प्यारे दोस्तो जैसा की आप को पता है में ऑटो चालक हूँ
ओर अक्सर ही रात को ऑटो चलाना पसंद करता हूँ दिन में समाज ओर यूनियन से सम्बंधित कई काम होते हैं
शाम 8 बजे का वक़्त था नयापूरा सर्किल पर एक गरीब सा व्यक्ति मेरे पास आया और बोला भाईसाहब नया कंबल लोगे क्या उसने कंबल दिखाया कंबल बहुत बढ़िया था मेने पूछा कितने का दोगे वो बोला 100 रु में कंबल देखने मे 300 रु का लग रहा था,
मेने पूछा कितने हैं तो उसने कहा 4 कंबल हैं जब चारो को देखा तो पता लगा 250 की कीमत से कम का कोई कंबल नही था, मेने कहा 50 कम्बल के हिसाब से दूंगा उसने मना करते हुवे वापस ले लिए,थोड़ी देर इन्जार किया जब मैने अपना ऑटो स्टार्ट किया और जाने लगा तो बोला सही लगा लो 300 रु दे दो मेने कहा चल तेरी ना मेरी 250 रु लेले, उसने खुशी खुशी वो कम्बल मुझे दे दिए,
अब मेने इन कंबलों को बांटने का मन बनाया लोग मिलते गए और में एक एक कम्बल दान देता गया
ताज्जुब की बात यह है मेने जीन लोगो को कम्बल दिए उनमे से कोई भी भिकारी, रॉड पर सोने वाले नही थे ओर वोभीख नही मांग सकते थे,
ज़रूरत मंदो तक कम्बल देकर बहुत खुश मेरा पैसा भी मेरी ऑटो वाले कि हैसियत के हिसाब जे ही खर्च हुआ

अगर कोई दानदाता मुझे 250 रु में 4 कम्बल दे सकता हो तो में कोशिश कर के #उन_लोगो_तक_पोहचा_सकता_हूँ_जिनको_इस #कम्बल_की_असल_मे_ज़रूरत_है_और_वो_लोग_रोड #पर_नही_सो_सकते_और_भीख_भी_नही_मांग_सकते
अनीस राईन
9414201662
8829001662

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