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17 जुलाई 2020

यह म्हारो राजस्थान है ,यह ,स्वाभिमानी ,महाराणा प्रताप का राजस्थान है ,,अकबर सूरमा होगा तो होगा ,लेकिन अकबर राजस्थान में आकर हारा था

यह म्हारो राजस्थान है ,यह ,स्वाभिमानी ,महाराणा प्रताप का राजस्थान है ,,अकबर सूरमा होगा तो होगा ,लेकिन अकबर राजस्थान में आकर हारा था ,,और अभी भी भारत में खुद को अकबर समझकर ,देश भर में अपना साम्राज्य गद्दारों के बल पर स्थापित करने वाले अकबर को , राजस्थान में मुंह की खाना पढ़ी है ,, जी हाँ दोस्तों , यह राजस्थान है ,,यहाँ चाहे रेगिस्तान हो , लेकिन यहाँ स्वाभिमान है , यहां जय चंद हो सकते है ,, यहाँ अकबर के बहकावे में आकर शासन के खिलाफ बगावत कर सकते है , लेकिन यह धरती महाराणा प्रताप के साभिमान की है ,यहाँ जब उनका घोडा चेतक वफादारी की मिसाल है ,,उनका सेनापति ,,हकीम खान सूरी , में वफ़ादारी के लिए शहीद होने का जज़्बा है , तो फिर अकबर बने तुम अकबर की तरह अपना साम्राज्य , राजस्थान में लोकतंत्र की हत्या कर फैलाने की जो कोशिशों में लगातार हो ,, हर जगह हारोगे ,, स्वाभिमानी राजस्थान महाराणाप्रताप की यह धरती ,, अकबर की तरह तोड़फोड़ कर ,,गद्दारों को हवा देकर अपना शासन फैलाने की कोशिशें जो दूसरे सूबों में कामयाब होती रहे है ,यहाँ इस राजस्थान की धरती पर ,अकबर की तर्ज़ पर तुम्हारी एक भी चाल , म्हारो राजस्थान ,,महाराणा प्रताप के स्वाभिमान , संघर्ष ,ज़िम्मेदारी ,वफादारी ,,बलिदान के इस राजस्थान में हरगिज़ हरगिज़ कामयाब नहीं होगी ,, गद्दारों को तुम , अकबर की तरह अपना साम्राज्य फैलाने के लिए चाहे तुम कितना ही उकसा लो , कितना ही उन्हें खरीद कर ,उनसे हमारे भेद ले लो ,हमारे खिलाफ उन्हें इस्तेमाल कर लो ,लेकिन महाराणा प्रताप के स्वाभिमान ,बलिदान की यह धरती राजस्थान , अकबर की क्रूरता की तरह फैलाये जा रहे लोकतंत्र की हत्या कर , तुम्हारा यह साम्राज्य्वाद इंशा अल्लाह राजस्थान में सफल नहीं होगा ,,, अभी भी जिनमे स्वाभिमान है ,जिनमे गद्दारी नहीं ,जिनमे राजस्थान की आन बान शान ,,,महाराणप्रताप के स्वाभिमान का थोड़ा अंश ,थोड़ी शिक्षा भी बाक़ी है , तो वोह अकबर के साम्राजयवाद निति के खिलाफ फिर से आवाज़ उठाये ,,फिर से राजस्थान के स्वाभिमान के साथ लोट आये ,,वीर योद्धा ,स्वाभिमानी महाराणाप्रताप की वीर गाथा ,वफादारी ,का मान सम्मान करे ,अकबर की तरह लोकतंत्र की हत्या कर , खरीद फरोख्त ,गद्दारों की गद्दारी से साम्राज्य बढ़ाने वाली निति का विरोध यहाँ महाराणा प्रताप की स्वाभिमानी धरती पर गद्दारों से गठबंधन ,और अकबर के साम्राजयवाद को यहाँ के महाराणा प्रताप , उनके सिपहसालार हकीम खान सूरी जैसे लोग ,,भामाशाह जैसे लोग वफादार भील ,,वनवासी लोग , किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देंगे ,,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान,,और अभी भी भारत में खुद को अकबर समझकर ,देश भर में अपना साम्राज्य गद्दारों के बल पर स्थापित करने वाले अकबर को , राजस्थान में मुंह की खाना पढ़ी है ,, जी हाँ दोस्तों , यह राजस्थान है ,,यहाँ चाहे रेगिस्तान हो , लेकिन यहाँ स्वाभिमान है , यहां जय चंद हो सकते है ,, यहाँ अकबर के बहकावे में आकर शासन के खिलाफ बगावत कर सकते है , लेकिन यह धरती महाराणा प्रताप के साभिमान की है ,यहाँ जब उनका घोडा चेतक वफादारी की मिसाल है ,,उनका सेनापति ,,हकीम खान सूरी , में वफ़ादारी के लिए शहीद होने का जज़्बा है , तो फिर अकबर बने तुम अकबर की तरह अपना साम्राज्य , राजस्थान में लोकतंत्र की हत्या कर फैलाने की जो कोशिशों में लगातार हो ,, हर जगह हारोगे ,, स्वाभिमानी राजस्थान महाराणाप्रताप की यह धरती ,, अकबर की तरह तोड़फोड़ कर ,,गद्दारों को हवा देकर अपना शासन फैलाने की कोशिशें जो दूसरे सूबों में कामयाब होती रहे है ,यहाँ इस राजस्थान की धरती पर ,अकबर की तर्ज़ पर तुम्हारी एक भी चाल , म्हारो राजस्थान ,,महाराणा प्रताप के स्वाभिमान , संघर्ष ,ज़िम्मेदारी ,वफादारी ,,बलिदान के इस राजस्थान में हरगिज़ हरगिज़ कामयाब नहीं होगी ,, गद्दारों को तुम , अकबर की तरह अपना साम्राज्य फैलाने के लिए चाहे तुम कितना ही उकसा लो , कितना ही उन्हें खरीद कर ,उनसे हमारे भेद ले लो ,हमारे खिलाफ उन्हें इस्तेमाल कर लो ,लेकिन महाराणा प्रताप के स्वाभिमान ,बलिदान की यह धरती राजस्थान , अकबर की क्रूरता की तरह फैलाये जा रहे लोकतंत्र की हत्या कर , तुम्हारा यह साम्राज्य्वाद इंशा अल्लाह राजस्थान में सफल नहीं होगा ,,, अभी भी जिनमे स्वाभिमान है ,जिनमे गद्दारी नहीं ,जिनमे राजस्थान की आन बान शान ,,,महाराणप्रताप के स्वाभिमान का थोड़ा अंश ,थोड़ी शिक्षा भी बाक़ी है , तो वोह अकबर के साम्राजयवाद निति के खिलाफ फिर से आवाज़ उठाये ,,फिर से राजस्थान के स्वाभिमान के साथ लोट आये ,,वीर योद्धा ,स्वाभिमानी महाराणाप्रताप की वीर गाथा ,वफादारी ,का मान सम्मान करे ,अकबर की तरह लोकतंत्र की हत्या कर , खरीद फरोख्त ,गद्दारों की गद्दारी से साम्राज्य बढ़ाने वाली निति का विरोध यहाँ महाराणा प्रताप की स्वाभिमानी धरती पर गद्दारों से गठबंधन ,और अकबर के साम्राजयवाद को यहाँ के महाराणा प्रताप , उनके सिपहसालार हकीम खान सूरी जैसे लोग ,,भामाशाह जैसे लोग वफादार भील ,,वनवासी लोग , किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देंगे ,,,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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