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02 सितंबर 2020

पूर्व आई ऐ एस ,, ,इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ,,प्रिंट मीडिया , में सकारात्मक पत्रकारिता के पुरोधा , जगदीश क़ातिल

 पूर्व आई ऐ एस ,, ,इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ,,प्रिंट मीडिया , में सकारात्मक पत्रकारिता के पुरोधा , जगदीश क़ातिल के कुशल , पत्रकारिता प्रबंध नियंत्रण में , फर्स्ट इंडिया ने बुधवार ,,लाइव बहस के दौरान ,,रिया चक्रवर्ती ,सुशांत मामले में ,, ईमानदाराना ,,बहस दिखाकर ,,स्वच्छ , सकारात्मक पत्रकारिता का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया जबकि ,, मीडिया ट्रायल मामले में कमोबेश बहस में शामिल सभी साथियो ने आलोचना की ,,, खासकर ,,हाड़ोती की मूंछ ,पूर्व आर पी एस अधिकारी ,योगेंद्र जोशी ,, हाड़ोती के विधायक रामनारायण मीणा ने , इस मामले में मीडिया और जाँच के रवय्ये , रिपोर्टिंग के तरीके पर ,पत्रकारों की भूमिका चेनल्स की भमिका को धोकर रख दिया ,, बेहतरीन बात यह है के इस मामले में ,फर्स्ट इन्डिया की ऐंकर ने ,पूर्ण धैर्य संयम से , निष्पक्ष , शालीन ,बहस का ज़बरदस्त उदाहरण पेश किया ,बहस के दौरान ,,बहस में शामिल लोग ,निश्चित तोर पर मीडिया के तरीकों पर खुले रूप से आरोपित कर उँगलियाँ उठा रहे थे ,फिर भी खुलकर ,,अभिव्यक्ति की आज़ादी , के सिद्धांत को जीवित रखते हुए ,सभी वक्ताओं की पूरी बहस , पूरा बयांन दिखाया ,, जांच एजेंसियों की एकतरफा कार्यवाही , मीडिया की एक तरफा ट्रायल ,,ज़बरदस्ती मनमानी खबरों के लिए लोगों को रोक कर , ज़बरदस्ती चीख चीख कर सवाल पूंछने की प्रक्रिया पर भी ,,बहस में शामिल योगेंद्र जोशी ने , मीडिया कर्मियों की खूब धुलाई की ,, जोशी ने कहा के मीडिया कैमरा लेकर , किसी का भी रास्ता रोक लेता है ,और फिर ज़बरदस्ती सवाल पूंछता है ,जवाब के लिए चीखता है ,यह ऐसे पत्रकारों के लिए रास्ता रोकने का 342 आई पी सी का दंडनीय अपराध है ,,, जोशी ने बिहार डी जी पुलिस के टी वी पर आंसुओं का हवाला देते हुए कहा ,के जांच करना पुलिस अधिकारियो का काम है , लेकिन वोह टी वी पर ऐसे रोते नज़र आये जैसे उनके किसी परिवार में ही हादसा हो गया है ,, कोटा ज़िले की पीपल्दा विधानसभा के विधायक ,पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष ,रामनारायण मीणा ने भी इस मामले में पत्रकारों के रवय्ये की खुलकर आलोचना ,की , अनीता भदेल सहित ,दूसरे बहस में शामिल वक्ताओं ने भी ,इस मामले में मीडिया के रवय्ये , मीडिय की ज़बरदस्ती , मीडिया ट्रायल की मनमानी की आलोचना की ,मीडिया के इस रवय्ये के खिलाफ यह आलोचना बिना किसी सेंसर के , लाइव दिखाना ,सिर्फ ,,सिर्फ ,जगदीश क़ातिल के नियंत्रित सकारात्मक ,निष्पक्ष पत्रकारिता के मिशन में ही सम्भव हुआ है ,वर्ना देश जानता है ,,दूसरे चैनलों में लाइव बहस के दौरान ,ऐंकर ,,ऐंकर किया खुद टी वी न्यूज़ चेनल के मालिक कुत्ते , बिल्ली की तरह चिल्लाते नज़र आते है ,, एक हास्य कलाकार ने तो ,हिंदी में अंग्रेजी मिलाकर , चैनल चलाने वाले की इस मामले में पिल्लै से तुलना कर खूब खिल्ली भी उड़ाई है ,, ,और इस हास्य कलाकार के इस ट्वीट को पढ़ने के बाद ,कई लोगों ने दूसरे जो पिल्लागिरि करने वाले पत्रकार है ,,उनका नाम नहीं लिखने पर उनका अपमान भी बता दिया है , खेर पत्रकारिता का वोह गंदा रूप ,,वोह बकवास रूप ,वोह नफरत फैलाने वाला रूप ,वोह चीखने ,चिल्लाने , वाला रूप ,वोह अभिव्यक्ति की आज़ादी को दबा देने वाला रूप ,,महमान विशेषज्ञों को डांटने , अपमानित करने वाला रूप ,देश देखता है ,,एक निश्चित एजेंडे के तहत ऐंकर ही ऐंकर बोलता है , और महमान विशेषज्ञों का तो बस वोह चीख चीख कर बेहूदगी के साथ अपमान करता ही नज़र आता है ,एक वोह नफरत का पत्रकारिता का गंदा रूप , और एक फर्स्ट इण्डिया न्यूज़ चेनल ,फर्स्ट इण्डिया अंग्रेजी अख़बार की शालीनता ,,मर्यादित बहस ,निष्पक्ष प्रसारण , मीडिया के खिलाफ आरोपों को भी खुले रूप से अभिवक्त कर दिखाने की ज़िम्मेदारी ,, ,ऐंकर की शालीनता ,,निष्पक्षता ,, इस चैनल को दूसरे सभी चैनलों से अलग थलग बना देती है ,वर्तमान पत्रकारिता के छात्र छात्राओं के लिए , पत्रकारिता की इस बदलती विधा में फर्स्ट इण्डिया का न्यूज़ मैनेजमनेट भी उन्हें बहुत कुछ सिखाता है ,,,फर्स्ट इन्डिया के संयमित प्रंबधन के लिए जगदीश क़ातिल ,और कार्यरत पत्रकारों को बधाई ,, मुबारकबाद ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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