हमें चाहने वाले मित्र

10 अप्रैल 2020

फिर यह हुआ

फिर यह हुआ
साथ मरने , साथ जीने के
सभी वायदे
उनके झूंठे निकले ,
ओर वोह
किसी ओर के साथ
चले गए , अख्तर

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...