हमें चाहने वाले मित्र

29 सितंबर 2015

सभी कांग्रेस के गुट एक जाजम पर आ जमे

कोटा लोकसभा युथ कांग्रेस के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के आह्वान पर कल बुलाई गई ,,किसान स्वाभिमान रैली ,,भानु प्रताप के लिए मेंढक तोलने के समान थी लेकिन विकट परिस्थितियों में भी सभी कांग्रेस के गुट एक जाजम पर आ जमे और विवप्रीत परिस्थितियों में भी भानु प्रताप ,,उनके मित्र मनीष शर्मा के प्रबंधन के चलते रैली ऐतिहासिक हो गई ,,,,कोटा के इतिहास में युथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आम तोर पर प्रदर्शन का नेतृत्व करने नहीं आते है जो इस बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरिंदर बरार से यह नेतृत्त्व करवाने में भानु प्रताप सफल हो गए ,,कोटा में कोई कार्यक्रम कई बरसो से कांग्रेस के मंच से ऐसा नहीं हुआ जिस मंच पर सभी नेता एक साथ बैठे हो ,,,लेकिन पूर्व सांसद रामनारायण मीणा को अगर छोड़ दे तो ,,,पूर्व मंत्री भरत सिंह ,,शांति धारीवाल ,,रामकिशन वर्मा ,,,रामगोपाल बैरवा ,,नईमुद्दीन गुड्डू ,,,इजैराज सिंह सहित सभी लोग इस प्रदर्शन में एक मंच पर बैठे थे ,,,,,,,,,,,,भानुप्रताप के लिए यह रैली एक चेलेंज थी और इस चेलेंज को पूरा करने के लिए भानु प्रताप को विकट परिस्थितियों से गुज़रना पढ़ा ,,एक दिन पहले कोटा में अनंतचतुर्दशी का विशाल जुलुस ,,सभी टेंट के सामन जुलुस में लगे होने से टेंट खाली नहीं ,,,जुलुस में लगे सभी लोग कार्यकर्ता ,,व्यापारी थके होने से वक़्त पर पहुंच पाना सम्भव नहीं फिर भी ग्रामीण क्षेत्र से भानुप्रताप ने टेंट सहित दूसरी व्यवस्थाओ को पूरी किया ,,,,माइक सहित ,,मंच वगेरा की सभी व्यवस्थाये सुबह सवेरे से खुद भानुप्रताप ,,उनके मित्र मनीष शर्मा सहित दूसरे साथियो ने आनन फानन में करवाई ,,,,पूरा शहर फ्लेक्स से सजाया गया ,,शहर में कांग्रेस मय वातावरण बनाने के लिए कोटा शहर के हर प्रमुख स्थान पर कांग्रेस के नेताओ के फोटु और रैली का कार्यकम चस्पा था ,,,,हाड़ोती में एक तरफ तो अनंत चतुर्दर्शी के जुलुस में लोग थके थे ,, दूसरी तरफ गाँव के कई इलाक़ो में हाट बाज़ार में लोग व्यस्त थे जबकि सोयाबीन सहित दूसरी फसल कटने और संभालने का वक़्त होने से किसान और कृषि मज़दूर व्यस्त था फिर भी भानु प्रताप ने सो से भी अधिक बसे ग्रामीण क्षेत्र में लगाई ,,,,,,,,,,,जो लगभग पूरी भर कर कोटा आई ,,खाने के पैकेट का इंतिज़ाम रहा ,,,,,महमानों की महमान नवाज़ी रही ,,,,कोटा के अलावा झालावाड़ से ट्रेन से भी लोग आये जबकि दूर दराज़ के इलाक़े भीलवाड़ा ,,टोंक ,,,सवाईमाधोपुर ,,सहित कई दूसरे क्षेत्रो के लोग रैली में मौजूद थे ,,,कोटा के इतिहास में कलेक्ट्रेट पर कार्यकर्ताओं ,,ने पहली बार प्रशासन और पुलिस से खुला टकराव किया ,,युथ कांग्रेस के आक्रामक तेवर थे और कांग्रेस को ज़िंदाबाद किया गया ,,ज़िंदा किया गया ,,,कांग्रेस को एक जुट कर उसमे जान फूंकी गई ,,,,यह भी ऐतिहासिक तथ्य है ,,,,कोई भी आयोजन हो कमिया तो छूट जाती है ,,इस आयोजन में भी कमिया रही होंगी ,,लेकिन सिमित साधनो ,,,,दूसरे गुटों के असहयोग ,आलोचनाओ सहित विपरीत परिस्थितियों के चलते भानु प्रताप ने जो भी दम खम दिखाया इसके लिए वोह बधाई के पात्र है ,,मुबारकबाद के हक़दार है ,,,शाबाशी का हक़ रखते है ,,ज़िंदाबाद कहलाने का हक़ रखते है ,,भाई भानु प्रताप को बधाई ,,मुबारकबाद ,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...