभाग की
ओर से,देहदान करवाने वाले परिवार के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
पुलिस
विभाग की ओर से,एडिशनल एसपी कैलाश मीना ने शोक सभा में,200 से अधिक लोगों
के बीच में परिवार के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र और एक पौधा भेंट किया ।
कैलाश मीणा ने संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते हुए
कहा कि, दुख की घड़ी में परिवार के सदस्यों को हिम्मत दिलाते हुए,सही
जानकारी देने पर ही, इस तरह के पुनीत कार्य संपन्न हो पाते हैं । देहदान
संकल्प लेने से बहुत ज्यादा जरूरी है,समय आने पर,परिवार के सदस्यों के
द्वारा उस संकल्प को पूरा किया जाए ।
गार्ड ऑफ़ ऑनर की प्रक्रिया को
उपस्थित जनसमूह और करीबी रिश्तेदारों ने जब देखा, तो सभी की आंखें इन
गौरवमयी पलों को देखकर नम हो गयी । संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन,और पुलिस
महानिरीक्षक कार्यालय की ओर से नेत्र और देहदानी परिवार को प्रशस्ति पत्र
भेंट किया गया।
शाइन इंडिया के संस्थापक डॉ गौड़ ने बताया कि, मध्य
प्रदेश सरकार के द्वारा,अंगदान व देहदानी परिवार को, राज्य सरकार द्वारा
गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया जाता है । इस बारे में हमारी संस्था के माध्यम से भी
राजस्थान सरकार को कहा गया है, इसी क्रम में प्रदेश में यह पहला प्रयास
शाइन इंडिया ने किया है,जिससे कि राज्य सरकार भी नेक पहल को प्रारंभ
करें,तो अंगदान और देहदान के अभियान को गति मिल सकेगी ।
डॉ कुलवंत
गौड़ ने,शोक सभा में नेत्रदान अंगदान और देहदान के बारे में विस्तार से
जानकारी दी जिसके उपरांत,12 लोगों ने नेत्रदान संकल्प पत्र भरे ।
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
08 फ़रवरी 2026
प्रदेश में पहली बार, गार्ड ऑफ़ ऑनर से नेत्र और देहदानी की शोक सभा बदली प्रेरणा सभा में, 12 लोगों ने भरे नेत्रदान संकल्प पत्र
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