हमें चाहने वाले मित्र

02 जुलाई 2020

मुझ से मिलन के पहले

मुझ से मिलन के पहले
तुम्हीं ने कहा था
मुद्दतों की दुआओं
इनाम हूँ मै ,
मुझ से जी भरने के बाद
तुम्हीं ने मुझ से कहा है,
कहां का हूँ में अज़ाब , अख्तर

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...