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28 अगस्त 2020

सुनो, तुम्हारा मुझ से

 सुनो, तुम्हारा मुझ से
प्यार का जब नाटक था ,
उन लम्हों में
शिद्दत से मिला तुम्हारा प्यार
याद आया तो,
मोहब्बत की हया से
चेहरा लाल हो गया , अख्तर

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