विजया एकादशी पर नेत्रदान करके आंखों को अमर बना गई राजी बाई गुप्ता
मरणोपरांत राजी बाई की आंखों से दो लोगों को मिलेगी नई नेत्र ज्योति-
फाल्गुन
माह की विजया एकादशी अमरता का पर्व है एवं नेत्रदान दृष्टि को अमर बनाने
का एकमात्र माध्यम है। इसलिए संभाग में नेत्रदान के प्रति सकारात्मकता
लगातार बढ़ती जा रही है एवं मृत्यु के समय प्रेरित करने पर परिजन अब
नेत्रदान के लिए सहर्ष तैयार होने लगे हैं।
नगरपालिका पार्षद
राजकुमार गुप्ता ने बताया कि भवानीमंडी के पूर्व निवासी भैरूलाल गुप्ता की
माताजी राजी बाई गुप्ता के कोटा में निधन होने के बाद शाइन इंडिया फाउंडेशन
के नगर संयोजक एवं भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी कमलेश गुप्ता
दलाल ने मृतक के परिवार से नेत्रदान के लिए बात की एवं शिक्षित परिवार होने
के कारण तुरंत नेत्रदान की सहमति हो गई, राजी बाई की उम्र अधिक होने पर भी
फोटो परीक्षण में कॉर्निया उपयुक्त पाए जाने पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के
डॉ कुलवंत गौड़ एवं आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान के टेक्नीशियन टिंकू ओझा ने
मृतक के घर पहुंचकर सभी परिवारजनों के सामने नेत्रदान प्रक्रिया संपन्न
करके कॉर्निया प्राप्त किया। नेत्रदान के समय महिलाएं और बच्चे भी उपस्थित
थे।
राजी बाई का कॉर्निया अच्छा पाया गया है, जिसे आई बैंक सोसाइटी
ऑफ राजस्थान जयपुर को भिजवा दिया गया है, जहां यह दो नेत्रहीनों को नई
रोशनी देने में सहायक हो सकेगा, जिससे वे फिर से इस सुंदर सृष्टि को देख
सकें।
पार्षद राजकुमार गुप्ता ने बताया कि राजी बाई भवानीमंडी के
नेत्रदान कार्यक्रम से प्रभावित रही है एवं उन्होंने पहले से ही अपने
नेत्रदान का संकल्प किया हुआ था।
डॉ कुलवंत गौड़ ने बताया कि अधिक
उम्र होने पर फोटो परीक्षण से कॉर्निया उपयुक्त होने पर ही नेत्रदान लिया
जाता है जिसे प्राप्त नेत्रदान का शत प्रतिशत सही उपयोग हो।
प्रेषक.
शाइन इंडिया फाउंडेशन
तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे मज़हब के लोग देख कर कहें कि अगर उम्मत ऐसी होती है,तो नबी कैसे होंगे? गगन बेच देंगे,पवन बेच देंगे,चमन बेच देंगे,सुमन बेच देंगे.कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गए तो वतन के मसीहा वतन बेच देंगे.
25 फ़रवरी 2025
विजया एकादशी पर नेत्रदान करके आंखों को अमर बना गई राजी बाई गुप्ता
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