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22 फ़रवरी 2016

कहावत ,,जिसकी लाठी उसी की भेंस ,,विश्व के सबसे बढ़े लोकतंत्र हमारे हिन्दुस्तान को शर्मसार करते हुए ,,यहां रह रहे ,,सवा सो करोड़ लोगों का मुंह चिड़ाते हुए प्रभावी हो रही है ,

कहावत ,,जिसकी लाठी उसी की भेंस ,,विश्व के सबसे बढ़े लोकतंत्र हमारे हिन्दुस्तान को शर्मसार करते हुए ,,यहां रह रहे ,,सवा सो करोड़ लोगों का मुंह चिड़ाते हुए प्रभावी हो रही है ,,एक आम इंसान रोज़ इन्साफ के लिए लड़ाई लड़ता है ,,लेकिन उसे धक्के मिलते है ,,एक आम इंसान ,,,एक समाज शांतिपूर्ण ज्ञापन देकर ,,अपने समाज को हक़ देने की बात करता है ,,लेकिन उसकी आवाज़ कचरे में फेंक दी जाती है ,,लेकिन जो लोग हमारे देश में इन्साफ की भेंस को हांसिल करने के लिए अपने हाथ में तोड़फोड़ ,, अराजकता का डंडा लेते है ,,उनकी बात बहुत जल्द सुन ली जाती है ,,गुर्जर भाई पटरियों पर गए ,,पटरियाना तोड़ी ,,करोड़ो करोड़ रूपये की देश की सम्पत्ति स्वाहा की ,,,रास्ते जाम कर ,,तोड़फोड़ कर देश में डर खौफ का वातावरण पैदा किया ,,उनकी बात मान ली गई ,,फिर जाट भाई मैदान में आये वही फार्मूला अपनाया गया ,,देश की लाइने जाम ,,पानी बंद ,,करोडो करोड़ रूपये की देश की सम्पत्ति स्वाहा ,,कई लोग मारे गए ,,कई लोग घायल हुए ,,,,लेकिन आखिर में सरकार झुकी और बात मान लेंने का वचन दिया ,,,,जे ऍन यु में पुलिस ,ज़ुल्म ,,अत्याचार ,,अदालत में वकीलों के भेस में गुंडई हरकते ,,,गृहमंत्री पुलिस को सही ठहराते है ,,,,,देशद्रोह के सुबूत की बात करते है ,,,फिर अचानक आंदोलन ,,शोरशराबा और पुलिस के कमिश्नर को हटाया जाता है ,,,पुलिस और सरकार बैकफुट पर आती है ,,,आखिर क्या है ,,हमारे देश में ,,आखिर क्या है हमारे क़ानून ,,हमारे सिस्टम में जिसमे एक संविधान है ,,,कई क़ानून है ,,अदालते है ,,कार्यपालिका है ,,विधायिका है ,,सांसद ,,विधायक है ,,लेकिन सब दिखावे के ,,,,बात ,,जिसके हाथ में लाठी होती है ,,उसी की मानी जाती है ,,उसी के काम होते है ,,राजस्थान से उर्दू खत्म ,,शांत मुसलमान लाखो की तादाद में जब कोटा सहित राजस्थान के हर ज़िले में बाहर निकलता है तो ,,सरकार अपनी गलती को सुधारती है ,,,,यह एक अफसोसनाक चलन है ,,अगर कोई गलत है ,,तो तोड़फोड़ ,,आगजनी ,,गोलीबारी कुछ भी हो उसकी बात हरगिज़ हरगिज़ नहीं मानना चाहिए ,,अगर कोई सही है तो फिर उसे आंदोलन की ज़रूरत ही क्यों ,,इस सिस्टम को हमे बदलना होगा ,,हमारे वोट के वक़्त चुने जाने वाले नेतृत्व की गुणवत्ता हमे देखना होगी ,,,हमे खुद को बदलना होगा ,,हमे देश को बदलना होगा,,देश के हालातों को बदलना होगा ,,अगर तोड़फोड़ करने वालों को हीरो बनाते रहे तो यक़ीनन ,,भाईगिरी के माहोल की तरह ,,जिसकी लाठी उसी की भेंस ,,वाला जंगलराज हमारे इस देश में लागू होगा ,,जो इस सबसे बढ़े लोकतंत्र के लिए खतरनाक होगा ,सड़को पर खून खराबा होगा ,,सरकारी संपत्तियां तबाह और बर्बाद होगी ,,शांत लोगों का जीना दुश्वार हो जाएगा ,,राज्य की सम्पत्ति तोड़ने वाले राष्ट्रभक्ति का नारा लगाते हुए ,,,राष्ट्रीय सम्पत्ति को आगजनी करने वाले राष्ट्रिय हीरो बनाये गए तो फिर क़ानून के क्या मायने रह जायेगे ,,हमे ,,हमारे देशभक्तो ,,सियासी देश भक्तो ,,मौसमी देश भक्तो ,,,सो कोल्ड देश भक्तो को ,,अपने इस चेहरे को ,,इस आयने में ,, लोकतंत्र और देश के क़ानून के आयने में देखना होगा ,,अपने दिल से पूंछना होगा ,,लेकिन ,,सो कोल्ड देशभक्त तो ,,बुद्धि सिर्फ जो चिप उनके दिमाग में डाली जाती है ,,उसी नज़रिये से राष्ट्रभक्ति देखते है ,,,,,खुदा उन्हें ओरिजनल राष्ट्रभक्ति ,,,की सदबुद्धी दे ,,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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