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11 अप्रैल 2020

आर्थिक तंगी ,केंद्रीय मदद की उपेक्षा के दौर से गुज़र रहे इस राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ,कोरोना वाइरस को ,ढूंढ ढूंढ कर मारना शुरू किया है ,

देश कोरोना वाइरस के संकट में है ,राजस्थान में भी कोरोना का हमला है ,,भारत का सबसे बढ़ा राज्य ,आर्थिक तंगी ,केंद्रीय मदद की उपेक्षा के दौर से गुज़र रहे इस राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ,कोरोना वाइरस को ,ढूंढ ढूंढ कर मारना शुरू किया है ,और काफी हद तक विकट परिस्थितयों में भी इस खतरनाक बीमारी को काबू में किया है ,अशोक गहलोत ,,सचिन पायलेट की जोड़ी ने राजस्थान के भीलवाड़ा में कॉरोनयोद्धाओं की मदद से विश्व को एक नयी सीख दी है ,,कोई काम नहीं है मुश्किल जब किया इरादा पक्का ,,जैसे बोल को सार्थक कर दिखाया है ,,,कोरोना की आहट , कोरोना का खतरा ,,सभी के होश फाख्ता कर रहा है , लेकिन अशोक गहलोत रोज़ ,राजस्थान के हर कलेक्टर , चिकित्सक ,प्रबंधकों से सम्पर्क में है हर ज़िले का फीडबैक ले रहे है ,कहने को तो लोग कह सकते है ,के पॉज़िटिव के आंकड़े बढ़ रहे है ,आंकड़े बढ़ नहीं रहे ,कोरोना की अहाताबंदी कर ,तलाश जारी ,है , और गली गली मोहल्लों में तलाश कर ,कोरोना के खिलाफ शूट एण्ड साइट के ऑर्डर के साथ जंग जारी है ,,कोरोना मरीज़ को तलाशा जाता ,है फिर इलाज के लिए ले जाया जाता है ,यह कोरोना के खिलाफ जंग की अनुकरणीय व्यवस्था है जो अशोक गहलोत सरकार ने दी है ,,,राजस्थान में सीमित साधनों के बावजूद भी ,अशोक गहलोत के नेतृत्व में ,चिकित्सक ,नर्सिंग स्टाफ ,,प्रशासनिक अधिकारी ,पुलिस के जवान ,कोई हथियार बंद ,कोई निहत्था होकर ,एक आवाज़ पर इस जंग में कूदा है ,,राजस्थान में अब तक सरकार ने अलग अलग ज़िलों में 24857 लोगों को तलाश कर उनकी जांच की है ,इसमें से 678 कोरोना वाइरस से पीड़ितों को तलाशने में सफलता हांसिल की है ,, राजस्थान में कोरोना छुप कर वार कर रहा है ,लेकिन फिर भी लोकडाउन के हथियार से ,ज़ीरो मोबिलिटी में घर घर स्क्रीनिंग जाँच के माध्यम से और ,,कोरोना पॉज़िटिव की हिस्ट्री के बाद उसके मेल मुलाक़ाती इलाक़ों में कर्फ्यू लगाकर घर घर से ,कोरोना वाइरस को तलाश कर ,अस्पताल में उसके खिलाफ जंग लड़ी जा रही है ,, अल्लाह के करम से इस जंग में राजस्थान जीता है ,,कुछेक कैजुएलिटी को अगर छोड़ दे तो कई मरीज़ कोरोना पोजेटिव होने के बावजूद भी ,अस्पताल में राजस्थान के चिकत्सकों के दिन रात मेहनत से किये गए इलाज के बाद फिर से अपने घर ,अपने लोगों के साथ है , कोरोना नेगेटिव टचिंग वालों को भी निगरानी में क्वारेंटाइन करवाया जा रहा है ,,कोरोना वाइरस को सुचना मिलते ही घर घर तलाशा जा रहा है ,विकट परिस्थिति है , लेकिन इन विकट परिस्थितयों में भी ,,लोगों की भूख ,ज़रूरतों को पूरा करते हुए ,कोरोना के खिलाफ ,,तंगी के हालातों में भी हौसले के हथियार से जंग जारी है ,,कुछ लोग है ,जो रोज़ आलोचनाएं करते है ,,कोरोना जंग में हिन्दू , मुस्लिम जमाती करते है ,राजस्थान ऐसे लोगों के लिए पहला राज्य बना है जो इसने इस भेद को खत्म कर सिर्फ ,कोरोना मरीज़ तक सीमित किया है ,शरारती कुछ लोगों ने जो अलग से कॉलम तैयार करवाय था ,उसे खत्म करवाया है ,,इतना ही नहीं राजस्थान में कोरोना एहतियाती क़दम और जांच पड़ताल के वक़्त कोरोना योद्धाओं से अभद्र्ता करने वाले बढे बढे सूरमाओं को जेल की हवा खिलाई गयी ,है जबकि कोरोना संकट में जो हिन्दू ,मुस्लिम ,जमात ,को तलाश कर शरारतें करना चाहता है ,,बकवासबाजी करना चाहता ,है उसमे एक पुलिस कर्मी को निलंबित कर मुक़दमा दर्ज किया गया है ,तो कोटा सहित अलग अलग ज़िलों में कई दर्जन लोग थानों में बंद है ,अभी अलग अलग जिला अधीक्षकों के पास सैकड़ों प्रार्थनापत्र ऐसे शरारती लोगों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज करने को लेकर पेंडिंग पढ़े है ,,,,कोटा के भी दो दर्जन से अधिक लोग ,निगरानी में ,है आधा दर्जन शरारती नफरतबाज़ ,जेल में है ,,अगर यह नहीं सुधरे तो क़ानून इनके खिलाफ काम करेगा ,,,राजस्थान सिर्फ कोरोना को कोरोना वाइरस समझता है ,और राजस्थान वीरों का राज्य है ,,यहाँ इस संकट से लड़ने के लिए इक्का दुक्का शरारती अपवादों को छोड़ दिया जाए तो हर शख्स ,इसके खिलाफ जंग के लिए एक सिपाही बनकर कूद पढ़ा है ,,कोई भूखो के लिए ,ज़रूरतमंदों के लिए खाने के पैकेट , किराना किट ,की व्यवस्था कर रहा है ,तो कोई लोकडाउन की समझाइश ,,स्क्रीनिंग में मदद ,,दवा छिड़कवाने का मददगार बना है ,, हर कोई अपनी अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहा है ,ऐसे में राजस्थान के जज़्बे ,राजस्थान के नेतृत्व अशोक गहलोत ,,सचिन पायलेट ,,राजस्थान के कोरोना योद्धा चिकित्सक ,,नर्सिंग स्टाफ ,पुलिसकर्मी ,,पुलिस ,प्रशासनिक अधिकारी , सकारात्मक पत्रकारिता में लगे पत्रकार ,सोशल मीडिया एक्टिविस्टों को सेल्यूट ,सलाम ,बधाई ,इंशा अल्लाह ,,कोरोना के खिलाफ सतर्कता ,लोकडाउन ,,सोशल डिस्टेंसिंग बढ़ी दवा है ,कुछ दिन और ,बस फिर ज़ीरो का आँकड़ा रहेगा , लेकिन लड़ाई कोरोना के खिलाफ है ,इसलिए इसे ढूंढ़ ढूंढ कर हराने का अभियान हमे ज़ीरो संख्या नहीं होने तक एअक्जुट्ता के साथ ,हिम्मत और हौसलों के साथ ,एक दूसरे की मदद , के साथ ,,साम्प्रदायिक सद्भाव के साथ ,,जारी रखना है ,,इंशा अल्लाह हम होंगे कामयाब ,,एक दिन नहीं ,हर दिन ,रोज़ रोज़ ,जल्दी ही जल्दी ,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
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