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12 जुलाई 2018

सबसे कम उम्र के अनिल उत्साही पार्षदो में से एक है ,

स्वच्छ भारत ,क्लीन सिटी के लिए पुरस्कृत कोटा नगरनिगम में प्रतिपक्षः के नेता भाई अनिल सूंवाल्का का आज जन्म दिन है ,उन्हें उनके इस जन्म दिन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कोटा दक्षिण सदस्य होने के नाते मेरी तरफ से ढेरों बधाइयाँ ,खुशहाली ,कामयाबी की दुआएं ,अनिल सूंवाल्का ,एक खिदमतगार ,एक वफादार ,एक संघर्ष का नाम है ,अपने नदीपार क्षेत्र सहित पुरे शहर के समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष इनकी पहचान है ,कोटा नगर निगम में प्रतिपक्ष नेता के रूप में इनकी नियुक्ति के बाद भाजपा बोर्ड ,भाजपा सरकार ने जो प्रतिपक्ष नेता के रूप में इन्हे विधिवत स्वीकृति देने से इंकार किया तो सरकार और सरकार में बैठे सरकार के चमचों के खिलाफ अनिल सूंवाल्का ने गाँधीवादी तरीके से आंदोलन किया क़ानूनी आवाज़ बुलंद की और हाईकोर्ट की याचिका के माध्यम से अपना हक़ प्राप्त कर लोगो को इंसाफ दिलाने ,कांग्रेस का झंडा बुलंद करने की ज़िम्मेदारी भाई अनिल सूंवाल्का ने बखूबी निभाई ,है ,प्रतिपक्ष नेता होने के नाते भाई अनिल जिला कांग्रेस कमेटी के सम्मानित सदस्य भी है इसीलिए वोह संगठन की भूमिका ,,नीतियों के क्रियान्वन में भी अव्वल नज़र आते है ,,,, कोटा कांग्रेस में युवा तुर्क ,,तेज़तर्रार ,,अपने वार्ड ,,अपने क्षेत्र के लोगों के चहेते ,,,क्रांतिकारी वार्ड अट्ठारह से पार्षद अनिल सुन्वाल्का नदी पार कुन्हाड़ी ,,सकतपुरा इलाक़े के पांच नगर निगम वार्डों में कांग्रेस की रीढ़ ,,कांग्रेस की हिम्मत ,,कांग्रेस का उत्साह बने है ,,,विधानसभा चुनाव में जिस इलाक़े से कांग्रेस बुरी तरह से पिछड़ गई थी ,,उसी इलाक़े के वार्ड अट्ठारह से अनिल सुन्वाल्का पार्षद का चुनाव लड़े और विकट परिस्थितयों में भी भारी वोटों से चुनाव जीतकर नदी पार कुन्हाड़ी सकतपुरा इलाक़े में कांग्रेस को फिर ज़िंदाबाद कर दिया ,,,,,बाराह जुलाई उन्नीस सो बियासी को जन्मे युवा तुर्क अनिल सुन्वाल्का युथ कांग्रेस की अंगड़ाई ,,युथ कांग्रेस की जान है ,,जबकि कोटा उत्तर विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस के वरिष्ठतम शेर दिल नेता शांति कुमार धारीवाल के भक्तों में से एक है ,,अनिल सुन्वाल्का यूँ तो अपने व्यवसाय से जुड़े है ,,लेकिन जब समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष ,,अपने लोगों को इन्साफ दिलाने की बात होती है तो यह अपने व्यवसाय के नुकसान की परवाह किये बगैर पूरी ताक़त के साथ संघर्ष में लग जाते है ,,,,इनके वार्ड में कोई इन्हे भाई साहब ,,,कोई भाई जान ,,कोई अनिल जी ,,कोई सुनवालका जी ,,कोई बेटा ,,,कहकर सम्बोधित करता है तो यह रुक कर उन्हें प्रणाम करते है ,,उनकी समस्या पूंछते है ,,समाधान का रास्ता सुझाते है ,,,अपने क्षेत्र में अनिल सुवालका लोगों को रोज़गार से जोड़ने ,,शिक्षा की अलख जगाने के प्रयासों में भी जुटे रहे है ,,,,,,,,अपने इलाक़े में पानी ,,बिजली ,,क़ानून व्यवस्था ,,,,,चिकित्सा ,,शिक्षा व्यवस्था की कोई भी समस्या हो उसके समाधान के लिए तत्पर रहने वाले अनिल सुवालका अपने क्षेत्र में लोगों के लाडले ,,हर दिल अज़ीज़ बने हुए है ,,,,,नाली ,,पटान से लेकर घर के निजी समस्याओं के मामले में भी लोग अनिल को ही तलाशते है ,,पुकारते है और उनकी समस्या का तत्काल समाधान होने पर इलाक़े के लोग अनिल ज़िंदाबाद कहकर ,,अनिल को कांग्रेस में सिरमौर होने की दुआए भी देते है ,,,शान्तिकुमार धारीवाल को अपने राजनीतिक जीवन का मार्गदर्शक मानने वाले अनिल सुवालका सहज ,,सरल ,,मृदल स्वभावी ,,स्वच्छ छवि का होने से लोगों की आँख का तारा है ,,छोटे से वक़्त में हज़ारो की तादाद में लोगों को इकट्ठा कर लेना इनके लिए मामूली बात है ,,अपनी जेब से खर्च कर सेवा कार्यों में जुटे कांग्रेस केडर में शायद सबसे कम उम्र के अनिल उत्साही पार्षदो में से एक है ,,,,,,,,,,,,,,कांग्रेस की रीति नीतियों के लिए संघर्ष करने वाले अनिल ने इनके इलाक़े के अधिकतम लोगों को पेंशन ,,विकलांग पेंशन ,,चिक्तिसा सुविधा ,,ऋण सुविधा सहित कई सरकारी योजनाओ के लाभ दिलाये है ,,,,,आपसी झगड़ो के जब यह लोगों को बुलाकर उनके विवादों का निस्तारण बिना कोर्ट कचहरी ,,थाने के निष्पक्ष रूप से करते है तो दो विपरीत धाराओं में बहकर एक दूसरे के दुश्मन बने गुट अपनी भूल सुधारकर एक दूसरे के गले लगकर भाईचारे ,,सद्भावना का पैगाम देते हेु अनिल सुवालका ज़िंदाबाद कहते है ,,,,,,अनिल सुवालका कांग्रेस के दिग्गज शान्ति धारीवाल के कट्टर समर्थको में से एक होने से इनके क्षेत्र के पांच वार्डो नदी पार इलाक़े में इन्होने अपने सुझाव देकर क्षेत्र के लोगों के विकास उनकी समस्याओ के स्थाई समाधान के लिए कई ऐतिहासिक काम करवाये है ,,,,,,,और इनके कार्यों से इस क्षेत्र की दिशा ही बदल गई है ,,जो कभी गाँव जैसा दिखता था ,,आज विकसित ,,खूबसरत ,व्यवसायिक इलाक़ा हो गया है और लोगों के रोज़गार के अवसर इस इलाक़े में बढ़े है ,,,,,,,अनिल सुवालका की कम उम्र में सेवाभावी समर्पण तोर तरीकों से कांग्रेस की रीती ,,नीति पर चलकर लोगों का दिल जीतने का जो हुनर है उसे देख कर कुछ कोंग्रेसी तो दाँतो तले उँगलियाँ दबाते है ,,कुछ कोंग्रेसी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ने से खफा हो जाते है ,,तो निर्गुट कोंग्रेसी इसे अनुकरणीय बताकर भविष्य के नेता की शक्ल के रूप में अनिल सुवालका को तलाशते है ,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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