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31 मार्च 2017

क्या हमारा यह ,,,भारत महान ,,वेध और अवैध ,,के दो पाटों के बीच नहीं पिस रहा है

मेरे दोस्तों ,,मेरे भाइयों ,,बुज़ुर्गो ,,बहनो ,,,ज़रा अपने धड़कते दिल को ,,,निष्पक्ष करते हुए ,,,,दिल की धड़कनो से पूंछो ,,,क्या हमारा यह ,,,भारत महान ,,वेध और अवैध ,,के दो पाटों के बीच नहीं पिस रहा है ,,क्या ,,,वेध और अवैध के मध्य ,,हमारा पक्षपात पूर्ण रवय्या ,,इस देश की बर्बादी की दास्ताँ ,,इस देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की कहानी नहीं रहा है ,,,,ज़रा सोचो अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा ,है ,वेध और अवैध के सम्बन्धो को हम दिली जज़्बात ,,अपने पराये के रिश्ते से तोड़ कर ,,वेध को वेध और अवैध को सिर्फ अवैध साबित कर ,,अवैध करने वाले का विरोध अगर हम करने लगे ,,तो हमारा देश ,,तबाही ,,बर्बादी ,,लूट खसोट ,अराजकता के माहौल से काफी हद ,,तक बाहर निकल कर ,,फिर से महान हो जाए ,,दोस्तों ,,उत्तरप्रदेश से शुरू होते है ,,वहां बूचड़ खाने बन्द करने का चुनावी एजेंडा था ,,,,सरकार आ गयी ,,अब वेध ,,अवैध के बीच में फंस गए ,,क़ानून से चलने वाले वेध लाइसेंसियों के कारोबार को बन्द तो नहीं कर सकते थे ,,सो दो क़दम पीछे हटे ,,नारा बदला ,,वायदा बदला ,,कहा गया ,,केवल अवैध मीट का कारोबार बन्द हो गया ,,शुरुआत भी हुई ,,अवैध किसी भी कारोबार को बन्द करने में ऐतराज़ नहीं होना चाहिए ,,,लेकिन मीट व्यवसाइयों का अवैध कारोबार बन्द करने पर ऐतराज़ हुआ ,,नतीजा वेध लाइसेंसी कारोबारी भी हड़ताल पर चले गए ,,अवैध कारोबार को आखिर हम बढ़ावा क्यों देना चाहते है ,,देश में अगर समोसे कचोरी ,,पोहे ,,जलेबी , ,इमरती ,,,,मिठाई ,चाट ,,पकोड़े सहित सभी खाद्य पदार्थो के ठेले ,,,देश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए ,,बिना फ़ूड लाइसेंस ,, शॉप एक्ट लाइसेंस के लगाकर ,,खाने पीने की मिलावट की चीज़े ,,बिना जांच के लोगो को बेच कर खिलाई जाती है ,तो देश के इस अवैध कारोबार से ,,देश के लोग अस्वस्थ हो रहे है ,ऐसे अवैध कारोबार को क्या बन्द नही होना चाहिए ,,ठेले पर बिना स्वास्थ्य विभाग के खाने की बिक्री ,,क्या अवैध नहीं है ,,,और तो और ,अदालतों ,,कलेक्ट्रेट परिसर में डंके की चोट पर ,,पान के गुटके ,,सिगरेट ,,अवैध रूप से बिकते है ,,यहां सरे आम बीड़ी सिगरेट के धुंए बिखेरे जाते है ,,होटलो का आलम यह है ,,के चायः ,,पोहे ,,कचोरी के कारोबार के मसालो ,,तेल की कोई स्वास्थ्य जांच नहीं ,,कोई फ़ूड लाइसेंस नहीं ,,पानी की टंकियों कीड़े मकोड़ो का मक्कड़ जाल कोई नहीं देखता ,,यह ,,अवैध है ,,इसे कोई बन्द नहीं करवाता ,,सरकारी दफ्तरों में ,अपना जल्दी काम करवाने के लिए हम अवैध राशि देते है ,,अब तो खुलेआम यह राशि ,,अदालतों के कुछ कर्मचारियों के लिए भी ज़रूरत बन गयी है ,,यह अवैध है ,,कपड़े का व्यापार हो ,,चंदाखोरी हो ,सब अवैध ही तो है ,,सड़क पर धुंआ उगलती कारें ,,मोटरसाइकल ,,अवैध ही तो है ,त्योहारों पर सड़के रोक कर बिना लाइसेंसी हथियारों के साथ प्रदर्शन अवैध ही तो है ,,किसी पत्थरबाज का समर्थन अवैध ही तो है ,,किसी निहत्थे पर गोलियां बरसाना अवैध ही तो है ,,किसी को सड़को पर पीट पीट कर मार डालने की कोशिश अवैध ही तो है ,,चुनाव में प्रलोभन ,,,देश की पार्टियों में आंतरिक चुनाव करवाये बगेर ,,मनमाने तोर पर पार्टियों के संविधान के खिलाफ ,,,मनचाहे तोर पर ,,पिक ऐंड चूज़ कर ,,,, अध्यक्ष ,,प्रदेश अध्यक्ष ,,ज़िला ,,अध्यक्ष कार्यकारिणी बनाना अवैध ही तो है ,,जो पार्टियां नशे से दूर रहने पर ही सदस्यता देती है ,,उन पार्टियों की सरकार में शराब बिकना ,,सदस्यो का शराबी होना अवैध ही तो है ,,अखबारों में धोखाधड़ी के विज्ञापन ,,दवाइयों के विज्ञापन ,,झोलाछाप डॉक्टर ,,तांत्रिको के विज्ञापन ,,मर्दाना दवाओं का विज्ञापन ,क़ानूनी तोर पर अवैध है ,,अखबारों के क्षेत्रीय प्रकाशन ,,पेड़ न्यूज़ ,,,एकतरफा खबरे ,,स्वतन्त्र पत्रकारों के दस अखबारों में खबरे नहीं छपने पर भी उनका अधिस्वीकरण ,,टीवी खबरों में एकतरफा खबरे ,,अवैध विज्ञापन ,,मर्दाना दवाओं के विज्ञापन ,,अवेधकारोबारियों के विज्ञापन ,,टी वी चेनलो का संचालन नियमो के विरुद्ध अवैध ही तो है ,,संसद में ,,विधानसभा में बाय कोट करना ,,चीख पुकार करना ,,विधेयकों ,,क़ानूनों को बिना पढ़े ,,बिना बहस पारित करना ,,अवैध ही तो है ,,लोकसभा में सोना ,,शोरशराबा करना ,,अवैध ही तो है ,,सड़को पर भीख मांगते बच्चो को देखकर खामोश होना ,,नाबालिग बच्चो को काम पर रहते देखकर चुप रहना ,अवैध ही तो है ,,देश की अदालतों में चल रहे मुक़दमे जिनमे उपभोक्ता ,,चेक अनादरित ,, घरेलु हिंसा सहित कई ऐसे क़ानून है ,,जिनका निस्तारण निर्धारित समयावधि में होना अंकित है ,,लेकिन ऐसे मुकदमो का क़ानून की मंशा के विपरीत वर्षो चलना अवैध ही तो है ,,वकीलो का बिना किसी परीक्षा के सरकारी वकील बनना ,,वकीलों का बिना किसी परीक्षा के पिक ऐंड चूज़ नियम के तहत ,जज बनना अवैध ही तो है ,,,विधायको का दल बदलना ,,,एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़कर ,,फिर जनता को धोखा देकर मिलजुलकर सरकार बनाकर मन्त्रिमण्डल में शामिल हो जाना ,अवैध ही तो है ,एक दूसरे के खिलाफ बकवासबाजी ,,मज़हबी ताने बाज़ी ,,मज़हबी उन्माद भड़काने के बयानात ,,क़ानूनी रूप से अवैध ही तो है ,,,सरकारी वाहनों का दुरूपयोग ,,हर किसी को मंत्री दर्जा ,,जेड सुरक्षा देकर वी आई पी बना देना ,अवैध ही तो है ,,,अधिकारियों के घरो में कर्मचारियों की चपड़ासगिरी ,,पुलिस जवानों की घरो में ड्यूटी अवैध ही तो है ,,,पार्टियों द्वारा चुनाव पूर्व घोषणापत्र सत्ता में आने के बाद लागू नहीं कर आम वोटर्स को धोखा देना अवैध ही तो है ,,पन्द्रह लाख लोगो के खाते में डालने का वायदा कर सरकार में आ जाना ,,,लोकपाल का आंदोलन कर जनता को उकसा कर ,,लोकपाल नहीं बनाना ,,,विदेशी कालाधन वापस नहीं लाना ,,अवैध ही तो है ,,रियायती दरों पर संस्थाओ द्वारा सेवा कार्यों के लिए भूखंड लेकर ,,शादी ब्याह के लिए किराए पर देने का कारोबार करना ,,अवैध ही तो है ,,,हमारे देश में कोचिंग संस्थाओ की लूट ,,बच्चो की फ़र्ज़ी स्कूलिंग ,,ऍन आर आई कोटा एमिशन प्रणाली ,,रोज़ पेपर लिक होना ,,डोनेशन से एडमिशन सब कुछ अवैध ही तो है ,,स्कूलों में एडमिशन प्रणाली में मनमानी ,,यूनिफॉर्म ,,किताबों में खुली दलाली ,,पूरे देश के स्कूल कॉलेजो में अलग अलग कोर्स ,,अलग अलग यूनिफॉर्म अवैध ही तो है ,,लूट और कमीशनखोरी ही तो है ,,लेकिन यह सब और न जाने क्या क्या ,,अवैध रूप से मेरे इस देश में वेध बनकर चल रहा है ,,तो दोस्तों वेध और अवैध के बीच पीस रहे मेरे इस ,,भारत महान को ,,अवैध से छुटकारा निष्पक्षता से दिलवाने का संकल्प लेकर आओ हम सिर्फ वेध ,,वेध की बात करे ,,अवैध करने वाला हमारा अपना हो तो भी प्रतिकार करे ,,वेध करने वाला हमारा अपना न हो तो भी उसका सम्मान करे ,,करोगे ऐसा ,,या फिर पार्टियों ,,धर्मों की अधर्म नफरतों में ,,चंदाखोरी के मायाजाल में फंस कर मुझ से भी नफरत कर ,,मेरे खिलाफ बगावती नफरत भरी टिप्पणियां करोगे ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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