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09 जुलाई 2020

एक शख्स जो शाहीन की मानिंद शाहीन भी है ,, जिसकी शाहीन की तरह परवाज़ भी है ,,ऐसी शख्सियत जिसकी निगाह शिकारी शाहीन की तरह अपने कामयाब टारगेट कर्त्तव्यनिष्ठा की सफलता पर भी ,है

एक शख्स जो शाहीन की मानिंद शाहीन भी है ,, जिसकी शाहीन की तरह परवाज़ भी है ,,ऐसी शख्सियत जिसकी निगाह शिकारी शाहीन की तरह अपने कामयाब टारगेट कर्त्तव्यनिष्ठा की सफलता पर भी ,है और वोह शाहीन माशाअल्लाह , अपनी हर प्रशासनिक शैली ,प्रशासनिक अधिकारीयों की सफल नेतृत्व क्षमता में कामयाब भी है ,, जी हाँ दोस्तों में बात कर रहा हूँ ,,मुख्यमंत्री राजस्थान अशोक गहलोत के कार्यालय में नियुक्त विशेषाधिकारी ,,भाई शाहीन अली की , जिन्हे विरासत में खुद्दारी ,, प्रशासनिक कुशल प्रबन्धन , देश के लिए मर मिटने का फौजी जज़्बा ,, कर्तव्यनिष्ट ,पुलिस ,प्रशासनिक अधिकारी की परवरिश मिली है ,,प्रशासनिक अधिकारीयों का नेतृत्व , सफल नेतृत्व भी इनकी परवरिश में शामिल रहा है ,,इसीलिए शाहीन अली ,राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशों की क्रियान्विति को लेकर राजस्थान के प्रशासनिक अधिकारीयों के खिलाफ सख्त होते ,,है , लेकिन जब बात प्रशासनिक अधिकारीयों के पदीय कर्तव्य निर्वहन के वक़्त ,,शोषण उत्पीड़न , उनके अपमान ,पक्षपात की बात आती है ,तो यही शाहीन अली प्रशासनिक अधिकारीयों के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में ,उनका नेतृत्व करते ,हुए गाँधीवादी संवेदनशील मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष विम्रता ,तार्किक तरीके से ,प्रशासनिक अधिकारीयों का दर्द बयांन कर उन्हें इंसाफ दिलाते है ,,,,शाहीन अली इनका परिवार किसी पहचान का मोहताज नहीं ,, राजस्थान में झुंझुनू ज़िले के छोटे से गाँव नुआं जहाँ शाहीन अली के कायमखानी परिवार ने ,मुस्लिम परिवार ने ,,देश के हर शख्स को ,,पढ़ो पढ़ाओ ,ज़िम्मेदार बनो , ज़िम्मेदारी निभाओ ,देश की सीमाओं की सुरक्षा हो ,,प्रशासनिक व्यवस्थाएं हो ,हर जगह अगर शाहीन परिंदे की तरह ,अपने टारगेट को लेकर ,कामयाबी को एक शिकार समझते हुए ,शाहीन शिकारी की तरह से ,इस टारगेट का शिकार करोगे ,तो कामयाब भी बनोंगे ,दूसरों के लिए अनुकरणीय भी रहोगे ,, विशेषाधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय शाहीन अली के दादा हयात मोहम्मद खान ,देश की सीमाओं के लिए मर मिटन के जज़्बे ,बहादुरी के जज़्बे के साथ फौज में अधिकारी थे ,उनकी परवरिश ,शाहीन अली के परिवारजनों की टार्गेटिव शिक्षा प्रबंधन व्यवस्था ही है ,जो इस परिवार में एक आई पी एस तीन आई ऐ एस ,,एक आई आर एस ,,पांच आर ऐ एस ,,आर पी एस , फौज में दो कर्नल सहित हर तरह की ज़िम्मेदार व्यवस्था के अधिकारी इस परिवार में कामयाबी के साथ बने ,इन्होने कायमखानी परिवार ,,मुस्लिम समाज ,राजस्थान के शैक्षणिक माहौल ,, झुंझुनू , झुंझुनू के नुआं गाँव के लोगों को ,,पढ़ो पढ़ाओं , कामयाब बनो ,का अनुकरणीय संदेश दिया है ,, कोई काम नहीं है , मुश्किल ,जब किया इरादा पक्का ,के नारे को क्रियान्वित करके बताया है ,, फौज में अधिकारी हयात मोहम्मद खान ,,शाहीन अली के दादा थे ,जिनकी परवरिश में ,शाहीन अली के वालिद ,आई पी एस , चाचा अशफ़ाक़ हुसैन ,ज़ाकिर हुसैन आई ऐ एस ,रहे , जबकि फराह खान कज़िन आई आर एस है ,जिनके पति कमरुल ज़मन चौधरी आई ऐ एस है ,, शाहीन अली ,,उनकी पत्नी , शाहीन अली की बुआ के पुत्र पुत्र वधु सलीम खान आर ऐ एस ,है ,जबकि इनके कज़िन शाकिब ,इशरत , फौज में सीमाओं की सुरक्षा में कर्नल के पद पर शामिल हैं ,, जबकि अख्तर बानो सना सिद्दीक़ी सेटलमेंट ऑफिसर ,,,है शाहीन अली की पत्नी जेल उपाधीक्षक है ,,, इस तरह से ,मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात विशेषाधिकारी शाहीन अली की विरासत ,परवरिश में ,राष्ट्रप्रेम ,कर्तव्यनिष्ठा ,,प्रशासनिक कर्तव्यों के निर्वहन की अद्भुत ऐतिहासिक क्षमता है ,,, शाहीन अली के वालिद लियाक़त अली ,राजस्थान के हर ज़िले में पुलिस अधीक्षक ,महानिरीक्षक के पद पर रहे ,उनकी क़ानून व्यवस्था प्रशासनिक क्षमता को लेकर सभी मुख्यमंत्री उनकी पीठ थपथपाते थे ,,लियाक़त अली कई महीनों पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंद्रा गाँधी के प्रधानमंत्री कार्यालय में उनके विशिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी रहे ,,लियाक़त अली को पूर्व राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने , राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड की ज़िम्मेदारी दी ,जिसे लियाक़त अली ने ,व्यवस्थित तरीके से निभाया , लियाक़त अली के नेतृत्व में टोंक , कोटा ,जयपुर ,जोधपुर सहित कई ज़िलों में ऐतिहासिक सोंदर्यकरण कार्य हुए ,निर्माण कार्य हुए ,जबकि राजस्थान की वक़्फ़ सम्पत्ति का सर्वेक्षण ,कम्प्यूटराइजेशन हुआ ,, सरकार द्वारा राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड को ,विशेष ग्रांट राशि दी गयी ,लियाक़त अली राष्ट्रिय वक़्फ़ विकास परिषद में भी राष्ट्रिय सलाहकार रहे थे ,,, उनके आकस्मिक स्वर्गवास से कायमखानी समाज ही नहीं राजस्थान स्तब्ध था ,, शाहीन अली , जैसा नाम वैसा काम ,,जैसी परवरिश ,जैसी विरासत वैसी ज़िम्मेदारी , शाहीन परिंदे की तरह ,,शाहीन अली ने छात्र जीवन से ही ,प्रशासनिक प्रतियोगी परीक्षा ,को ,शिकार के रूप में टारगेट बनाया ,ग्रेजुएशन के साथ ही ,पढाई में खुद को हवन कर दिया , और शाहीन अली जैसा काम वैसा नाम , पहली बार में ही ,,प्रशासनिक प्रतियोगी परीक्षा में बेहतरीन नंबरों से सफलता हांसिल कर सभी को चौंका दिया ,, 6 जुलाई 1972 को कायमखानी प्रशासनिक , फौजी परिवार में जन्मे शाहीन अली ,, की मेहनत , लगन का ही परिणाम ,,उनकी राजस्थान प्रशासनिक सेवा में कामयाबी रही ,,अलग अलग महत्वपूर्ण पदों ,पर ,ज़िम्मेदारी ,,के साथ अनुभव हांसिल करते हुए शाहीन अली ,,इस ज़िम्मेदारी के ओहदे पर पहुंचे है ,,, 1997 में प्रशासनिक सेवा के चयन के बाद ,,शाहीन अली ने प्रशासनिक प्रशिक्षण प्राप्त किया , इन्हे अजमेर में सहायक कलेक्टर की ज़िम्मेदारी दो बार दी गयी ,जबकि अजमेर बार एस डी ओ के ज़िम्मेदार पद पर रहे ,शाहीन अली राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग सचिव ,वक़्फ़ बोर्ड राजस्थान में सम्पदा अधिकारी ,,मुख्यकार्यकारी अधिकारी भी रहे , शाहीन अली उप सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य , संयुक्त निदेशक स्टेट वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन,, उप निदेशक रीपा सहित कई महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियों के पदों पर कर्तव्यनिष्ठा के साथ ,,रहे , इन्हे वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेषाधिकारी बनाया गया ,,, फिर विभिन्न पदों पर रहने के बाद ,शाहीन अली अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यालय में संयुक्त विशिष्ठ शासन सचिव ,विशेषाधिकारी के रूप में कार्यरत है ,,शाहीन अली ,,राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड में ,,प्रशासनिक कोटे से पांच साल सदस्य भी रहे है ,, शाहीन अली की प्रशासनिक क्षमता ,,वफादारी ,ज़िम्मेदारी , दायित्यों के निर्वहन के प्रति ,,सजगतता सतर्कता की परवरिश का ही नतीजा ,है के वोह एक तरफ तो राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हर निर्देश की क्रियान्विति प्राथमिकता के आधार पर ,तत्काल त्वरित निस्तारित किया जाना अपनी ज़िम्मेदारी समझते ,है ,, तो दूसरी तरफ ,राजस्थान प्रशासनिक अधिकारी एसोसिएशन के निरिविरोध , निर्विवादित अध्यक्ष होने के नाते ,अधिकारीयों के स्वाभिमान संरक्षण ,उनके शोषण ,पक्षपात पूर्ण कार्यवाही ,शिकायतों पर , वोह एक जुट ,होकर कुशल प्रशासनिक अधिकारीयों का नेतृत्व बन जाते है और शाहीन अली इस ज़िम्मेदारी को ,,और बढ़ी ज़िम्मेदारी से निभाते हुए ,,,अधिकारीयों का पक्ष ,आदरणीय गाँधीवादी ,संवेदनशील मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष ,तार्किक ,तथ्यों ,साक्ष्यों के साथ , मुस्कुराते हुए , रखते है , और गाँधीवादी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , अधिकारीयों के वाजिब मांग पत्र ,वाजिब मांगों को ,हँसते ,हँसते स्वीकार कर ,,प्रशासनिक , आधिकारिक नेतृत्व के मध्य एक खूबसूरत समन्वय स्थापित कर देते है ,, माशाअल्लाह शाहीन अली ,कामयाब अधिकारी ,है कामयाब पुत्र है ,,सरकार के प्रति समर्पित अधिकारी ,है फ़िल्मी हीरो जैसी इनकी खूबसूरत ,,शक्ल सूरत ,, इनका नफासत वाला अंदाज़ , ज़रूरतमंदों की मदद का जज़्बा इन्हे दूसरे अधिकारीयों से अलग ,, बोल्ड ,,गोल्ड साबित करने के लिए काफी है ,, शाहीन अली की विनम्र प्रशासनिक कार्यशैली ,, प्रशासनिक अधिकारीयों के कुशल नेतृत्व की सफलता के लिए ,बधाई ,मुबारकबाद ,सेल्यूट ,, अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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