एक वकील ,,,जो रोज़ अपने लेटरपेड पर ,,पक्षकारों को इन्साफ दिलाने के लिए
,,क़ानूनी नोटिस देता है ,पक्षकारो को उसके दफ्तर ,,घर के पते के लिए
विज़िटिंग कार्ड देता है ,,,इनका दुरूपयोग कर ,अगर कोई शरारती तत्व ,,वकील
के खिलाफ साज़िश रचे ,,,लेटर पेड़ ,,में फर्जीवाड़ा कर ,,कूटरचना करते हुए
,,बूंदी जिला कलेक्टर को जान से मारने की धमकी दे ,,तो ऐसे शरारती तत्व की
गिरफ्तारी होने तक ,,राजस्थान के वकीलों को चुप नहीं बैठना चाहिए ,,,बूंदी
की सोशल सेवा से जुड़े ,,,एडवोकेट हैदर अली ,,,की सक्रियता से नाराज़
होकर किसी साज़िशकर्ता ,,शरारती तत्त्व ने ,,उनके कम्प्यूटर से बनाये गए
,लेटर पेड़ ,,जिस पर उन्होने किसी को नोटिस भेजा होगा ,,उस नोटिस के लेटरपेड
पर ,,सफेद काग़ज़ लगाकर ,,फोटो कॉपी करवाई जाती है ,फिर उस पर हाथ से
,,बूंदी कलेक्टर को जान से मारने की धमकी दी जाती है ,,साम्प्रदायिक उन्माद
भड़काने की साज़िश रची जाती है ,,वोह तो शुक्र है खुदा का ,,,जो बूंदी पुलिस
,,बूंदी प्रशासन इस तह तक पहुंचकर इस मामले में संतुष्ट है के यह साज़िश
किसी तीसरे साज़िशकर्ता ,,शरारती तत्त्व की है ,,, पुलिस वैज्ञानिक
अनुसंंधान कर रही है ,,,नतीजा जल्दी सामने होगा ,,,,बूंदी अभिभाषक परिषद ने
इस मामले में जिला कलेक्टर को ,,ज्ञापन देकर ,,ऐसे शरारती तत्त्व की खोज
कर कार्यवाही की मांग की है ,,बार कौंसिल के चुनाव सामने है ,,प्रत्याक्षी
अपनी अपनी ढपली ,,अपना ,,अपना राग अलाप रहे है ,,,जोधपुर में सर सुराणा
वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ अभद्रता ,,वकील शीर्ष नेतृत्व ,,चुप्पी साधकर बैठ
गया ,,प्रत्याक्षी खामोश है ,,न्यायिक इतिहास न्यायधिशो के साथ ना इंसाफ़ी
का उदाहरण सामने आया ,,वरिष्ठ शीर्ष नेतृत्व ,,बार कौंसिल प्रत्याक्षी
खामोश है ,,,बूंदी जिला बार के सदस्य के साथ ,,ऐसी ओछी शरारत ,,ऐसी साज़िश
,,करने वालों के खिलाफ कार्यवाही मामले में ,,बार कौंसिल के शीर्ष नेतृत्व
,,बार कौंसिल प्रत्याक्षी गंभीर नहीं है ,,किसी वकील के लेटरपेड का
दुरूपयोग कर ,,फ़र्ज़ीज़वाडा ,,कूटरचना कर ,,इस तरह का अपराध ,,किसी वकील का
व्यक्तिगत मामला नहीं ,,वकील समुदाय के अस्तित्व ,,उनकी सामजिक सुरक्षा
,,प्रतिष्ठा का प्रश्न है ,,पुलिस जांच का दायरा सीमित ,है ,जांच होगी
,,फ़ाइल बंद हो जायेगी ,,लेकिन अगर ऐसा हुआ तो एक वकील के साथ शरारत करने
वाले ,,साज़िशकर्ता जैसे लोगो के हौसले बुलंद होंगे ,,इसलिए सभी बार कौंसिल
उम्मीदवारों ,अगर ज़रा भी वकीलों के अस्तित्व के लिए संघर्ष का माद्दा
तुममे बाक़ी है तो प्लीज़ इस मामले में उच्च स्तरीय वैज्ञानिक जांच
,,,,,,,सूक्ष्म जांच करवाकर ,ऐसे साज़िश करता को बेनक़ाब कर कठोर सज़ा दिलवाने
के लिए संघर्ष करो ,,ताके भविष्य में किसी साज़िशकर्ता की ऐसी हिम्मत न हो
सके ,,क्यों बार कोन्सीलरों ,,क्यों बारकोंसिल के प्रत्याक्षियों ऐसा करोगे
,,या फिर ,,सिर्फ वोट लोगे ,,,,,और फिर ,,जो होता आया है वैसा ही करोगे
,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान ,,,प्रत्याक्षी बार कौंसिल ऑफ राजस्थान

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)