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23 अक्तूबर 2016

राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड के गलत नतीजो के चलते राजस्थान की वक़्फ़ सम्पत्ति को ,,राजस्थान वक़्फ़ निगरा बोर्ड ,,तबाह बर्बाद नहीं होने देगा

राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड के गलत नतीजो के चलते राजस्थान की वक़्फ़ सम्पत्ति को ,,राजस्थान वक़्फ़ निगरा बोर्ड ,,तबाह बर्बाद नहीं होने देगा ,,इसके लिए प्रदेश भर में जिलेवार आंदोलन होंगे और प्रदेश स्तर पर ,,वक़्फ़ सम्पत्तियों को बचाने के लिए विशाल प्रदर्शन भी किया जाएगा ,,राजस्थान वक़्फ़ निगरा बोर्ड की बैठक में पदाधिकारियो ने कहा की राजस्थान में वक़्फ़ बोर्ड प्रबन्धन और वक़्फ़ सम्पत्तियों के खुर्द बुर्द मामले में ,,सेफ्रॉन एजेंडा किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा ,,,,राजस्थान में मुस्लिम आर एस एस से जुड़े लोगो के वक़्फ़ बोर्ड के मुख्य पद पर क़ाबिज़ होने के बाद से ही ,,राजस्थान की वक़्फ़ सम्पत्ति और ,,वक़्फ़ बोर्ड प्रबन्धन पर सेफ्रॉन एजेंडे का खतरा मंडराने लगा है ,,राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड की आगामी 26 अक्टूबर को होने वाली बैठक में भी गुप्त सेफ्रॉन एजेंडे को लेकर गुप्त फैसले होने की सम्भावना है ,,,राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड के गठन के बाद ,,ज़िलों में कमेटियां हटा कर ,,नये सेफ्रॉन एजेंडे को लागू करने की कोशिशो से राजस्थान की वक़्फ़ सम्पत्तियों की सुरक्षा को खतरा हो गया है ,,प्रदेश में वक़्फ़ बोर्ड गठन के बाद ,,किसी भी ज़िले में वक़्फ़ सम्पत्तियों से अतिक्रमण हठाने ,,वक़्फ़ सम्पत्तियों के व्यवसायिक या पर्यटन आकर्षक उपयोग सहित आमदनी बढ़ाने को लेकर कोई ख़ास चर्चा नहीं हुई ,,,,लेकिन सेफ्रॉन एजेंडे के तहत पहली वक़्फ़ बोर्ड की बैठक मुख्य कार्यकारी की अनुपस्थिति में विधि विशेषज्ञ सदस्य नासिर अली नक़वी के ऐतराज़ के बाद भी विधि नियमो के विपरीत एक वरिष्ठ बाबू के संचालन में रखवाई गयी ,,राज्यसभा आरक्षित कोटे से अधिसूचित अश्क अली टाक को बुलाया तक नहीं गया ,,उनका कार्यकाल समाप्त हुआ कहकर उन्हें नज़र अंदाज़ किया गया है ,,खुद अश्क अली तो खुद मुस्लिम वक़्फ़ सम्पत्तियों और समस्याओ से दूर ही रहे है ,,इसीलिए उन्होंने इस मामले में कोई प्रतीकार भी नहीं किया और मौन सहमती देकर अलग हो गए ,,जबकि एक बार निर्वाचित होने के बाद किसी राज्यसभा सदस्य को हटाने का क़ानून नहीं है ,,,वक़्फ़ बोर्ड की पिछली बैठक में सरवाड़ शरीफ के मुतव्वली युसूफ खान ,,से दोस्ताना माहौल में बोर्ड की बैठक हुई ,,उन्हें कुछ ज़िलों का प्रभारी सदस्य बनाया और दूसरे दिन गेर क़ानूनी तरीके से बिना किसी बोर्ड के फैसले के बर्खास्त कर दिया गया ,,,युसूफ खान राजस्थान वक़्फ़ ट्रिब्यूनल में इस आदेश के खिलाफ गए और ट्रब्यूनल जज ने इस गैरक़ानूनी सेफ्रॉन सरकारी आदेश को खारिज करते हुए युसूफ खान को बहाल कर दिया ,,ताज्जुब है 26 अक्टूबर की बैठक में युसूफ खान की अदालत द्वारा बहाली के आदेश के बाद भी उनकी बर्खास्तगी के आदेश के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा गया है ,,,एक सदस्य शोकत कुरैशी जो घाट गेट जयपुर की वक़्फ़ सम्पत्ति के संरक्षक है ,,उनके खिलाफ मुक़दमा दर्ज करवा दिया गया ,,घाट गेट वक़्फ़ सम्पत्ति को बचाने के लिए सेफ्रॉन एजेंडे के खिलाफ वक़्फ़ बोर्ड ने अपना कर्तव्य नहीं निभाया है ,,कोटा में नाजायज़ किराएदारी ,,मल्टी स्टोरी बिल्डर्स के अतिक्रमण ,,अवैध अंडर पास ,,मुनि जी कुंड वक़्फ़ सम्पत्ति के अतिक्रमण सहित कई मामले है ,,टोंक में मुतव्वलियो को बिना किसी बोर्ड के फैसले के हटाया जा रहा है ,,दूसरे लोगो लगाया जा रहा है ,,जनउपयोगी निर्माण में बाधाएं पैदा की जा रही है ,,बारां झालावाड़ में वक़्फ़ सम्पत्ति रखरखाव के गम्भीर विवाद है ,,,,जयपुर ,,जोधपुर ,,कोटा ,,टोंक सहित बढे ज़िलों में वक़्फ़ सम्पत्तियों के रखरखाव पर सेफ्रॉन प्रबन्धन की नज़र है ,,,,वक़्फ़ कमेटियों का गठन अब होना है ,,कमेटी में सदस्य या सदर ,,क़ानूनी रूप से वक़्फ़ सम्पत्तियों का हितेषी ,,वक़्फ़ सम्पत्तियों का जो क़ब्ज़ेदार न हो ,,अपराधी मुक़दमा दर्ज न हो वही बन सकता है ,,लेकिन खुद प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमेन के खिलाफ मुक़दमा विचाराधीन है ,,मस्जिद की बकाये के आरोप है जिसकी जमा अनापत्ति विधिक व्यक्ति द्वारा जारी नहीं की गयी है ,,ज़िलों में बनाये गए प्रभारियों ने अभी तक ,,कमेटियों के गठन के प्रस्ताव और नाम नहीं तैयार किये है ,,एक महिला सदस्य तो इतनी दबाव में है के वोह इस्तीफे तक का मानस बना चुकी है ,,कोटा कमेटी के गठन को लेकर ,,बेगानी शादी में अब्दुल्लाह दीवाना ,,वाली कहावत की तरह भयंकर घमासान है ,,,वक़्फ़ बोर्ड का चेयरमैन कोई भी ,,सदस्य कोई भी हो ,,मुख्यकार्यकारी अधिकारी कोई भी हो ,,ज़िला वक़्फ़ कमेटियों ,,मुतव्वली पदों पर किसी को भी नियुक्त किया जाए ,यह सरकार और बोर्ड का अधिकार है ,,लेकिन इसका विधिक फैसला प्रभारी की राय से बोर्ड की बैठक में नियुक्त किये जाने वाले लोगो के आपराधिक और वक़्फ़ क़ब्ज़ेदार का रिकॉर्ड वेरीफाई करने के बाद ही किया जाना चाहिए ,,,,राजस्थान वक़्फ़ निगरा बोर्ड इस मामले में शीघ्र ही जिलेवार बैठके आयजित कर ,,वक़्फ़ सम्पत्तियों को बचाने और प्रबन्धन पर सेफ्रॉन एजेंडे के खतरे को दूर करने के लिए ,,खुदा और खुदा की राह में समर्पित वक़्फ़ सम्पत्ति को महफूज़ करने के लिए ,,आम जनता के साथ मिलकर एक बढ़ा आंदोलन छेड़ेगी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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