हमें चाहने वाले मित्र

30 नवंबर 2020

कांग्रेस संगठन ,, फिर से हर वर्ग , हर समाज से जुड़कर ,, देश की आवाज़ बनने जा रही है ,, इसके लिए बहुत जल्द ,, राष्ट्रिय स्तर पर , शक्तियों के विकेन्द्रीकरण के नए प्रयासों के साथ , नयी जाजम सामने आने वाली है ,

 कांग्रेस संगठन ,, फिर से हर वर्ग , हर समाज से जुड़कर ,, देश की आवाज़ बनने जा रही है ,, इसके लिए बहुत जल्द ,, राष्ट्रिय स्तर पर , शक्तियों के विकेन्द्रीकरण के नए प्रयासों के साथ , नयी जाजम सामने आने वाली है ,, ,कांग्रेस यूँ तो आज़ादी के संघर्ष की क़ुर्बानी की दास्तान है , संघर्ष की आवाज़ है ,, कांग्रेस इंसाफ की आवाज़ ,छत्तीस क़ौमों का नेतृत्व है ,और हर वर्ग , हर समाज से जुडी समस्याओं के समाधान का प्रयास है ,, राष्ट्र विकास ,राष्ट्र निर्माण ,,राष्ट्रिय उत्थान , राष्ट्रिय एकता ,अखंडता ,,बाहरी ताक़तों के खिलाफ मुंह तोड़ जवाब देने वाली पार्टी है ,, कांग्रेस ,,जुमले देने वाली नहीं ,देश के लिए मर मिटने , क़ुर्बानियां देने ,आतंकवादियों से संघर्ष में देश की एकता के खातिर ,अपनी जान क़ुर्बान कर देने वाली पार्टी है , कांग्रेस अपने पैरों पर खडी है ,, बहुत जल्द यह देश में दिल्ली पर क़ाबिज़ होकर , दलित ,किसान ,गरीब ,बेरोज़गारों की आवाज़ बनने जा रही है , राज्यों में फिर से कांग्रेस के शासन में मोहब्बत का माहौल होगा ,,खुशहाली होगी ,,विकास होंगे ,, इसके लिए कांग्रेस अब ज़मीनी कार्यकर्तों के साथ जुड़कर , पैराशूटी हवाई नेताओं के लिए अलग अलग फार्मूले बना रही है ,,सगंठन सर्वोपरि का नारा , संगठन के बल पर सत्ता में बैठे हर , मंत्री , मुख्यमंत्री ,या जो भी पद हो ,उनके दिमाग में बिठाने की सख्ती होगी , संगठन से सत्ता है ,,, सत्ता से संगठन नहीं ,बस यही संदेश ,, संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को देने की कोशिशें शुरू की जा रही है ,,, छत्तीस क़ौमों , समाजों ,वर्गों के लिए कांग्रेस के मूल संगठन के अलावा ,, सेवादल ,, यूथ कांग्रेस , छात्र कांग्रेस , महिला कांग्रेस , अग्रिम संगठन है ,, जबकि दलितों के लिए , अन्य पिछड़ा वर्ग ,, किसान , मज़दूर , अल्पसंख्यक ,पूर्व सैनिक , विधिक व्यवस्था ,, व्यापार ,, जन अभाव अभियोग , खादी , संगठित , असंगठित मज़दूरों के विभिन्न प्रकोष्ठ है , ,कांग्रेस की मनीटरिंग अब इन प्रकोष्ठों पर काम करने वाले नेतृत्व पर सीधे तरीके से रहेगी , अभी तक काफी लम्बे समय से ,, केंद्र द्वारा प्रकोष्ठों का गठन होता है ,विभागों का गठन होता है ,, कई सालों तक ,, इन विभागों , प्रकोष्ठों , अग्रिम संगठनों में , प्रदेश स्तर ,, राष्ट्रिय स्तर , जिला स्तर पर कार्यकारिणी तक नहीं बनाई जाती है , बस इन प्रकोष्ठ , अग्रिम संगठनों के मुखिया अपने संबंधित विभाग , प्रकोष्ठ , अग्रिम संगठन की समस्याओं की सार संभाल की जगह सिर्फ , और सिर्फ ,, कांग्रेस के राष्ट्रीय हाईकमान के निकटतम बनने के चक्कर में उनके ही दफ्तर में , उनके ही आसपास चक्कर लगाते रहते है , उनके ही पक्ष में ,समर्थन में , उनकी खुशामदगी मामले को लेकर बयानबाज़ी करते देखे जाते है ,,, कोई भी दलित प्रकोष्ठ , कोई भी महिला संगठन ,, कोई भी अल्पसंख्यक विभाग , पिछड़ा वर्ग , सैनिक ,, किसान ,, मज़दूर ,, सेवादल , छात्र ,यूथ , वगेरा वगेरा पकोष्ठ , विभाग ,,अग्रिम संगठन ने कई सालों से अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया है ,, अल्पसंख्यक विभाग है तो अल्पसंख्यकों की क्या समस्याएं है , उनके समाधान के लिए अगर उनकी सत्ता है तो क्या कुछ हो पाया है ,क्या नहीं हो पाया है ,,इस बारे में कोई मॉनिटरिंग रिपोर्ट नहीं , सिर्फ चुप्पी ख़ामोशी , यही हाल ,,यूथ ,छात्र , महिला ,, दलित ,मज़दूर ,किसान संगठनों के मुखियाओं का है , हाईकमान अब , ऐसे पदों पर सिर्फ वही लोग नियुक्त करेगा , जो दरबारी संस्कृति से दूर रहकर ,तत्काल राष्ट्रिय , प्रदेश , जिला स्तर पर ,उनके प्रकोष्ठ से जुड़े समाज , वर्ग की समस्याएं जाने ,सरकार अगर अनदेखी कर रही है ,तो उसे सुझाव दे ,फटकार लगाए , आवश्यकता पढ़ने पर ,हाईकमान को लिखित रिपोर्ट देकर शिकायते करें ,ताकि कार्यवाही हो सके , अभी ,यह सभी प्रकोष्ठ ,विभाग ,मृतप्राय कार्यशैली के तहत सिर्फ दरबारी व्यवस्था में है , यही कारण है के इनके वर्ग की आवाज़ उठाने ,, इनके वर्ग की समस्याओं के समाधान की ज़िम्मेदारी इन्हे संगठन विशेषज्ञ समझ कर देता है और यह संगठन की ज़िम्मेदारी की कसौटी पर खरा नहीं उतरते ,, संगठन और कार्यकर्तों की मेहमान नवाज़ी पर , यह लोग बस घूमते है ,सेर करते है ,, जहाँ जहाँ कांग्रेस की सरकार है , या रही है , वहां , संबंधित मुख्यमंत्री ,,, संगठन के समन्वय प्रभारी ,, राष्ट्रिय कांग्रेस अध्यक्ष को , अभी तक किसी ने भी , कोई समस्याएं , उनका समाधान ,या समाधान में ना नुकुर को लेकर , एक पत्र भी नहीं लिखा है ,ऐसे में उस वर्ग के लोग नाराज़ होकर कांग्रेस के खिलाफ बगावत करते है ,और कांग्रेस संगठन उन विशेषज्ञ नियुक्तियों को प्रकोष्ठ , विभागों द्वारा ठीक से काम करना मानकर , इन बातों पर ध्यान नहीं देता , नतीजन ,चुनावों में ,यह सभी वर्ग जो कांग्रेस के मूल वोटर ,मूल वफादार हैं ,, वोह कांग्रेस से छिटक कर ओर हो जाते है ,, और नुकसान लगातार कांग्रेस को हो रहा है ,, यही हाल कांग्रेस संगठन और प्रभारियों का है , बूथ कार्यकर्ताओं की सूचि सार्वजनिक नहीं होती , कार्यकारिणी पूर्ण गठित नहीं होती ,, कांग्रेस कार्यालय पर ,, नेताओं ,विधायकों ,पूर्व विधायकों ,निगम ,निकाय के पदाधिकारियों की आवाजाही नहीं होती ,कभी कभार , जन्म , मरण कार्यकमों के हो जाए तो अलग बात है ,, प्रभारी बनते तो है , ,लेकिन वोह अलग अलग ज़िम्मेदारों से मिलकर ,पी सी सी सदस्य , ऐ आई सी सी सदस्य , ब्लॉक अध्यक्ष ,प्रकोष्ठ ,विभागों के ज़िम्मेदारों से मिलकर ,गुप्त रिपोर्ट तय्यार नहीं करते ,संगठन की बैठकों में , ज़िम्मेदारों को सुचना मिली ,ज़िम्मेदार उपस्थित है , अनुपस्थित है ,अगर अनुपस्थित है तो क्यों है ,इस पर कोई ध्यान नहीं देता सिर्फ रस्म अदायगी ,, लेकिन अब कांग्रेस को फिर से रिचार्ज करने के फार्मूले पर ,, कांग्रेस हाईकमान ,सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक खास टीम ,गंभीरता से आगे बढ़ रही है ,,जो प्रभारी अपने प्रभार क्षेत्र में ज़िम्मेदार नहीं है उनकी अब कांग्रेस को ज़रूरत नहीं ,, कांग्रेस में अब संगठन के वफादारों ,संगठन के फार्मूले पर चलकर ,दलित ,गरीब ,अल्पसंख्यक , किसान ,,मज़दूर ,छत्तीस क़ौमों के हर वर्ग की आवाज़ बने लोगों को ही स्थान देगी ,,,संगठन के कार्यकर्ता ने भी अगर सत्ता में उसकी उपेक्षा की शिकायत की वोह सही पायी गयी ,तो सत्ता में बैठा व्यक्ति कितना ही ऊँचे ओहदे वाला हो , उसे सजा देने की कार्ययोजना भी तैयार होगी ,,बग़ावतियों की अब मान मुनव्वल नहीं , उन्हें बाहर का रास्ता दिखाकर ,कांग्रेस शुध्दिकरण की तरफ लोगों का ज़ोर बढ़ रहा है ,, जी हुज़ूरी और दरबारियों ,, तारीफ पसंद लोग , अब दूर रहेंगे ,जो अपने विभाग , प्रकोष्ठ ,दी गयी ज़िम्मेदारी को पूरी तरह से करके दिखायेगा ,वही अब संगठन में स्थान रखेगा , कांग्रेस राष्ट्रिय अध्यक्ष सोनिया गांधी , अब अपनी एक विश्वसनीय टीम के साथ इन फार्मूलों पर चिंतन मंथन कर , कांग्रेस को अनुशसित , जनता से जुड़ाव वाली ,, छत्त्तीस क़ौमों के प्रतिनिधित्व , उनकी समस्याओं के समाधान करने वाली , सत्ता को संगठन के अधीनस्थ रखकर , हर वर्ग से जुड़े लोगों के हर वाजिब काम करवाने वाली , अनुशासनहीनता पर , सख्त रवय्या अपनाकर ऐसे लोगों को सबक़ सिखाकर ,, उत्तर प्रदेश हो ,बंगाल हो ,,देश के हर राज्य में खुद को फिर से पुनर्स्थापित करने का प्लान बना चुकी है ,, और कांग्रेस फिर से , एक नए संकल्प देश सेवा , गरीबों की सेवा के लक्ष्य के साथ , देश का भविष्य जो तबाह हुआ है , विकास जो रुका है ,किसानों के साथ जो अत्याचार हो रहे है ,, उन्हें फिर से संवारने कांग्रेस आ रही है ,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...