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04 मई 2017

दवा व्यापारी उद्योगपति ,,ने ,,कल ऋषियौं का भारतीय संस्कृति का अपमान कर दिया

देश के सबसे बढे,,, सरकारी सुविधाभोगी ,, दवा व्यापारी उद्योगपति ,,ने ,,कल ऋषियौं का भारतीय संस्कृति का अपमान कर दिया ,,ऋषि मुनि जो पहाड़ो ,,जंगलो पर तपस्या ,,किया करते थे ,,,राज पाठ ठुकरा कर ,,त्याग करते थे ,,, भारतीय ऋषि मुनि में से किसी ने भी ,,कभी ,,जुमला नहीं कहा ,,,ऋषि मुनियों ने तो ,,जो कहा ,,वोह करके दिखाया ,,वोह सिद्धांत पर थे ,,वोह सत्ता के लिए फसादात नहीं करते थे ,,ऋषि मुनि ,,जंगलों में भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने की कार्ययोजना तैयार करते थे ,,,उसे बनाकर भी दिखाते थे ,,वोह बहादुर भी होते थे ,,,इन्होने एक को राष्ट्रिय संत कहा था ,,जो एक नाबालिग बच्ची ,,आज भी अपनी अस्मत के इंसाफ के लिए तरस रही है ,,,,अख्तर

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