अंदर नैत्रदान होता रहा,बाहर भर गये 13 नैत्रदान संकल्प
2. कॉलोनी में नैत्रदान होता देख,पड़ौसीयों ने भरे नैत्रदान संकल्प पत्र
पंजाबी
कॉलोनी छीपाबड़ौद निवासी वेदप्रकाश बाठला जी (80 वर्ष) के आकस्मिक निधन
के उपरांत उनके बेटे सुनील और महेंद्र ने पिताजी के नेत्रदान करवाने के
लिये कोटा स्थित शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ को संपर्क किया ।
150
किलोमीटर दूर छीपाबड़ौद से शोकाकुल परिवार की ओर से संपर्क करने के उपरांत
कोटा से डॉ० कुलवंत गौड़ अपने साथ ज्योति मित्र नरेश कपूर को लेकर तुरंत ही
छीपाबड़ौद के लिए रवाना हो गए । बुधवार को भी संस्था के सहयोग से 150
किलोमीटर दूर झालावाड़ जिले के बकानी शहर से नैत्रदान प्राप्त हुआ था ।
वेद
प्रकाश जी छीपाबड़ौद के अच्छे व्यवसायी रहे हैं, उनके विनम्र,सरल और
खुशमिजाज व्यक्तित्व के कारण शहर के सभी उम्र और वर्ग के व्यक्ति उनसे काफी
लगाव रखते थे। पंजाबी कॉलोनी में पहले भी तीन नेत्रदान हो चुके थे,
इसीलिए कॉलोनी के सभी निवासियों में नैत्रदान के प्रति अच्छी जागरूकता हैं ।
कॉलोनी वासियों स्वतः संकल्पित है कि,जब भी कभी किसी के घर में ऐसी शोक की
घड़ी आएगी,तो नेत्रदान का कार्य जरूर ही संपन्न होगा ।
भारत
विकास परिषद, छीपाबड़ौद शाखा के अध्यक्ष धीरज बाठला,शिविर प्रभारी नरेंद्र
बाठला एवं संस्था के ज्योति-मित्र सुरेश अदलक्खा ने बताया कि, निवास स्थान
पर जब नेत्रदान की प्रक्रिया चल रही थी,तो बाहर उपस्थित कॉलोनी में रहने
वाले 13 पड़ोसियों ने स्व० वेद प्रकाश जी के लिये श्रद्धांजलि स्वरुप अपने
नेत्रदान के संकल्प पत्र भरकर शाइन इंडिया फाउंडेशन को सौंपे ।

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