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05 अगस्त 2016

इरोम शर्मिला को कट्टरपंथी ग्रुप की धमकी- मणिपुरी लड़के से शादी नहीं की तो मार डालेंगे



मणिपुर के कट्टरपंथी ग्रुप ने मणिपुरी लड़के से शादी करने को कहा है। (फाइल)
मणिपुर के कट्टरपंथी ग्रुप ने मणिपुरी लड़के से शादी करने को कहा है। (फाइल)
नई दिल्ली.मणिपुर के एक कट्टरपंथी ग्रुप ने इरोम शर्मिला को जान से मारने की धमकी दी है। ग्रुप को उनके चुनाव लड़ने और शादी करने के फैसले पर आपत्ति है। अलायंस सोशलिस्ट यूनिटी कांगलीपाक (ASUK) ने शर्मिला को धमकी देते हुए कहा है कि अगर उन्होंने मणिपुर के रहने वाले लड़के से शादी नहीं की तो उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ेगी। ASUK ने कहा- पहले भी कई क्रांतिकारी नेताओं को मारा...
- ASUK प्रेसिडेंट एन ओकेन और वाइस चेयरमैन KSH लैब माइती ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि उन्हें मणिपुरी लड़के से ही शादी करनी होगी।
- ASUK का कहना है, 'इससे पहले भी पब्लिक लाइफ में शामिल होने की कोशिश करने वाले कई क्रांतिकारी नेताओं को मार दिया गया है।"
- संप्रभु मणिपुर (सोवेरिन मणिपुर) की मांग करने वाले दो अन्य ग्रुप्स ने भी इरोम को अपना अनशन जारी रखने को कहा है।
- आयरन लेडी के नाम से मशहूर इरोम ने 9 अगस्त को अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया है। साथ ही उन्होंने चुनाव लड़ने का भी एलान किया है।
- बता दें कि 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए इरोम आम आदमी पार्टी की पेशकश ठुकरा चुकी हैं।
कोर्ट में बताई थी अपनी इच्छा
- इरोम ने कोर्ट को अपनी इच्छा के बारे में जानकारी दे दी है। बता दें कि अनशन को लेकर चल रहे केस के तहत उन्हें हर 15 दिन में कोर्ट में हाजिरी देनी पड़ती है।
- उनके साथियों ने बताया कि वे इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर इलेक्शन लड़ना चाहती हैं।
- बता दें कि इंफाल के सरकारी हॉस्पिटल में पिछले 16 सालों से उनके लिए एक रूम बुक है।
ब्रिटिश सिटिजन से शादी करना चाहती हैं इरोम
- माना जा रहा है कि उनकी भूख हड़ताल तुड़वाने में उनके प्रेमी और भारतीय मूल के ब्रिटिश सिटिजन डेसमंड कूटिन्हो की अहम भूमिका रही है।
इरोम ने डेसमंड से शादी करने की बात भी कही है।
डेसमंड राइटर और सोशल एक्टिविस्ट हैं।
- इरोम डेसमंड की फोटो हमेशा अपने पास रखती हैं। उन्हीं के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी लिख रखी है।
- डेसमंड ने जब शर्मिला का स्ट्रगल 'बर्निग ब्राइट' किताब में पढ़ा, तो उन्होंने 2009 में शर्मिला को चिठ्ठी लिखी। तब से वे एक-दूसरे के साथ हैं।
क्या है AFSPA?
- आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (AFSPA) संसद में 1958 में पास किया गया था। शुरू में इसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा में लगाया गया था। इसके तहत आर्मी को किसी भी शख्स की बिना वारंट के तलाशी या अरेस्ट करने का विशेषाधिकार हासिल है।
- यदि वह शख्स विरोध करता है, तो उसे जबरन अरेस्ट करने का भी हक आर्मी के के पास है।
- इतना ही नहीं, कानून तोड़ने वाले किसी भी शख्स पर फायरिंग का राइट भी आर्मी को है। अगर इस दौरान किसी की मौत भी हो जाती है, तो उसकी जवाबदेही फायरिंग करने या ऑर्डर देने वाले अफसर की नहीं होती।

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