शिक्षित और संस्कारित पीढ़ी देती है समाज को नई दिशा - बिरला
- आदिवासी समाज के योगदान और बलिदान को किया नमन
के डी अब्बासी
कोटा, 9 अगस्त। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर वीर कोटिया भील की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आदिवासी समाज के अमूल्य योगदान को नमन किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा सहित उन सभी वीर आदिवासी महापुरुषों को याद किया, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ-साथ देश की संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बिरसा मुंडा के संघर्ष से लें प्रेरणा
बिरला ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस उन सभी आदिवासी भाइयों-बहनों के साहस और बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी प्रकृति और संस्कृति की रक्षा की। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व, संघर्ष और त्याग को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
वीर कोटिया भील के बलिदान को किया याद
लोकसभा अध्यक्ष ने कोटिया भील के संघर्ष, सेवा और बलिदान को भी श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि कोटिया भील ने आदिवासी समाज के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अधिकारों की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका जीवन-चरित्र नई पीढ़ी को त्याग और समर्पण की राह दिखाता है।
बिरला ने कहा कि बेटा-बेटी सभी को शिक्षा देना समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। शिक्षित और संस्कारित पीढ़ी ही समाज का नेतृत्व कर सकती है और विकास की नई दिशा तय कर सकती है। उन्होंने आग्रह किया कि परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के साथ एकजुट रहकर समाज को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाएं।
इस दौरान आदिवासी बहनों ने लोकसभा अध्यक्ष को राखी बांधी और उन्होंने उन्हें रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
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