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03 अप्रैल 2018

सासंद बिरला ओर विधायक को दे देना चाहिए इस्तीफा , धारीवाल

सासंद बिरला ओर विधायक को दे देना चाहिए इस्तीफा , धारीवाल
बर्बाद हुए किसानो से नहीं मिलेगी सहानुभुति ,, धारीवाल
कोटा, पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने बयान जारी कर सांसद ओरबिरला और विधायक भवानी सिंह राजावत से लहसुन किसानो को राहत नही दिलवाने के चलते अब इस्तीफा देने की मांग की है। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सासंद ओमबिरला 15 दिन पहले भामाशाह मंडी में पहंुचकर किसानों से वादा करके आए थे कि सरकार बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत पुरा लहुसन खरीेदेगी लेकिन अब तक सरकार ने कोई कदम नही उठाया तो वही विधायक राजावत सिर्फ लहसुन किसानों के बीच सुर्खियां बटोरने के लिए पहुंचे कोई राहत किसानांे को नही मिल सकी। ऐसे में अब किसानांे की सहानुभुति इनको कभी नही मिलेगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि हर रोज किसान करीब 10 हजार क्विंटल भामाशाह मंडी में 5 हजार क्विंटल फलमडी में महज 5 रूपए प्रति किलो से लेकर 12 , 15 रूपए प्रतिकिलो से बेचने को मजबूर हो रहा हैं बीते सालों में लहसुन के गिरते दामो के बीच राज्य सरकार दो बार बजट पारित कर चुकी हे लेकिन लहसुन की खरीद पर ने तो कोई निति बनाई गई ओर न ही कोई घोषणा की गई बीते तीन सालो में लहसुन किसानो के साथ सरकार ने कुछ किया तो वो सिर्फ धोखा ही है।
पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने केन्द्र की सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा है कि आज चायना पुरी दुनिया में 70 फीसदी लहसुन का निर्यात करता है जबकि भारत में भी अच्छी गुणवत्ता का लहसुन की पैदावर होती है राजस्थान में हाडौती ओर मालवा में पैदा होने वाला लहसुन की क्विलिटी अन्तर्राष्टीय स्तर पर किसी भी स्तर पर कमजोर नही है लेकिन लहसुन निर्यात पर कोई पॉलिसी सरकार ने नही बनाई वही जो व्यापारी निर्यात करने चाहते उनको भी प्रोत्साहित नही किया गया ।
बाजार हस्तक्षेप योजना में भी दिया धोखा
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योनजा के तहत भी किसानो के साथ धोखा किया है जबकि कांग्रेस सरकार के वक्त साल योजना में किसानो को पुरा लहसुन खरीदा गया था जबकि बीजेपी सरकार ने बीते साल भी बाजार हस्तक्षेप को ढिढौरा तो इतना पीटा लेकिन कुल किसानो की उपज जो 80 लाख क्विंटल थी उसमें से गुणवत्ता के आधार पर खरीद कर सिर्फ 1 हजार क्विंटल लहसुन खरीद बाकि को गुणवत्ता में खारिज कर दिया । पूर्व मंत्री ने सरकार से मांग की है कि सरकार बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 50 रूपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीद कर किसानो को राहत पहुचाए नही तो कांग्रेस पार्टी किसानो के हक की लडाई सडको पर उतर कर लडेगी।

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