हमें चाहने वाले मित्र

16 जून 2020

उसने कहाः वास्तव में, हम तुमसे डर रहे हैं

51 ﴿ और आप उन्हें इब्राहीम के अतिथियों के बारे में सूचित कर दें।
52 ﴿ जब वे इब्राहीम के पास आये, तो सलाम किया। उसने कहाः वास्तव में, हम तुमसे डर रहे हैं।
53 ﴿ उन्होंने कहाः डरो नहीं, हम तुम्हें एक ज्ञानी बालक की शुभ सूचना दे रहे हैं।
54 ﴿ उसने कहाः क्या तुमने मुझे इस बुढ़ापे में शुभ सूचना दी है, तुम मुझे ये शुभ सूचना कैसे दे रहे हो?
55 ﴿ उन्होंने कहाः हमने तुम्हें सत्य शुभ सूचना दी है, अतः तुम निराश न हो।
56 ﴿ (इब्राहीम) ने कहाः अपने पालनहार की दया से निराश, केवल कुपथ लोग ही हुआ करते हैं।
57 ﴿ उसने कहाः हे अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्तो! तुम्हारा अभियान क्या है?
58 ﴿ उन्होंने उत्तर दिया कि हम एक अपराधी जाति के पास भेजे गये हैं।
59 ﴿ लूत के घराने के सिवा, उनसभी को हम बचाने वाले हैं।
60 ﴿ परन्तु लूत की पत्नि के लिए हमने निर्णय किया है कि वह पीछे रह जाने वालों में होगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...