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17 अप्रैल 2020

मेरे घर में कीड़े मकोड़े नहीं हैं,

एक बूढ़ी औरत बादशाए ख़िलाफ़त(वक़्त के बादशाह)में शिकायत की के मेरे घर में कीड़े मकोड़े नहीं हैं, ख़लीफ़ा(बादशाह) ने इस के घर का पता पूंछ कर रुख़सत कर दिया और कहा तुम्हारी शिकायत दूर करदी जाएगी, वो चली गयी तो हर एक हैरत का पहाड़ बना हुआ था, इतने में ख़लीफ़ा(बादशाह) की आवाज़ गूंजी अमीर बैतूल माल(खजांची)! इस औरत के घर पँहुचने से पहले इस के घर में खजूर, शहद, और अनाज से भर दो,
हैरत से देखने वाली आँखें सुनों जिस घर में खाने को कुछ ना हो, उस घर मे कीड़ों मकोड़ों का क्या काम?
🤲🏻या अल्लाह! ऐसा समझ दार हुक्मरान हमें भी अता फ़रमा !
🌾🌾आमीन🌾🌾

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