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25 जून 2020

कोरे कागज़ पर

मेरी ज़िंदगी के
कोरे कागज़ पर
सिर्फ तुम्हारा नाम था ,
मिटा सके कोई उसे
कोई ऐसा इंसान न था ,
तुम्हारी बेवफाई के रबर ने
उस नाम को
यूं ही मिटा दिया , अख्तर

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