तुमसे
बात ना करू
तो ,,,,
दिल
भारी भरी
लगता है ,,
तुमसे
मुलाक़ात ना करूँ
तो ,,
ज़िदंगी
एक लाश सी
लगती है ,,,
तुम क्या हो
मेरे लिए
तुम्ही बताओ
ऐसा क्यों होता है ,,अख्तर
बात ना करू
तो ,,,,
दिल
भारी भरी
लगता है ,,
तुमसे
मुलाक़ात ना करूँ
तो ,,
ज़िदंगी
एक लाश सी
लगती है ,,,
तुम क्या हो
मेरे लिए
तुम्ही बताओ
ऐसा क्यों होता है ,,अख्तर

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