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22 अक्तूबर 2016

ज़रा दिल और दिमाग से नफरत,,,गुस्सा निकालकर मेरी एक इल्तिजा पर गोर करो

मेरे भाइयो ,,मेरी बहनो ,,ज़रा दिल और दिमाग से नफरत,,,गुस्सा निकालकर मेरी एक इल्तिजा पर गोर करो ,,हम लोग ,,जो इस देश में रहते है ,,एक संविधान के दायरे में बंधे है ,,लेकिन दोस्तों ,संविधान से भी ज़्यादा हम एक दूसरे से परस्पर विश्वास और प्यार के सम्बन्धो में जुड़े है ,,हम अलग अलग समाज के है ,,हमारे रीतिरिवाज अलग है ,,लेकिन एक दूसरे के रीतिरिवाजो में हम शामिल होते है ,,एक दूसरे के दुःख ,सुख में हम साथ रहते है ,,भाईचारा सद्भावना है ,,कुछ लोग है जो नफरत के सौदागर है ,,लेकिन वोह मुट्ठीभर है ,,ऐसे नफरत बाज़ लोग सिर्फ और सिर्फ सियासी रोटियाँ सेकते है ,,या फिर चंदाखोर बनकर देश को दीमक की तरह से खाते है ,,ऐसे देश के दुश्मनो से हमे और सभी को बचना चाहिए ,,दोस्तों इन दिनों तीन तलाक़ का मामला हो ,,दूसरे मामले हो उनको लेकर बवाल मचा है ,,कुछ लोग डरे है ,,कुछ लोग सहमे है ,,कुछ लोग पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर ,,परस्पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर समाजो में नफरत का माहौल बना रहे ,,लेकिन दोस्तों एक बात समझिये ,,तीन तलाक़ की याचिका सुर्प्रीमकोर्ट में ,,हमारी बहन शायरा बानो ने उनके शोहर के खिलाफ पेश क्या है ,,वोह शायरा बानो अपना इंसाफ मांग रही है ,,उन्होंने एक संवैधानिक दायरे में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है ,,यह ज़रूर है के हमारी एक बहन इशरत जहाँ ने इस पर रोटी सेकने के लिए एक याचिका और लगा दी है ,,लेकिन दोस्तों इससे पहले भी कई लोग आये ,,कई लोग चले गए ,,लेकिन देश के क़ानून ,,देश के संविधान के खिलाफ वोह कुछ भी नहीं कर सके है ,,ऐसे में कोई भी मुद्दा हो ,,अपने तरीके से निपटे ,,अपने तरीके से समझे ,,नफरत फैलाने से कुछ नहीं होगा ,डरने से कुछ नही होगा ,,जागरूक होना होगा ,,सच और गलत की तहज़ीब ,,तमीज़ हमे सीखना होगी ,,हक़ ईमान का फैसला हमे खुद क़ुरआन की रौशनी में करना होगा ,, हमे अल्लाह ने क़ुरआन का हुकम दिया है ,,अल्लाह ने हमे पैगम्बर हुज़ूर स अ व की क़यादत ,पैगम्बरी दी है ,,फिर हम किसी से क्यों डरे ,,हमे तो प्यार बांटना है ,,खुदा पर हमे भरोसा है हमारे साथ ना इंसाफी नहीं हो सकती ,,,जो भी न इंसाफी की कोशिश करेगा इंशा अल्लाह खुद उसे मटियामेट करेगा ऐसा पहले भी होता रहा है ,,इसलिए इस्लाम का पैगाम ,,अमन के नाम ,,मोहब्बत प्यार है इस्लाम का पैगाम ,,लोगो की खिदमत ,,मदद है इस्लाम का किरदार ,,अपने अख़लाक़ से लोगो का दिल जीतना ही इस्लाम का अलम्बरदार होने का सुबूत है ,,बस हमे यही करना है ,,हम खामोशी से कर भी यही रहे है ,,जो सियासी लोग भटके है अल्लाह उन्हें भी राह पर लाएगा ,,हम क़ानूनी लड़ाई में बिना किसी को इलज़ाम दिए जो मदद कर सकते है करे ,,,,इंशा अल्लाह हम होंगे कामयाब हम होंगे कामयाब ,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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