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29 अप्रैल 2016

आपने यूँ ही

बहुत नज़दीक
आती जा रही थी तुम
मुझे पता नहीं था
आपने यूँ ही
हमे अपना बनाकर ,,
तड़पता हुआ
छोड़ कर जाने का इरादा
कर लिया था ,,
आपके बदले का यह अंदाज़
बुरा ज़रूर है
फिर भी ,,
जो वक़्त
तुम्हारी ऐक्टिंग
प्यार की ऐक्टिंग के साथ गुज़ारा
सच वह हर लम्हा
तुम्हारी यादो की तड़पन के साथ
हमेशा याद रहेगा ,,,,अख्तर

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