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14 अगस्त 2016

आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साहब को में सत्तावन बार यह पत्र लिख चूका हूँ

दोस्तों गांय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए और गोवंश संरक्षण क़ानून बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझावों के साथ ,,,आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साहब को में सत्तावन बार यह पत्र लिख चूका हूँ ,,लेकिन अभी तक इस कौन को लेकर कोई चर्चा ,,कोई व्यवस्था नहीं हुई है ,,इस पत्र की प्रतिलिपि कई गो संरक्षकों को भी भेजी है ,,लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है जनाब ,,,,,,,
आदरणीय नरेंद्र मोदी साहब
प्रधानमंत्री महोदय
भारत सरकार नई दिल्ली ,,भारत ,,
विषय ,,,,,भारत में गो वंश संरक्षण क़ानून बनाने और गांय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के क्रम में ,,,,,,,,,,,
मान्यवर ,,
उपरोक्त विषय में निवेदन है के हमारा भारत ,,हमारे भारत में रहवासी हिन्दू भाई गांय को माँ का दर्जा देकर ,,माता कहकर सम्मानित करते है ,,,एक तरफ एक धर्म के लोग गांय को माता कहते है ,,गांय का मान सम्मान करते है दूसरी तरफ भारत को होटलों में विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए गो मांस का कारोबार है ,,,रोज़ गांय बाज़ार में कत्लखानो के लिए बेचीं जा रही है ,,,आप खुद इस सत्य को जानते है और मानते है ,,अपने एक साक्षात्कार में आप इस सच को स्वीकार चुके है के कई जेन बंधु जो आपके मित्र है इस व्यवसाय में लगे है ,,आप गांय के क़त्ल और इसका मांस के व्यापार के प्रधानमंत्री बनने के पहले से ही घोर विरोधी रहे है ,,सभी हिन्दू भाई गांय को माँ का दर्जा देते है वोह अलग बात है के जिस तरह से महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता का दर्जा कैसे और कब मिला इसका दस्तावेजी सुबूत नहीं है ऐसे ही गांय को माँ कहना कब से शुरू किया इसके पीछे क्या सुबूत रहे लोगों को तलाशने पर भी नहीं मिल पाते हो लेकिन गो पूजन होती है ,,इसलिए पूजनीय हर जीव सत्कार योग्ये है ,,,हमारे भारत में अफ़सोस की बात है के आपकी सरकार आने के बाद भी एक भी गांय का क़त्ल करने वाला क़त्ल खाना बंद नीं हुआ ,,अफ़सोस की बात है गो संरक्षण के लिए एक भी योजना तैयार नहीं की ,,,गांय के मांस को पांच सितारा होटलों पर खिलाने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई ,,,,,,,,,,,,,गांय का मांस बेचने वाले होटलों को बंद नहीं करवाया गया ,,,गांय के मांस के कारोबार को बंद नहीं करवाया गया ,,विदेशो में इसकी सप्लाई आज भी नहीं रोकी गई ,,सड़को पर एक पूजनीय माँ का दर्जा रखने वाली गांय जब भूखी भटकती है ,,नाली ,,गंदगी में मुंह डालती है ,,सड़क पर किसी वाहन चालक का रास्ता रोकती है ,,,किसी की सब्ज़ी खाने पर जब सब्ज़ी वाला गांय को लठ मारकर दुत्कारता है तो गांय माँ नहीं एक साधारण जानवर नज़र आती है ,,अफ़सोस होता है मालिक गांय से कमाता है ,,दूध बेचता है ,,खुद दूध पीता है और फिर दूध निकालकर ,,,दूध बढ़ाने का इंजक्शन लगाकर गांय का जिस्म छलनी करवाता है और पूजनीय सम्मानीय माँ तुल्य गांय को सड़क पर छोड़ देता है ,,,इस मामले में एक माँ का अपमान करने वालों को सज़ा नहीं मिलती ,,एक गांय को बेचा जाता है ,,उसके चमड़े के जूते बनाये जाते है ,,गांय के मरने पर सड़क पर कई दिनों तक सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है ,,कसाई की जगह यह मरी हुई गांय बढ़ी बेरहमी से बढ़ी बेहयाई से हड्डी ठेकेदार उठाते है ,,चीर फाड़ करते है ,,हड्डियां बेचते है ,,मांस अलग करते है ,,,आते ऑपरेशन के टाँके लगाने वाली फैक्ट्री को बेचे जाते है ,,हड्डियां कंघे ,,ज़ेवर बनाने के लिए बेचीं जाती है मांस कुत्ते बिल्ली के खाने के लिए बेचा जाता है ,,बिस्किट बनाने की फैक्ट्रियों में जाता है ,,,चमड़ा जूते बनाने के लिए बेच दिया जाता है ,,,अफ़सोस होता है एक पूजनीय गांय जिसे हमारे भाई माँ कहते है उसका इतना उपहास ,,इतना तिरस्कार ,,इतना अपमान ,,इतना व्यापार ,,दूसरी तरफ शेर जिसे हम राष्ट्रिय पशु कहते है उसकी मृत्यु पर उसका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ ,,सरकार के अधिकारियो की मौजूदगी में पूरा जलाकर नष्ट करने का क़ानून ,,हमारे हिन्दू भाइयो की माँ का जज़्बा गांय के साथ जुड़ा है और गांय का कोई सम्मान नहीं एक शेर जो मांसाहारी है उसका राजकीय सम्मान ,,राष्ट्रीय पशु की घोषणा कुछ समझ नहीं आता ,,पिछली सरकारों की गलतिया अब सुधारने का वक़्त है ,,मेरी गुज़ारिश है के निम्न क़ानून बनाया जाए ,,,
,,,,,,,,,,,,,,,,,भारत में गो संरक्षण संवर्धन क़ानून बने ,,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,भारत में सभी तरह की प्रजाति की गांय और गांय के बेल बछड़े को राष्ट्रिय पशु घोषित किया जाए ,,
,,,,,,,,,भारत में गांय के मान सम्मान प्रतिष्ठा का पूरा ध्यान रखा जाए ,,,जो लोग गांय को दूध निकालकर सड़को पर लोगों के डंडे खाने ,,नलियो में मुंह डालने ,,कचरे में मुंह डालकर पोलिथिन खाकर मर जाने के लिए छोड़ देते है ऐसे सभी लोगों को तलाश कर गैर ज़मानती अपराध बनाकर जेल भेजा जाए जिसमे कमसे कम सात साल की सज़ा होना चाहिए ,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,,,,गांय की हत्या करना ,,गांय का क़त्ल करना ,,प्रतिबंधित हो और इस कारोबार या इस काम में जो भी शामिल हो उसे कमसे कम उम्र क़ैद और अधिकतम फांसी की सज़ा का प्रावधान हो ,,क़त्ल के लिए बेचने वाले ,,क़त्ल के लिए खरीदने वाले ,,क़त्ल के बाद मांस खाने वाले ,,क़त्ल के बाद मांस बेचने वाले ,,मांस खिलाने वाले ,,खाल ,,हड्डी ,,,,सींग ,,आंतो का कारोबार करने वाले ,,,क़त्ल खानो में लाने ले जाने वाले ,,,आयात निर्यात करने वाले ,,किसी भी वाहन में लदान कर ले जाने लाने वाले सभी तरह के लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर उन्हें उम्र क़ैद या फिर मृत्युदंड का प्रावधान हो ,,,,,
,,,,,,,,,,,गांय को संरक्षित करने के लिए ,,गो वंश सरंक्षण पुलिस ,,का गठन किया जाए ,,हर ज़िले में इसके लिए पृथक थाना स्थापित हो और इस तरह के मामलो के लिए विशेष न्यायालय स्थापित हो जो त्वरित सुनवाई कर दोषी लोगों को जल्दी सज़ा दिलवा सके ,,,,,,,,गो संरक्षण पुलिस का हर राज्य में पृथक से पुलिस निदेशक हो ,,पृथक निदेशालय हो ,,स्टाफ हो ,,,,,,पुलिस कर्मियों को ज़िले में वार्डवार ,,पंचायत वार घर घर सर्वेक्षण कर गांय का दूध लेकर उसे सड़को पर छोड़ देने वालों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर जेल भेजने के निर्देश हो ,,,,,,,सड़को पर जिन गांयों को लावारिस देखे उन्हें तुरंत गोशालाओं में भेजने का प्रावधान हो ,,सड़को पर उत्पात मचाने वाली गांय ,,बीमार ,,घायल गांयों के इलाज के लिए हर ज़िले में पृथक से सिर्फ गांय के इलाज के लिए आधुनिक उपकरणों और मुफ्त दवाओ वाला अस्पताल स्थापित हो जिसमे कुशल चिकित्सक तैनात किये जाने का प्रावधान हो ,,,,,,
,,,,,,,,,,,गांय की मृत्यु पर गांय का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ विशिष्ठ थानाधिकारी की मौजूदगी में हो ताके उसकी खाल ,,मांस ,,,,हड्डिया ,,आंतो का अपमान करने के लिए व्यापारियों और कुत्ते बिल्ली के बिस्किट बनाने वाले कारोबारियों के पास नहीं जाए ,,,,,,,,,इसका उलन्न्घन करने पर कठोर उम्रकैद के दण्ड का प्रावधान हो,,,
,,गांय के मांस का जो भी व्यापारी हो ,,गांय के क्रय विक्रय का जो भी व्यापारी कारोबारी हो ,,जो गांय का मांस खाते हुए ,,बेचते हुए पकड़ा जाए ,,गांय के हंडे या किसी भी चीज़ का कारोबार करता हुआ पकड़ा जाए ऐसे व्यक्ति को मृत्यु दण्ड दिए जाने का प्रावधान रखा जाए ,,,,
,,,,,,,,,,,,,,जिन होटलों में गांय का मांस बेचने का प्रावधान हो उन होटलों का लाइसेंस निरस्त कर पूरी होटल को सीज़ कर राजसात कर उसे नीलाम करवाकर उसका रुपया गो संरक्षण और गोशाला देखभाल में खर्च करने का प्रावधान बनाया जाए ,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,हर ज़िले में गो पूजा के दिन एक विशिष्ठ स्थान निर्धारित कर वहां सामूहिक पूजा का प्रावधान हो ,,,,घांस चारे वाले ,,धार्मिक चारा डालने वाले सभी लोगों को सड़को पर चारा नहीं डालने ,,गो माता को सड़को पर लावारिस हालत में नहीं छोड़ने एक साथ गोशाला में चारा डालने के बाध्यता क़ानून बनाया जाए जो भी इसका उलंग्घन करते हुए गो माता को प्रताड़ित करता हुआ ,,अपमानित करता हुआ नज़र आये उसके खिलाफ गैर ज़मानतीय क़ानून बनाकर उन्हें जेल भेजा जाए और कमसे कम सज़ा दिलवाई जाए ,,,,
,,,,,,,,,,,,गो वंश चाहे गो माता हो चाहे बेल बछड़ा हो जो भी हो किसी भी कार्य में नहीं लगाया जाए ,,बेलगाडी में बेल नहीं जोते जाए ,,खेती के काम में गांय ,,बेल ,,बछड़ो को लगाकर प्रताड़ित नहीं किया जाए ,,ज़ोर ज़बरदस्ती के नाम पर उन्हें लट्ठों से मारने से रोका जाए ,,कुरीतियों के नाम पर उनके कान छेदना ,,कान जलाना ,,पैरों के खुरो में लोहा लगाकर बढ़ी बढ़ी कीले ठोकने जैसे अमानवीय कृत्यों पर पाबंदी हो और इसके उलंग्घन पर कठोर सज़ा और गैर ज़मानतीय अपराध का प्रावधान रखा जाए ,,,,
,,,,,,,,,,,,गो वंश सरक्षण टैक्स पच्चीस लाख रूपये प्रति वर्ष से अधिक आमदनी वाले हर व्यापारी ,,उद्योगपति ,अधिकारी पर टैक्स अधिरोपित कर वसूलने का प्रावधान हो एक विशेष गो संरक्षण मंत्रालय केंद्र पृथक से बनाये और सभी राज्यों में पृथक से गो संरक्षण मंत्रालय का गठन किया जाए ,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,,,,,,,गो वंश संरक्षण क़ानून का उलंग्घन करने वालों के खिलाफ तफ्तीश करने और अतिरिक्त कार्यवाही करने के लिए टाडा ,,पोटा ,,विधि विरुद्ध क्रिया कलाप अधिनियम जैसे क़ानून के सख्त प्रावधान लागु किये जाए ताकि अपराधियो में खौफ का वातावरण बने और गो संरक्षण देश में स्थाई रूप से हो सके ,,,
,,,,,,,,,,गो संरक्षण आयोग को निर्देश हो के वोह गो वंश की गणना प्रति वर्ष करवाए ,,,प्रत्येक गो वंश की ,मृत्यु होने पर पोस्टमार्टम के बाद विशिष्ट राजकीय सम्मान प्रावधान के तहत अंतिम संस्कार हो ,,गो वंश का जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का प्रावधान हो ताके गो वंश की प्रतिवर्ष गिनती के वक़्त गो वंश कहीं अवैध रूप से क्रय विक्रय तो नहीं किये जा रहे इसकी जानकारी वार्ड स्तर पर ,,जिला स्तर पर ,,क़स्बा और गाँव स्तर पर पता लग सके और इसे नियंत्रित कर अवैध कारोबारियों को पकड़ा जा सके ,,,,,,,,,,,,,,,,
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय आप से सादर गुज़ारिश है के आप गोवंश संरक्षण और सम्मान के लिए इस प्रस्तावित गो वंश सरक्षण क़ानून में और कठोर प्रावधान जोड़ कर संशोधित कर इसे लागू करेंगे और मेरे सभी हिन्दू भाइयो के जज़्बात का मान सम्मान करेंगे ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,शुक्रिया
अख्तर खान अकेला एडवोकेट
महासचिव
ह्यूमन रिलीफ सोसाइटी
2 थ 15 विज्ञाननगर कोटा राजस्थान
मोबाइल ,09829086339

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