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18 दिसंबर 2015

नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया और राहुल आज कोर्ट में पेश होंगे, मांग सकते हैं बेल


नई दिल्ली. नेशनल हेराल्ड केस में शनिवार को कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी और वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश होंगे। जरूरत पड़ी तो दोनों नेता सारे कानूनी रास्ते आजमाएंगे। पेशी से पहले कांग्रेस ऑफिस में दोपहर 12.30 बजे मीटिंग होगी। इसके बाद कांग्रेस के लोकसभा-राज्यसभा के 100 सांसद और चार सीएम पटियाला कोर्ट तक मार्च निकाल सकते हैं।
क्यों होनी है पेशी?
- कांग्रेस नेताओं पर नेशनल हेराल्ड की 2000 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी हथियाने के इरादे से 90 करोड़ रुपए के पॉलिटिकल फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।
- इस केस में सोनिया, राहुल, मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस को कोर्ट में पेश होना है।
- पेशी से राहत की मांग करती इनकी पिटीशन दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।
- इस केस की मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा का ट्रांसफर हो चुका है। अब मजिस्ट्रेट लवलीन इस केस में सुनवाई करेंगी।
- सोनिया-राहुल का केस सीनियर एडवोकेट और पार्टी स्पोक्सपर्सन अभिषेक मनु सिंघवी लड़ रहे हैं।
- उनके खिलाफ सुब्रह्मण्यम स्वामी दलीलें देंगे।
क्या आईं रिएक्शंस?
- राहुल ने कहा- पीएमओ से हमारे खिलाफ साजिश हो रही है। यह 100% राजनीतिक बदले का मामला है।
- सोनिया ने पहले कहा था- मैं इंदिराजी की बहू हूं। मैं किसी से नहीं डरती। शुक्रवार को उन्होंने कहा- मैं कोर्ट में जरूर जाऊंगी।
- सरकार का कहना है कि कांग्रेस के नेता कोर्ट पर सवाल नहीं उठा सकते। इस केस से हमारा लेनादेना नहीं है।
- कांग्रेस के चीफ स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने कहा- हम सभी कानून रास्ते आजमाने को तैयार हैं। इसमें बेल का ऑप्शन भी शामिल है।
SPG को सिक्युरिटी की चिंता
- सोनिया-राहुल को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की सिक्युरिटी मिली हुई है।
- शुक्रवार शाम एसपीजी के अफसर पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचे और सिक्युरिटी प्वाइंट चेक किए।
- एसपीजी के मुताबिक, यहां गांधी परिवार की सिक्युरिटी को लेकर रिस्क है।
- एसपीजी इलाके की सिक्युरिटी के लिए पैरा मिलिट्री फोर्स और दिल्ली पुलिस का घेरा तैयार कराना चाहती है।
ऐसे समझिए, क्या है नेशनल हेराल्ड केस?
#1. नेशनल हेराल्ड 1938 में शुरू हुआ
- जवाहरलाल नेहरू ने 1938 में नेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत की।
- आजादी के बाद यह अखबार कांग्रेस का माउथपीस बना रहा।
- 2008 में अखबार छपना बंद हुआ।
- अखबार का मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल्स के पास था।
#2. अखबार बंद होने के बाद क्या हुआ?
- कांग्रेस ने एसोसिएटेड जर्नल्स को बिना ब्याज के 90 करोड़ रुपए का लोन दिया।
- फिर 2010 में 5 लाख रुपए से यंग इंडियन कंपनी बनी।
- इसमें सोनिया-राहुल की 38-38% हिस्सेदारी थी।
- कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस के पास 24% हिस्सेदारी थी।
#3. सोनिया-राहुल की कंपनी ने क्या किया?
- एसोसिएटेड जर्नल्स ने 2010 में अपने 10-10 रुपए के 9 करोड़ शेयर्स यंग इंडियन को ट्रांसफर कर दिए।
- बदले में 90 करोड़ रुपए का कर्ज भी यंग इंडियन के पास आ गया जो कांग्रेस से लिया गया था।
- यंग इंडियन को 50 लाख रुपए में ही 90 करोड़ के लोन की रिकवरी के राइट्स मिल गए।
#4. किसने दायर किया केस?
- बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने 2012 में कोर्ट केस दायर किया।
- उनका आरोप है कि कांग्रेस ने पॉलिटिकल फंड का गलत इस्तेमाल किया।
- कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड की देशभर में मौजूद 2000 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी हथियाने के मकसद से ऐसा किया।
समन भेजते वक्त ट्रायल कोर्ट ने क्या कहा?
‘ऐसा नजर आता है कि एसोसिएटेड जर्नल्स की 2000 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी का कंट्रोल हासिल करने के मकसद से यंग इंडियन बनाई गई। ऐसा लगता है कि पब्लिक मनी को पर्सनल मनी बनाने के लिए यह हुआ।’ - गोमती मनोचा, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट, पटियाला हाउस कोर्ट

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