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01 अगस्त 2020

कोरोना को रोना बंद करो ,और जो मरीज़ ,शुगर ,,हार्ट पेशेंट ,दमा सहित दूसरी बिमारियों से ग्रसित मरीज़ है ,, उनकी मोत के पीछे डॉक्टर्स की लापरवाही ,छुआछूत का खौफ ,क्या है इसकी जांच के पीछे पढ़कर ,, कुछ अनावश्यक बेमौत , मौतों को बचाने के बारे में सोचो

कोरोना को रोना बंद करो ,और जो मरीज़ ,शुगर ,,हार्ट पेशेंट ,दमा सहित दूसरी बिमारियों से ग्रसित मरीज़ है ,, उनकी मोत के पीछे डॉक्टर्स की लापरवाही ,छुआछूत का खौफ ,क्या है इसकी जांच के पीछे पढ़कर ,, कुछ अनावश्यक बेमौत , मौतों को बचाने के बारे में सोचो ,, राजस्थान सरकार ने तो इस मामले में , एक आदेश जारी कर ,ऐसे मरीज़ों की देखरेख ,और वहां सी सी टी वी कैमरे लगाने के निर्देश भी जारी कर दिए है ,, लेकिन राजस्थान सरकार के सख्त होने , अकेले अशोक गहलोत के प्रयासों से यह सम्भव नहीं है , केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , लोकतंत्र की हत्या कर विधायकों की खरीद फरोख्त कर , अलग अलग भाजपा को नकारे गए राज्यों में अपनी सरकारें बनाने में ,सारी ताक़त झोंक रहे है ,, पहले कर्नाटक ,गोआ , मिजोरम ,फिर मध्य्प्रदेश ,अब राजस्थान के स्ववाभिमान ,, राजस्थान के लोकतंत्र पर उनका हमला है ,,अशोक गहलोत की गाँधीवादी व्यस्थाओं के थे लगातार उनसे पत्र व्यवहार के बावजूद भी वोह नहीं सुधरे है ,,उनकी उनकी पार्टी की सियासी चालें , कोरोना संक्रमण बचाव व्यवस्थाएं करने की प्राथमिकता से अलग , कैसे भी राजस्थान सरकार को गिराना हो गया है ,फिर भी राजस्थान सरकर ने सभी ज़िलों में , कोरोना की सर्वाधिक जांचे ,इलाज ,क्वारेंटाइन व्वयस्थाये की है ,, लेकिन जब ,कुछ लापरवाही की शिकायते गयी ,तो राजस्थान सरकर ने इस खतरनाक लोकतंत्र की हत्या करने की साज़िशों के बावजूद भी , अपना फोकस , राजस्थान वासियों को कोरोना संक्रंमण से बचाने के लिए रखा है , कोरोना की नियमित गाइड लाइन , जिला कलेक्टरों , जिला चिकित्सा प्रभारियों से लगातार संवाद ,, जन प्रतिनिधियों के फीड बेक ,के बाद , अशोक गहलोत सरकार ने ,, कोरोना वार्डों में ,मरीज़ों के इलाज की पारदर्शिता के लिए वहाँ आवश्यक निर्देशों के साथ ,, सी सी टी वी कैमरे लगाने ,,मरीज़ों को अपने परिजनों से संवाद के लिए स्मार्ट फोन , लेबटोप , टेबलेट वगेरा के उपयोग की इजाज़त दी है ,ताकि डॉक्टर भी सजग सतर्क रहे ,, मरीज़ों को भी उनके परिजनों से विश्वास के संबंध स्थापित कर , उनसे संवाद का मौक़ा मिल सके ,,, खेर यह तो हुई सरकार की व्यवस्थाओं की बातें , लेकिन हमारा अपना भी दायित्व है , हम कोरोना की जांच करवा रहे है ,, अकेले कोटा की बात करने ,नियमित जांचों के बाद ,अगर पोजेटिव आ रहे है ,तो यह बेहतर बात है , इलाज हो रहा है ,सावधानियां बरतने की ज़रूरत है ,,न की , खुद डरने की , लोगों को डराने की ,बार बार कलेक्टर के पास जाकर , लोकडाउन लगाने की गुहार करने की ,, लगा कर देख लिए न लोक डाउन ,,केस तो तब भी बढे हुए थे ,, तब जांच का दायरा आज की जांचों के मुक़ाबले में बीस प्रतिशत भी नहीं था ,अब जांच का दायरा बढ़ रहा है ,, शहर खुले हुए ,है एहतियातन व्यवस्थाएं है ,लेकिन कुछ लोग आज भी लापरवाह है ,, उन्हें समझाओ ,उन्हें सिखाओ ,हाथ मिला रहे है ,अरे कुछ नहीं होता ,, बिना मास्क के घूम रहे है ,,अरे कुछ नहीं होता ,, हाँ कुछ नहीं होता , लेकिन ईश्वर ने ,अल्लाह ने एहतियाती क़दम उठाने के लिए भी कहा है ,जब आप पूजा नहीं कर रहे ,जब आप नमाज़ कंधे से कंधा मिलाकर नहीं पढ़ पा रहे तो , समझना होगा ,,,इस बीमारी को एहतियात चाहिये प्राकृतिक चिकित्सा के साथ मनोवैज्ञानिक शक्ति भी चाहिए ,, लेकिन रोज़ ,बाज़ार बंद करो ,लोकडाउन लगा दो ,अरे कोरोना विस्फोट , में तो घर से निकल ही नहीं रहा ,, जान है तो जहान है ,, रोज़ कोरोना मरीज़ों से खतरा बढ़ा , ,हम स्वेच्छा से अपने व्यापार बंद रखेंगे ,यह सिर्फ डराने वाली व्यवस्थाएं है ,डिप्रेशन में रहकर , दूसरों को भी डिप्रेशन में डालने के जुमले है ,हिम्मत रखो ,,खुलकर अपने काम पर जाओ ,लेकिन व्यवस्थाओं के साथ ,सेनेटाइज़ होकर ,मास्क लगाकर , आज दुकानदार अगर तय कर ले के बिना मास्क के किसी भी व्यक्ति को सामान नहीं देंगे तो दुकाने भी खुली रहेंगी और , कोरोना गाइड लाइन की पालना भी हो जायेगी , जो लोग ठेले वाले ,चाट वाले , कॅरियर वर्कर है , सब्ज़ी वाले ,दूध वाले ,अख़बार वाले है ,वोह सब अपनी अपनी कोरोना जांच कराये परफेक्ट हो जाए , पोजेटिव अगर आ भी गया , तो ,दवा लीजिये ,एहतियात बरतिए ,दूसरे को संक्रमित होने से खुद ही बचाइए ,, और दस दिन में सुरक्षित होकर फिर वापस अपनी दिन चर्या में ,, नियमित कामकाज लग जाइये ,व्यापार बंद करना , लोकडाउन की मांग ,करना सोशल मीडिया , अख़बारों में ,टी वी में कोरोना विस्फोट के जुमलों से सिर्फ डिप्रेशन ही होगा ,मरीज़ ठीक नहीं होंगे , कोरोना से लोग बचेंगे ,नहीं इसलिए अब कोरोना की सामान्य पोजेटिवनेस के बारे में भूल जाओ ,,, सिर्फ गंभीर मरीज़ ,जिन्हे दिल की बिमारी , शूगर की बिमारी ,, साँस ,दमे की बिमारी ,दूसरी बीमारियां होने से ,, उन्हें डॉक्टर छूते भी नहीं , कोटा सहित राजस्थान , पूरे भारत देश में इस तरह के मरीज़ों की मोत की कई शिकायतें आयी है ,अब हमे कोरोना का रोना बंद करना होगा ,बार बार कलेक्टर के पास जा कर ,लोकडाउन , बाज़ार बंद करने की बेवकूफियों के सुझाव , और दबाव बंद करना होगा ,केंद्र सरकार ,विश्व स्वास्थ्य संगठन बेवक़ूफ़ है ,जो वोह लोकडाउन खोलने के लिए चरणबद्ध योजनाए दे रहा है ,,,, एक तरफ देश खुलने की तरफ है और हम मानसिक रोगी बनकर ,डिप्रेशन में खुद आकर ,दूसरे लोगों में खौफ का वातावरण बनाकर उन्हें डिप्रेशन लाने के प्रयास कर रहे है ,,जो स्वस्थ्य है , जो होम क्वारेंटाइन है ,उन्हें इसके साथ जीना होगा ,,एहतियात पूरे करना होंगे ,, हाथ मिलाने ,बिना सेनेटाइज़ के बाहर निकलने ,की गंदी आदतें छोड़ना होंगी ,, एहतियात बरतना होंगे ,और अनावश्यक कोरोना विस्फोट ,अरे अब क्या होगा ,इन फालतू बातों से बचना होगा , सरकारों को अपना काम करना है ,,एक पोस्टकार्ड ,एक ई मेल संदेश प्रधानमंत्री महोदय को रोज़ करना होगा ,, उन्हें बताना होगा ,देश खतरे में है ,,देश को बचाओ ,, लोकतंत्र में लोकतनत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकारों को गिराने में अपनी ताक़त मत लगाओ पहली प्राथमिकता ,, कोरोना से बचाव के उपायों की करो ,, अपने प्यादों को समझाओ ,खरीद फरोख्त बंद करे ,अगर इतने रूपये है तो सरकारें गिराने ,सरकारें बनाने में खर्च करने की जगह ,, यह रुपया कोरोना के खिलाफ जंग में लगाओ ,, कलेक्टर को बार बार लोकडाउन , लोकडाउन का रोना रोकर परेशान मन करो ,कोरोना को रोना बंद करो ,कोरोना से बचने ,कोरोना से संघर्ष करने ,और अनावश्यक होने वाले मौतों को बचाने की बात करो ,, अस्पतालों में कोरोना कल से अब तक , जितनी भी मौतें हुई है ,उनके सभी के इलाज के दस्तावेज ,जांच रिपोर्ट्स ,,उनकी दवाये ,उनकी बिमारियों के पर्चे ,हिस्ट्री ,एक साथ एकत्रित करो ,विशेषज्ञों से सभी मामलों में राय लो ,,पता लगाओ क्या इन मरीज़ों को बचाया जा सकता था ,कमिया कहा रहीं उनमे किस तरह के सुधारों की ज़रूरत है ,ऐसी व्यवस्थाएं करके ,अनजान मौतें , कोरोना जांच के नाम पर इलाज में देरी , लापरवाही , डर के मरे मरीज़ से दूरी , कहीं इन सब के कारण तो नहीं , इन्हे सुधारों ,राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने तो सी सी टीवी कैमरे ,, ऍण्रॉइड ,फोन , लेबटोप , व्यवस्थाओं से इस मामले में पारदर्शिता के सिद्धांत के साथ ,व्यवस्थाएं कर दी है ,,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहिब को समझाओ ,, लोकतान्त्रिक तरीक़ो से चुनी हुइ सरकारों को गिरा कर ,,चोर दरवाज़े से सरकारों पर क़ब्ज़ा करना बंद करो ,अपना ध्यान ,अपना धन अपने सांसदों ,विशेषज्ञों ,पूंजीपतियों को , कोरोना संक्रमण से आम जनता को बचाने में ,, लगाओ ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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