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24 अगस्त 2020

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस में देश को नेतृत्व देने के लिए अशोका दी ग्रेट साबित हुए है ,,

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस में देश को नेतृत्व देने के लिए अशोका दी ग्रेट साबित हुए है ,, उन्होंने अपने गाँधीवादी तरीके से ,एक बार फिर देश के लिए मर मिटने वाले परिवार की वर्तमान मुखिया ,,श्रीमती सोनिया गाँधी को फिर से राष्ट्रिय अध्यक्ष का नेतृत्व स्वीकार करने के लिए मना लिया है ,,, अशोक गहलोत के प्रस्ताव के साथ राजस्थान के दो सदस्य रघुवीर मीणा ,, भंवर जितेंद्र सिंह सहित दूसरे साथियों ने भी उनका समर्थन किया और ,,कांग्रेस पद का राष्ट्रिय अध्यक्ष छोड़ने की ज़िद पर अडी श्रीमती सोनिया गांधी को मना ही लिया ,, अशोक गहलोत का नेतृत्व , समसझदारी ,,उनकी कांग्रेस के प्रति विश्वसनीयता ,फिर साबित हुई है ,,भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए ,,इक्कीस तोपों की सलामी की साज़िश भी फेल हो गयी है ,और यह सलामी देने वाले अगल बगल झांकती नज़र आये , खेर मेने पहले ही घोषणा की थी के श्रीमती सोनिया ही वर्तमान हालातों में कांग्रेस के लिए बेस्ट है ,, मेने सुबह ही लिखा था ,,, न नार्थ ,न साउथ ,न ईस्ट ,,न वेस्ट ,, सोनिया इस दी बेस्ट ,,, वर्तमान हालातों में ,,देश में , पूरे भारत देश में ,, कांग्रेस संगठन में कोई भी एक ऐसा व्यक्तित्व ,कोई भी एक ऐसा नेतृत्व ,, कोई भी एक ऐसा महान व्यक्ति हो ,,जो देश के लिए क़ुर्बानियां दे चूका हो ,जो रस मलाई वाले पद मिलने वाले ठुकरा चूका हो ,,अगर ऐसा एक भी शख्स हो तो निश्चित तोर पर उसे ,, कांग्रेस का देश का नेतृत्व देने में मुझे कोई आपत्ति नहीं ,, लेकिन कोई ऐसा हो तो सही ,, देश जानता है ,विश्व जानता है ,, कुछ निककर छाप लोग किसी ही बकवास करे ,, कुछ भी इलज़ाम लगाए ,, किसी ही जांचें करवाकर ,बदनामी के छीटें उछालें , लेकिन एक महान व्यक्तित्व , एक त्याग ,महानता की पहचान अगर देश में है तो वोह सिर्फ ,सिर्फ एक महिला ,श्रीमती सोनिया गाँधी है ,, बात परिवार की नहीं ,बात गांधीवाद की नहीं ,बात चमचागिरी ,चापलूसी की नहीं ,बात दिल पर हाथ रख कर खुद से ,,, खुद की अंतर्रात्मा से पूंछने की है ,,, आदरणीय सोनिया गांधी ,, जो देश में बहु बन कर आयीं , जिन्हे सियासत के मामले में कभी कोई लालच नहीं रहा ,, वोह अपने पति स्वर्गीय राजीव गाँधी के साथ ख़ुशी थीं ,एक प्रधानमंत्री की बहु होने के बावजूद भी वोह ,खुश थी ,,लेकिन देश की बहु के रूप में उन्होंने देश का मान ,,देश का सम्मान ,कभी कम न होने दिया ,कभी सर से आँचल नहीं उतरा ,कभी कोई बदतमीज़ी वाले बात नहीं की ,उनकी जुबां से हर अलफ़ाज़ देश को सुरक्षित , संरक्षित रखने वाले , कांग्रेस को मज़बूत करने वाले ही निकले ,, ज़रा सोचिये एक महिला जिसने अपनी गोद में अपनी सास ,देश की प्रधानमंत्री श्रीमती इंद्रा गांधी को दम तोड़ते देखा हो ,, एक महिला ,जिसने अपने पति स्वर्गीय राजीव गाँधी के देश के लिए शरीर के चीथड़े उड़ते देखे हों , उस महिला ने देश के लिए अपना सब कुछ क़ुर्बान कर दिया ,अनुवभ में अव्वल इसलिए के वोह , अपनी सास के वक़्त भी ,सारा प्रशासनिक कामकाज ,संगठन का कामकाज देखती समझती रहें ,जबकि पति स्वर्गीय राजीव गाँधी के समय तो उनका हर कामकाज में सीधा उनके साथ यात्राओं पर होने से संबंध रहा ,, यह पत्र लिखने वाले ,गाँधी मुक्त कांग्रेस करने की बात करने वाले ,देश में दंगे फसाद का माहौल बनाकर कुर्सी हथियाने वाले क्या जाने एक महिला क़ुर्बानी ,,एक महिला का स्वाभिमान ,एक महिला की राष्ट्र के प्रति समर्पित भक्ति को ,, सास ,,पति की क़ुर्बानी के ,बाद , अपने पति को बम से उढ़ाकर चीथड़े कर देने वाले आरोपियों के लिए माफ़ी की गुहार , का साहसिक क़दम कोई गांधी परिवार का सदस्य ही उठा सकता है ,, एक महिला जिसके सामने देश का प्रधानमंत्री पद था ,उस पद को जिस पद के लिए ,कई लोग हज़ारों लाशों के ढेर लगा देते है , वोह पद जिस पद पर पहुंचने के लिए हर शख्स बेताब रहता है ,, वोह प्रधानमंत्री का पद ठुकराने का इतिहास ,बनाती है ,,,ऐसा साहस सिर्फ सोनिया गांधी जी ने देश में ही नहीं विश्व में साकार करके दिखाया है ,,,राहुल गांधी जो उनके पुत्र है ,, अगर उनमे पुत्र मोह होता ,अगर वोह अपने पुत्र को प्रधानमंत्री बनाना चाहती ,तो उनके लिए चुटकियों का खेल था ,लेकिन उन्होंने अवसर रहने के बावजूद भी ,लोगों की डिमांड रहने के बावजूद भी कभी अपने पुत्र को इस पद पर बैठने के लिए निर्देश नहीं ,दिए सोनिया गाँधी को इस देश के बद्तमीज़ ,बेहूदा ,,कौरवों ,दुशासन ,दुर्योधन विचारकों ने क्या नहीं कहा , अपमानित किया ,बेहूदा अल्फ़ाज़ों से नवाज़ा ,कई लोग निककर छाप होने से , इलज़ाम लगाकर , सियासी पदों के लालच में दूसरी पार्टियों में चले गए , लेकिन इस महान राष्ट्र के प्रति समर्पित महिला ,श्रीमती सोनिया गाँधी ने धैर्य ,संयम नहीं छोड़ा ,, इनकी सुरक्षा छीन ली गयी ,झूंठे फ़र्ज़ी मुक़दमों की साज़िशे रचीं गयी ,, खुद आंतरिक निककर छाप भेदियों ने खुलकर बेवफाई की , लेकिन इस महिला ने उफ़ तक नहीं किया , हंसती मुस्कुराती ,इस देश को बचाने की कोशिश में लगी रहीं ,,हर क़दम पर वोह देश की प्रताड़ित ,मज़लूम जनता के साथ खडी मिली है , यहीं वजह है के आज भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अगर वोटिंग हो तो देश के सर्वोच्च पद पर बैठे लोगों के मुक़ाबिल उनके बेहतर वोट आएंगे ,,सोनिया के पास देश के लिए ,, देश के मज़दूर ,किसान ,गरीबों ,बेरोज़गारों के लिए योजनाए है ,,कांग्रेस संगठन को मज़बूती देने का हुनर है ,इसलिए यही सच है ,, नार्थ ,साउथ ,ईस्ट वेस्ट ,, सोनिया इस द बेस्ट ,, हाँ बस अब सोनिया गाँधी को माँ दुर्गा का रुख इख़्तियार करना होगा ,कांग्रेस और देश को बचाने के लिए यह ज़रूरी भी है ,सबसे पहले , कांग्रेस संगठन में ,,भाजपा के जो भीतरघाती ,दलाल बैठे है ,,जो मौके के इन्तिज़ार में है ,कुछ चले गए ,कुछ कोशिश कर रहे है , कुछ कोशिश कर चुकने के बाद ,,उन्हें वहां हिस्सेदारी नहीं मिलने पर वापस नयी कोशिश की ताक़त बनाने के लिए हमारे पास लोट आये है , अब ज़रूरत है ,एक व्यक्ति एक पद ,, नयी टीम को आगे लाने की , जो गद्दारी के टेग लगे हुए लोग है , उन्हें तलाशने की ,भाजपा के लिए जो हमारे संगठन में रहकर काम कर रहे है उन्हें तलाशकर , पहले ही सावचेत होने की ,अनुशासन का डंडा चलाने की ,, कांग्रेस के पास संगठन सलाहकारों में ,, अशोक गहलोत हैं ,अहमद पटेल है ,दूसरे और भी कई वरिष्ठ लोग है ,, उनका सलाहकार मंडल हो ,,कांग्रेस संगठन का जो संविधान है ,उसी की शत प्रतिशत पालना प्रारम्भ हों ,,ग्रास रुट के कार्यकर्ताओं तक आम सभा के रूप में नहीं ,वन तो वन मिलने के हिसाब से संगठन के नेताओं को पहुंचने के निर्देश हों ,,एक ब्लॉक अध्यक्ष ,,पी सी सी सदस्य सहित कुछ चुनिंदा ,पंचायत , शहरी निकाय के लोगों से ,. प्रदेश अध्यक्ष का वन तो वन सीधा टच हो ,,, संगठन में मज़बूती के लिए जहाँ सत्ता है ,वहां विधायक , मंत्री संगठन के पदाधिकारियों से अपने अपन क्षेत्रों में सलाह लेकर ,विकास कार्य ,ट्रांस्फर ,, पोस्टिंग ,,योजनाओं का क्रियान्वयन करे ,इस मामले में सख्ती की जाए तो फिर से हम देश के वर्तमान हालातों में ,, कांग्रेस को ,देश को ,बचाने के लिए आदरणीय श्रीमती सोनिया गाँधी के नेतृत्व में ,अव्वल रहेंगे , देश के हालात भी सुधरेंगे ,, लेकिन इसके लिए किसी का भी सोनिया जी के कामकाज में दखल बंद हो ,, फिर चाहे वोह उनका कितना ही घनिष्ठ ,कितना यही विशिष्ठ क्यों न हो ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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