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18 सितंबर 2015

आधुनिक कोटा के शिल्पकार ,,अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज़ बहुमुखी प्रतीभा के धनी रहे महाराव भीमसिंह द्वितीय बहादुर की जयंती चोवदाह सितमबर को कोटा नगर विकास न्यास उनका सम्मान नहीं कर सकी

आधुनिक कोटा के शिल्पकार ,,अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज़ बहुमुखी प्रतीभा के धनी रहे महाराव भीमसिंह द्वितीय बहादुर की जयंती चोवदाह सितमबर को कोटा नगर विकास न्यास उनका सम्मान नहीं कर सकी ,,कई वर्षो से लाखो रूपये की लागत से बनी उनकी यादगार मूर्ति जो कपड़े से ढकी हुई है वोह लोकार्पण के लिए बाँट जोहती रही ,,लेकिन राजपुताना कोटा में किसी भी वंशज या प्रशंसक ने इस मामले में कोई आवाज़ नहीं उठाई ,,,,महाराव भीमसिंघ द्वितीय कोटा में राजस्थान यूनियन ऑफ़ स्टेट के पहले राजप्रमुख थे जबकि राजस्थान निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी ,,कोटा में इनके कार्यकाल में अस्पताल ,,खेल मैदान ,,नगर विस्तार ,,,उद्यान ,,पर्यावरण ,,उद्योग ,,शिक्षण संस्थाओ सहित कई महत्वपूर्ण कार्य हुए ,, महाराव भीमसिंह अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बहतरीन निशानेबाज़ थे ,,वोह खुद अपना वाहन चलाते थे और आम लोगों से राज महाराजाओ के ठसके के साथ नहीं बल्कि मित्रवत मुस्कुराते हुए पेश आते थे ,,लोगो के दुःख दर्द में हमेशा साथ रहने वाले महाराव भीम सिंह जिन्होंने राजपूत समाज को एकजुट करने की अलख जगाई उनकी प्रतिमा दो सालो से सिर्फ और सिर्फ लोकार्पण का इन्तिज़ार करती रहे और यह मूर्ति का अनावरण नहीं किया जा सके ,,अजीब बात है ,,कोटा में राजपूत विधायक ,,पूर्व मंत्री ,,पूर्व सांसद ,,,,सहित कई समाजसेवी संस्थाए है ,,खुद मुख्यमंत्री राजपूत है लेकिन अफ़सोस बहुमुखी प्रतिभा के धनी इस महापुरुष की मूर्ति लोकार्पण को नगर विकास न्यास कोटा सहित सत्ता में बैठे पूर्व और वर्तमान नताओं ने तमाशा बना दिया ,,पिछले दिनों लगातार मूर्ति लोकार्पण की गुहार लगाने के बाद जब मूर्ति का लोकार्पण नहीं हुआ तो स्टेशन निवासी एक सतेंद्र चतुर्वेदी ने अठाईस मार्च दो हज़ार पन्द्राह को इस प्रतिमा का खुद लोकार्पण कर दिया और अख़बार में खबर प्रकाशित करवा दी ,,,,,सतेंद्र चतुर्वेदी ने मूर्ति अनावरण पत्र में लिखा था ,,,आज अठाईस मार्च दो हज़ार पन्द्राह को आप जी की प्रतिमा का अनावरण किया गया रामलला द्वारा ,,,,आपजी जिन्हे भाभाशाह कहना चाहिए जिनकी जीवनी और स्वरूप का सभी को ज्ञान हो सके ,,इसलिए प्रतिमा का अनावरण किया गया ,,नयापुरा थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी ने इस लोकार्पण को विद्रूपित अधिनियम का अपराध माना और सतेंद्र चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया वोह इस मामले में तारीख पेशी तो भुगत रहे है ,,लेकिन आज भी वोह अफ़सोस के साथ कहते है के डेढ़ वर्षो से शहर के व्यस्ततम इलाक़े अंटाघर चौराहे पर जे डी बी कॉलेज के पास तीन परतो के आवरण में लिपटी ,,आप जी की प्रतिमा आज भी सिर्फ ढकी है और लोकार्पण की बाँट जोह रही है ,,,,,,,,,,,,,,,नयापुरा पुलिस ने इस मूर्ति को सरकारी सम्पत्ति बताकर सतेंद्र के खिलाफ जब विद्रूपित अधिनियम का मुक़दमा दर्ज किया तो सतेंद्र डरे नहीं उनका कहना था के आपजी के सम्मान की रक्षा के लिए ऐसे झूंठे मुकदमो की उन्हें परवाह नहीं ,,सतेंद्र ने नगर विकास न्यास में इस मूर्ति के बारे में समस्त जानकारी बजट ,,प्रस्ताव ,,मूर्ति बनाने वाले ठेकेदार का नाम पता ,,,टेंडर ,,,कितना खर्च हुआ और भविष्य में इस मूर्ति को कितने समय बाद लोकार्पित किया जाएगा ,,को लेकर विधिवत सुचना के अधिकार अधिनियम के प्रावधान के तहत प्रार्थना पत्र पेश किया ,,शुल्क जमा कराया ,,छ महीनो में सत्येन्द्र ने सुचना के अधिकार अधिनियम के प्रावधान के तहत इस विधिक सुचना प्राप्त करने के लिए नगर विकास न्यास के दफ्तर के चक्कर लगाते लगाते कई जूते चप्पल घिस दिए लेकिन उन्हें सुचना नहीं मिली ,,सत्येन्द्र इस मामले में अब सुचना के अधिकार अधिनियम के प्रावधान के तहत नगर विकास न्यास अध्यक्ष कलेक्टर को अपील करेंगे ,,,ताज्जुब है के पत्रकारों के इस शहर में ,,समाजसेवकों के इस शहर में जहा राजपूती आनबान शान की अपनी पहचान है वहां एक तय्यार मूर्ति जो कई सालो से लोकार्पण की बाँट जोहती रहे और किसी को कोई ऐतराज़ ना हो ,,अख़बार ,,मिडिया में यह खबर न हो ,,,,,,,सड़को पर इस मूर्ति के लोकार्पण के लिए कई प्रदर्शन न हो समझ से बाहर की बात लगती है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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