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21 सितंबर 2020

देश का किसान अब अन्नदाता नहीं होगा

 देश का किसान अब अन्नदाता नहीं होगा ,,देश का किसान अब जय किसान नहीं कहलायेगा ,क्योंकि ,देश की हर कम्पनी ,देश के प्लेटफॉर्म ,देश की ट्रेने , हवाई जहाज़ ,सब कुछ बेचने वालों ने अब किसानों को ,ज़र खरीद ,, बनाकर ,कंपनियों के आगे ,साहूकारों के आगे भामोड़ने के लिए कोशिशें शुरू कर दी है ,, जी हाँ अब ज़रूरत मंद किसान को अब , यह पूंजीपति , यह केंद्र सरकार चलाने वाली फाइनेंस कम्पनी संचालक ,, सब्ज़ बाग़ दिखाएँगे ,, ,दाम के नाम पर ललचायेंगे ,एग्रीमेंट करेंगे ,और फिर एग्रीमन्ट के क्लोज़ के नाम पर सरकार के इंस्ट्रूमेंट बने , उप कलेक्टर ,कलेक्टर के पास मुक़दमे करके ,, जैसे फैसले होते रहे है फैसले करवायेंग ,किसान अन्न दाता से इनका नौकर ,गुलाम बन जाएगा ,अब जय किसान नहीं ,जय अडानी ,जय अम्बानी होगा ,सरकार अगर किसानों को फायदा देना चाहती , तो अध्यादेश नहीं क़ानून लाती ,पूरा विचार विमर्श होता ,, क़ानून में कलेक्टर ,उप कलेक्टर को न्यायिक अधिकार देने की जगह ,न्यायिक मजिस्ट्रेटों के यहां विधिक सुनवाई के बाद कार्यवाही का अधिकार होता ,, फसल का न्यूनतम मूल्य ,आवश्यक रूप से निर्धारित होता ,,किसानों की ज़मीन किसी भी सूरत में हथियाई नहीं जा सकेगी ,ऐसी पाबंदी होती ,, लेकिन क्या करे ,,,सरकार हम ,या वोह ,या आप थोड़ी चला रहे है ,,देश बिक रहा है ,देश की विरासत बिक रही है ,देश की सुख सुविधाएं ,,सरकार निजीकरण के नामपर अपने चहेतों को दे रही है ,फिर वोह चाहे रक्षा उपकरण हो या फिर किसानों की व्यवस्थाएं हो ,,, अख्तर

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