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10 दिसंबर 2017

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनाये जाने वाले विश्व मानवाधिकार दिवस पर आज ,,मुझे ,,,मुझ सहित कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओ को अफ़सोस है

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनाये जाने वाले विश्व मानवाधिकार दिवस पर आज ,,मुझे ,,,मुझ सहित कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओ को अफ़सोस है ,,देश में वर्ष 1993 में बनाये गए इस क़ानून के प्रावधानों के तहत ,,खुद राष्ट्रिय मानवाधिकार आयोग ,,राज्य मानवाधिकार आयोग ज़िलों में आज तक विशेष ,,मानवाधिकार जिला न्यायलय ,,नहीं खुलवा सके है ,,राजस्थान में कागज़ो में तो ,जिला स्तर पर ,,मानवाधिकार न्यायालय खोलने की कथित अधिसूचना वर्ष 2013 से है ,,लेकिन धरातल पर कोटा सहित किसी भी ज़िले में आज तक मानवाधिकार न्यायालय में केस की सुनवाई शुरू नहीं हुई है ,,,,पिछले दिनों जस्टिस प्रकाश टाटिया ,अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग ने कोटा अभिभाषक परिषद में जिला जज की मौजूदगी में इस सर्कुलर की जानकारी भी दी थी ,,लेकिन अब तक किसी ने भी इस सर्कुलर को क्रियान्वित कर ,मानवाधिकार कोर्ट शुरू करवाने की कोई पहल नहीं की है ,,इतना ही नहीं वर्ष 2015 ,में मानवाधिकार संस्था के करता धर्ता डी के बसु ने पूर्व में सुप्रीमकोर्ट के दिए गए दिशा निर्देशों की पालना नहीं करने पर आपत्ति जताते हुए फिर एक याचिका दायर की थी ,जिस पर माँननीय उच्चतम न्यायलय ने इसे गंभीरता से लेते हुए ,,केंद्र और सभी राज्य सरकारों को ,,राज्य मानवअधिकार आयोग गठित करने ,,आयोग के सभी खाली पढ़े पदों को भरने ,,,हर राज्य के सभी थानों में सी सी टी वी कैमरे लगाने ,,महिला स्टाफ लगाने ,जेल में सी सी टी वी कैमरे लगाने ,,निगरानी समितियों का गठन करने के निर्देश देते हुए एक वर्ष में सभी कार्य करने के आदेश दिए थे ,,,लेकिन अफसॉस ,,खुद राष्ट्रिय मानवाधिकार आयोग ,,राज्य मानवाधिकार आयोग ,,माननीय सुप्रीमकोर्ट देश में बैठी इस केंद्र सरकार से यह व्यवस्थाये ,,1993 में बनाये गए ,,मानवाधिकार क़ानून की क्रियान्विति भी नहीं करवा पाए है ,,ऐसे में सोचता हूँ यूँ ही बेवजह विश्व मानवाधिकार दिवस पर ,,झूंठी मुबारकबाद ,,जुमलों से जुडी मुबारकबाद आप सभी लोगो को देकर शर्मिंदा क्यों करूँ ,,हाँ आप सभी लोगो से इल्तिजा ज़रूर करूँगा ,,आप सभी से गुज़ारिश करूंगा ,,देश के राष्ट्रिय मानवअधिकार आयोग ,,महामहीम राष्ट्रपति महोदय ,,सुप्रीमकोर्ट ,प्रधानमंत्री महोदय ,राजयपाल महोदय ,मुख्यमंत्री महोदय को इस मामले में एक पत्र लिखकर मानवअधिकार आयोग के मामले में क़ानूनी दिशा निर्देश ,,सुप्रीमकोर्ट के दिशानिर्देश तो कमसे कम पूरा करवा दे ,,उनकी तो कम से कम क्रियान्विति करवा दे ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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