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28 अगस्त 2020

शहद की शक्ल में वो नीम बन के बैठा है

 शहद की शक्ल में वो नीम बन के बैठा है
बोलता झूठ है और अज़ीम बन के बैठा है !
हमारे जिस्म से वो क्या ज़हर निकालेगा
ज़हर पिलाने वाला ही हकीम बन के बैठा है !
मुजरिमों के हौसले बुलंद क्युँ न हों यहाँ
क़ातिल ही जब हाकिमे-तस्लीम बन के बैठा है !

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