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03 सितंबर 2020

सुनो , वफ़ा ,बेवफाई ,,धोखा ,,ज़ुल्फ़ें

 सुनो , वफ़ा ,बेवफाई ,,धोखा ,,ज़ुल्फ़ें ,नज़रे ,,झील सी आँखें ,सुराही दार गर्दन ,, बेईमानी ,प्यार , मोहब्बत ,नफरत , तुम सब सुनो , माफ़ी के साथ गुज़ारिश ,तुम्हारे लिए तुम्हे अल्फ़ाज़ों में पिरो कर शायरी के लिए अभी मेरा मन नहीं ,, मेरे पास वक़्त नहीं , क्योंकि में खुद अभी अपनी तकलीफ में , अपने नज़दीकी रिश्तेदार की तकलीफ में ,उनकी दुआओं के लिए ,आपकी दुआओं की ज़रूरत के साथ ,शामिल हूँ ,,सो प्लीज़ ,अल्लाह सब ठीक करे , इंशा अल्लाह फिर में अपने अल्फ़ाज़ों के साथ मौजूद रहुगा ,,अगर अल्लाह ने चाहा तो , अख्तर

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