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04 जुलाई 2018

नफरत के खिलाफ ,मोहब्बत की जंग

नफरत के खिलाफ ,मोहब्बत की जंग में जब ,नफरत बाज़ों की मानसिकरोगिता कोढ़ की तरह लाइलाज बीमारी खाज बन जाए ,तब ऐसी बिमारी के इलाज के लिए फिलॉसफी की डॉक्टर बहन अर्चना शर्मा को सामाजिक समरसता ,,नफरत के खिलाफ ,मोहब्बत के पैगाम के साथ नफरतबाज़ो के इलाज के लिए अपनी प्रयोगशाला के साथ मुक़ाबिल आना मजबूरी हो जाता है ,,,जी हाँ दोस्तों वर्तमान हालातों में देश की गंगा जमुना संस्कृति को तहस नहस करने के लिए कृत्रिम रूप से नफरतबाज़ों ने जो माहौल बनाकर नफरतबाज़ों को मोहब्बत के खिलाफ वोटो के रूप में कन्वर्ट कर एक गंदा ,असुरक्षित ,खौफ का वातावरण बनाया है ,उससे देश का विकास तो रुका है ,देश के हज़ारों सालों के मोहब्बत के इतिहास पर इन नफरतबाज़ों के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कलंक भी लगा है ,,,हमारे देश की खोई हुई संस्कृति ,तहस नहस गंगा जमुना तहज़ीब ,ठप्प विकास को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस की राजस्थान प्रदेश में उपाध्यक्ष मिडिया चेयरपरसन श्रीमती अर्चना शर्मा के नेतृत्व में उनकी टीम की तरफ से हाल ही में जयपुर में आयोजित ,सामजिक समरसता राष्ट्रिय स्तर की सेमिनार में गंभीर चिंतन ,मनन हुआ ,इस सेमिनार के महत्वपूर्ण सुझावों के बाद उन पर अमल की शुरआत से नफरतबाज़ों के हौसले पस्त होना शुरू हुए है ,,दोस्तों डॉक्टर अर्चना शर्मा जो किसी पहचान की मोहताज नहीं ,,रोज़मर्रा जनहित कार्यों में नफरतबाज़ों से उनका टकराव ,,मीडिया ,प्रिंट मिडिया में आप और हम देखते है ,पढ़ते है ,, सभी जानते है ,, डॉक्टर अर्चना शर्मा जो राजस्थान कांग्रेस प्रवक्ता और मिडिया चेयरपर्सन के रूप में भाजपा और उनकी विफलताओां पर सलाहियत से मिठास भरे अल्फ़ाज़ों में हमले बोल रही है ,,डॉक्टर अर्चना शर्मा के बारे में लोग कहते है के इनकी ज़ुबान पर सरस्वती महरबान है ,,लोग कहते है ,, , जब अर्चना शर्मा बोलती है तो इनकी सुरीली ,,आवाज़ में उनके तार्किक अलफ़ाज़ ,,पारंगत भाषण शैली लोगों के दिलों में उत्तर जाते है जब यह बोलती है तो लोग इन्हे देखते भी है ,,सुनते भी है और इनके तर्कों को मनन कर स्वीकार भी करते है ,,,
राजस्थान कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष ,,मिडिया प्रकोष्ठ की प्रभारी चेयरपर्सन और प्रवक्ता डॉक्टर अर्चना शर्मा कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता रहकर काफी अनुभव रखती है ,,अर्चना शर्मा ओरोपोलोजी में स्नातक और मास्टर डिग्री है जबकि फिलॉसफी में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर डॉक्टर बनी है ,,यह जयपुर नगर निगम में पार्षद रही ,,कांग्रेस से विधायक प्रत्याक्षी रही ,अर्चना शर्मा दर्जनों समाजसेवी संस्थाओं सहित रोटरी क्लब के साथ जुड़कर ,,पीड़ितों को इन्साफ दिलाने के लिए भी संघर्ष कर रही ,है ,,जयपुर के महावीर पब्लिक स्कूल का ऑडिटोरियम अर्चना शर्मा ने राष्ट्रिय स्तर के वक्ताओं को बुलाकर नफरतबाज़ों के खिलाफ मोहब्बत के इस पैगाम में ,सामाजिक समरसता की कोशिशों में जुट जाने के लिए आम कोंग्रेसियो ,,सामाजिक सरोकार से जुड़े संगठनों ,साम्प्रदायिकता के जंग में शामिल लोगो को मोटिवेट करने में कामयाबी हांसिल की है ,,राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के राष्ट्रिय पभारी ,राष्ट्रिय महासचिव अविनाश पांडेय ,,अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रिय चेयरपरसन ,नदीम जावेद ,कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता भाई अलोक शर्मा ,,सांसद डॉक्टर करण सिंह यादव ,,,,,,,रघु शर्मा ,पूर्व सांसद अश्क अली टाक ,पूर्व मंत्री बृजकिशोर शर्मा ,राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के निज़ाम कुरैशी ,खानू खान ,,अमीन कागज़ी ,सेवानिवृत आई ऐ एस ,आई पी एस ,,आर ऐ एस ,पूर्व विधायक ,,सहित सभी इस नफरत के खिलाफ मोहब्बत के इस पैगाम देने वाले कार्यक्रम के साक्षी भी बने ,प्रशंसक भी बने और अपने उद्बोधन में सभी ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा कर ,जयपुर में अंकुरित इस पौधे की शाखे देश भर में फैलाने का आह्वान किए ,अर्चना शर्मा ,खुद ऐसे जांबाज़ आई पी एस अधिकारी की पुत्री है जिन्होंने देश के लिए मर मिटने के लिए कई जांबाज़ कारनामे किये है ,वोह कहती है जब उनका जन्म होता तब ,भारत पाकिस्तान युद्ध के समय उनके पिता अचानक कई महीनों तक ला पता थे ,लोग तरह तरह की बातें करने लगे ,परिवार को इस बात का सुकून था के वोह देश की लड़ाई में दुश्मनो के खिलाफ शामिल है ,,बाद में कई महीनो बाद ,,जंग जब थमी तब पिताश्री एक बहादुर जाबाज़ राष्ट्रप्रेमी सिपाही की तरह दुश्मनो से लोहा लेकर वापस लोटे तो सभी गर्व से ,,भारत की आज़ादी जिन्दबाद ,,भारत की जांबाज़ी ज़िंदाबाद के नारे लगाते देखे गए ,,आज ऐसे जांबाज़ पुलिस अधिकारी की ,पुत्री डॉक्टर अर्चना शर्मा ,नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जंग में शामिल हुई ,है इस जंग में ,बहन अर्चना शर्मा के साथ मेरे अलावा ,अब्दुल रशीद क़ादरी सहित राजस्थान ,,के कई जांबाज़ लोग शामिल है ,,लेकिन अर्चना शर्मा की हर लड़ाई के पीछे कृष्ण बनकर जो सारथी बनते है ,जो राहबर बनते है ,वोह कोई और नहीं ,उनके पति परमेश्वर सोमेंद्र शर्मा होते है ,सोमेंद्र शर्मा जो छात्र जीवन से जांबाज़ छात्र नेता रहे है ,छात्र संघ अध्यक्ष रहे है ,रोटरी के प्रांतपाल ,कल्चरल एक्टिविटी के प्रभारी है ,वोह जब बहन अर्चना द्वारा छेड़ी गयी ,नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जंग में ,,इनका रथ चलाते हुए मुस्कुराते नज़र आते है ,तो एक ही दुआ दिल से निकलती है ,खुदा इस जोड़ी को इनके पाकीज़ा मंसूबों में कामयाब करे ,,,अखतर खान अकेला कोटा राजस्थान

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