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04 मार्च 2016

मेरे उर्दू के हमदर्द दोस्तों ,,,,पुरखुलुस इल्तिजा ,

मेरे उर्दू के हमदर्द दोस्तों ,,,,पुरखुलुस इल्तिजा ,,खासकर ,,उर्दू के टीचर्स ,,लेक्चरर्स ,,पैराटीचर्स ,,उर्दू अदब से जुड़े सीधे मेरे भाइयों से एक दरख्वास्त ,, राजस्थान में जून में फिर पढ़ाई का सेशन शुरू होने वाला है ,,यहां स्टाफिंग पैटर्न फिर होगा ,,राजस्थान में पिछले साल भी ,,उर्दू के साथ जो नाइंसाफी हुई ,,उसके लिए हमे एक इंक़लाबी लड़ाई लड़ने पर मजबूर होना पढ़ा ,,आधी अधूरी जीत हुई ,,साल निकल गया ,,,अभी कोटा शिक्षा विभाग ने कई स्कूलों में उर्दू पढ़ाने के लिए टीचर्स नहीं लगाये है ,,सेकंड ग्रेड के पद खाली है ,,उर्दू के बच्चे व्यवस्थार्थ पढ़ने को मजबूर है ,,चेचट सीनियर स्कूल में फर्स्ट ग्रेड उर्दू का पद कोटा भेजकर खत्म किया गया ,,अब सेकंड ग्रेड का पद भी खत्म ,,बच्चे है ,,लेकिन उर्दू का पद खत्म ,,ऐसे राजस्थान में कई स्कूल है जहाँ यह कार्यवाहियां ,,हमारी सुस्ती ,,हमारी नींद ,,हमारी लापरवाही की वजह से लगातार हो रही है ,,अभी राजस्थान के स्कूलों में ,,नए आने वाले स्टाफिंग पैटर्न के नाम पर ,,स्कूल में पढ़ने वाले बच्चो की संख्याये भेजी जा रही है ,,अधिकतम सूचनाओं के बारे में पता चला है ,,के जानबूझ कर बच्चो की संख्याये कम बताई जा रही है ,,बच्चों की संख्या अलग अलग क्लासों की संख्या के हिसाब से भी नहीं भेजे जा रहे है ,,हालात यह है के आने वाले साल में हम नए उर्दू पढ़ने वाले बच्चो के स्कूलों में एमिशन करवाने के लिए भी सतर्क और सजग नहीं है ,,हम मौक़ापरस्त मतलबी है ,,अपना काम हो गया अब उर्दू से हमे क्या मतलब ,,होता है ,,दुनिया का ऐसा ही दस्तूर है ,,लेकिन दोस्तों सभी एक जैसे नहीं होते ,,कुछ मुजाहिद होते है ,,कुछ अकेले चलते है ,,फिर भीड़ उनके साथ होकर उनकी हिम्मत बनती है ,,मुझे फख्र है के मेरे हर उर्दू के हमदर्द ,,हर साथी में ,,यह जज़्बा है ,,ऐसे में मेरी इल्तिजा है ,,मेरी दरख्वास्त है ,,भाइयों और बहनो ,,अपने अपने इलाक़े के स्कूलों में ,,उर्दू के बच्चो का नामांकन बढ़ाये ,,उर्दू के अधिकतम ऐडमिशन हो ,,,हर स्कूल में खुद एक टीम बनाकर ,,दर्ज रजिस्टर में पढ़ने वाले बच्चो की संख्या ,,जो भेजी गई है ,,और जो संख्या शिक्षा विभाग के जिला कार्यालय ,,उपनिदेशक कार्यालय से बीकानेर निदेशालय को भेजी गई है ,,उसकी तस्दीक़ करे उसे दुरुस्त करवाये ,,और बीस बच्चे ऐडमिशन होते ही ,,इलाक़े के किसी पैराटीचर्स और स्कूल के प्रिंसिपल से सम्पर्क कर ,,भामाशाह योजना ,स्वपोषित स्कीम के तहत ,,मोहल्लेदारांन के चंदे से उस टीचर का वेतन देकर उर्दू पढ़वाए ,,फिर आगामी उर्दू पद लाने के लिए बजट में व्वयस्था करवाये ,,, फिर मत कहना ,,क्योंकि कांग्रेस ,,भाजपा और सियासी लोगों के दोगले चेहरे आप लोग परख चुके हो ,,यह झूंठो और मक्कारों की महफ़िल है ,,सच बोलोगे तो तुम निकाले जाओगे ,,इसलिए उठो ,,,सोचो ,,अम्ल करो ,,इस दौर में जीना है तो क़ानूनी मर्यादाओं में रहकर कोहराम बचा दो यारो ,,,,दोस्तों में लाइल्म हूँ ,,में एक छोटा सा खादिम हूँ ,,लेकिन मेने आपसे मदद मांगने की गुस्ताखी ,,आप लोगों के हौसले की उड़ान को देखकर की ही ,,प्लीज़ ,,प्लीज़ ,,प्लीज़ उर्दू की मदद करे ,,,प्लीज़ उर्दू के लिए संघर्ष करे ,,प्लीज़ ,,, एडवोकेट अख्तर खान अकेला ,,,को कन्वीनर ,,तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान ,,,

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