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11 अगस्त 2020

मोदी जी , अमित शाह जी ,, नड्डा जी , देश के लोकतंत्र की खरीद फरोख्त कर , कांग्रेस युक्त भाजपा बनाकर 120 विधायकों ,, सांसदों , पूर्व सांसदों की खरीद फरोख्त कर चुनी हुई सरकारों ,, सुन लो ,तुम्हे पहले भी चेताया था

 

मोदी जी , अमित शाह जी ,, नड्डा जी , देश के लोकतंत्र की खरीद फरोख्त कर , कांग्रेस युक्त भाजपा बनाकर 120 विधायकों ,, सांसदों , पूर्व सांसदों की खरीद फरोख्त कर चुनी हुई सरकारों ,, सुन लो ,तुम्हे पहले भी चेताया था ,,यह राजस्थान है ,यहाँ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत है ,सोनिया गाँधी के कुशल नेतृत्व का अनुशासन ,है यहाँ तुम्हारे साम्राजयवाद की दाल नहीं गलेगी ,, तुम्हारे साम्राजयवाद का अश्वमेध यज्ञ ,, राजस्थान में अशोक गहलोत पकड़ कर ,, अस्तबल में डाल देंगे , यही हुआ ना ,अशोक गहलोत के नेतृत्व , सचिन पायलेट के समन्वय , सोनिया गांधी के निर्देशों पर , राजस्थान की सरकार तो अपनी जगह है ,लेकिन तुम्हे अपने विधायकों को संभालने के लिए , लाखों ,, करोड़ों के विमान किराये पर लेकर ,,,उन्हें बधंक बनाकर रखना पढ़ रहा है ,, इसे कहते है ,नहले पर दहला ,इसे कहते है , ,, अशोक गहलोत ,ज़िंदाबाद ,, सोनिया गांधी ज़िंदाबाद , कांग्रेस ज़िंदाबाद ,इसे कहते है ,अशोका दी ग्रेट ,, इसे कहते है ,अशोक गहलोत की जादूगरी , ,बगावत होती है ,, शिकवे शिकायत होते है , लेकिन बागियों के बगैर भी अशोक गहलोत ,अपने समर्थको के साथ कूल डाउन रहकर ,, सरकार बचाने में सक्षम थे ,,फिर भी बागियों की भूल ,कहो ,गलतियां कहो ,उन्हें माफ़ कर वोह गले लगाने के लिए हमेशा तैययार , तत्पर मिले ,, अशोक गहलोत ने , राजस्थान में सरकार चलाने के लिए बहुमत विधायकों के बावजूद ,उनके द्वारा ,बागियों को फिर वापसी पर एतराज़ के बाद भी ,संगठन हित में फिर से समन्वय ,,बनाया है , ,सचिन पायलट के शिकवे शिकायत भी दूर होंगे , उनका स्वाभिमान ,सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाएगा , उन्हें उनके साथ गए लोगों को ,फिर से गले लगाया जाएगा ,, यह एक महानता ही है , के लूज़र नहीं होने पर भी , कमज़ोर नहीं होने पर भी ,, सरकार चलाने में पूर्ण सक्षम होने पर भी , हाईकमान जो कहे वोह सही है ,स्वीकार किया है ,,, अशोक गहलोत ही थे जो अचानक ,संकट , अचानक अल्पमत के प्रयासों को , उन्होंने मुक़ाबला कर ,, हरा कर रख दिया ,, जो कांग्रेस के थे ,जो कांग्रेस ज़िंदाबाद के साथ थे ,वोह कांग्रेस के साथ रहे ,, कांग्रेस व्यक्ति नहीं ,कांग्रेस कांग्रेस है ,व्यक्ति आते है ,जाते है ,पहले भी कांग्रेस में ऐसी ही परम्परा रही है ,, मध्य्प्रदेश ,कर्नाटक की बात हम छोड़े ,गोआ की बात हम छोड़े ,वहां अशोक गहलोत नहीं थे , लेकिन राजस्थान में अशोक गहलोत है ,, यहाँ जो राजस्थान का विकसित चमन है ,, उसके माली वोह थे भी हैं भी और केयरटेकर रहेंगे भी ,, यह उन्हें इन दिनों मिले अपार समर्थन से साबित भी हो चुका है , जिस चमन का हर पौधा , हर फूल ,,बागबान की रखवाली में हो ,वोह मुरझाये ऐसा मुमकिन है ही नहीं , और अशोक गहलोत निश्चित तोर पर , राजस्थान खूबूसरत बाग़ के बागबान है , तो सचिन पायलेट का समन्वय इस बाग़ में और चार चाँद लगाकर ,महकाने को तैयार है ,, अशोक गहलोत गुरु है ,, इनसे झगड़ने की जगह , इनमे कमिया निकालने की जगह , इनसे बगावत करने की जगह , इनसे सीखना चाहिए ,,इनकी ,जादूगरी , इनकी मुस्कुराहट ,, कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष ,पर बेहूदा हमला करने वालों को खुली चुनौती ,,उनके खिलाफ खुलकर बयानबाज़ी ,, लोगों को साथ लेकर चलने की समवन्य की ज़िम्मेदारी का अनुभव , राजस्थान की विकास योजनाओं का क्रियावयन , केंद्र में भाजपा सरकार से हमेशा मुक़ाबला करना ,, गाँधीवादी होने पर भी ,, कांग्रेस संगठन की प्रतिष्ठा को बचाने ,, लोकतंत्र को बचाने के लिए ,,अहिंसक तरीके से ,खुलकर चुनौतियां देना , मुक़ाबला करना , ,भाजपा के चौबे जी बनने चले थे ,खुद ही छब्बे जी बन गए ,, क्या नहीं किया ,, बगावत करवाई ,,बेहूदा बयान दिलवाये ,विधायकों को बहकाया , बर्गलाया ,,मिडिया मैनेजमेंट रखा , गवर्नर का दुरूपयोग किया ,बार बार दुरूपयोग किया ,, सी बी आई ,,ई डी इनकम टेक्स ,अपने ही लोगों की बेवफाई का गम , हाईकोर्ट ,सुप्रीमकोर्ट , भाजपा के वकील हरीश साल्वे ,वगेरा वगेरा , न जाने क्या क्या हरकतें , लेकिन जादूगर की जादूगरी ,102 बगावत के बाद भी , और जो भाजपा हाईकमान कांग्रेस तोड़ने की साज़िश में ,कांग्रेस पर ,बाड़ेबंदी के आरोप लगा रहे थे ,वही भाजपा हाईकमान के खुद के सम्भले नहीं ,दूसरों के संभालने चले थे ,,जैसी कहावत अशोक गहलोत ने उनके लिए साबित कर दी ,,बेचारे ,,कांग्रेस के बाड़ेबंदी ,, कांग्रेस विधायकों की महमाननवाज़ी भूल कर ,अपने विधायकों की बाड़ेबंदी ,चार्टेड प्लेन ,, रिसोर्ट , होटलों की व्यवस्थाओं में जुट गए ,, अशोक गहलोत ने साबित कर दिया वोह कांग्रेस संगठन की मान ,प्रतिष्ठा बचाये रखने के लिए किसी भी तरह के संघर्ष को तैयार , तत्पर ,रहते है , इसलिए उस्ताद से उस्तादी नहीं ,उनसे उनके गुर सीखिये ,, उनके साथ रहिये ,उन्हें अपनाइये ,बहुत कुछ सीखने को मिलेगा ,अशोक गहलोत को ,अशोक महान बनने के लिए सबसे मुस्कुरा कर ,बात करना होती है ,उन्हें सभी के लिए नियमित एवेलेबल रहना होती है ,वोह भाजपा पर खुलकर हमला बोलते है ,,रास्ते के सफर में अगर दस कार्यकर्ता भी सड़क पर उनका इन्तिज़ार करते हुए घंटो से खड़े रहते है ,तो वोह सीधे कर का शीशा चढ़ाकर , नहीं ले जाते वोह कार से नीचे उतरते है , कार्यर्कताओं की पीठ थपथपाते है ,, उनके कंधे पर हाथ रखते है ,कोई पत्र उनके पास ,जाए ,कोई सुझाव उनके पास जाए ,,तो वोह उसका जवाब देते है ,रेस्पोंस देते है ,, वोह सत्ता के कितने ही बढे पद पर हों ,वोह संगठन को अहमित देते है ,इसीलिए तो उनके गुर्त्वाकर्षण ,उनकी चुंबकीय शक्ति ,, का कमाल है ,के रूठे हुए साथी फिर से मान गए ,,उनके मान सम्मान ,स्वाभिमान संरक्षित रहेगा ,,भाजपा में भी उनका गुर्त्वाकर्षण ही , उनकी जादूगरी ही कही जायेगी ,के भाजपा के विधायक भी उनकी सरकार इस तरह की सौदेबाज़ी ,,बगावत व्यवस्था को हवा देकर न बनाई जाए के पक्ष में रहे , और भाजपा को टूट का खतरा सताने लगा ,, यह जादूगरी नहीं तो और क्या है ,,इसलिए भाजपा के नेताओं पर खुलकर संवैधानिक ,तहज़ीब के दायरे में तर्कों के साथ हमला करके आप देखिये तो सही , सरकार चलाने के सक्षम आंकड़े होने के बावजूद भी ,अपने लोगों के अपनेपन के लिए झुक जाना ,महानता नहीं तो और , क्या है ,,बस अब , महानता का नया दौर शुरू होना चाहिए ,,, वफ़ादारी का अटूट बंधन होना चाहिए ,निजी स्वार्थों के लिए पार्टी को दांव पर न लगाया जाए इनकी गारंटी होना चाहिए ,, सजग , सतर्क रहकर , मिलजुलकर ,एक जुट होकर ,राजस्थान के विकास ,,सरकार के संचालन ,और कांग्रेस संगठन की मज़बूती के लिए काम करना चाहिए ,अभी गुजरात ,, मध्य्प्रदेश के उप चुनाव सर पर है ,वहां उप चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में ,बिना किसी पूर्व कांग्रसी जो ,सत्ता के लालच में कांग्रेस के गद्दार होकर अब भाजपा से चुनाव लड़ रहे है , उन्हें सबक़ सिखाने के लिए खुलकर ,उनके खिलाफ प्रचार कर ,यह साबित करना चाहिए , के हमारे लिए रिश्ते ,नाते ,दोस्ती से बढ़कर ,,कांग्रेस है ,कांग्रेस का स्वाभिमान , मान सम्मान पहले है ,,एक बार फिर ,राजस्थान में इस समन्वय के लिए अशोक गहलोत की जादूगरी ,, कांग्रेस हाईकमान के समन्वय ,,कांग्रेस के रूठे हुए ,बागी विधायकों का फिर से लौटकर आने की कवायद को बधाई , और कहावत तो कहेंगे ही ,, बुरी नज़र वाले तेरा मुंह काला ,,,,, सोनिया गाँधी ज़िंदाबाद ,, अशोक गहलोत ज़िंदाबाद ,,,कांग्रेस संगठन ज़िंदाबाद ,, सचिन पायलट समवन्य ज़िंदाबाद ,, फिर से कांग्रेस एकता ज़िंदाबाद ,,,, अशोक गहलोत की जादूगरी ज़िंदाबाद ,, अशोक गहलोत की महा गुर गिरी ज़िंदाबाद ,, अशोक गहलोत की गांधीगिरी ज़िंदाबाद ,, अशोक गहलोत की लोकतंत्र के संरक्षण के लिए महासंग्राम की लड़ाई ज़िंदाबाद ,, , अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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