हमें चाहने वाले मित्र

23 अगस्त 2015

अब किसी बाबा को

अब किसी बाबा को विदेशों में रखा कालाधन वापस नहीं चाहिए, ना ही कोल्डड्रिंक अब खतरनाक है ...
अब किसी अन्ना को जनलोकपाल नहीं चाहिए ..
अब किसी जनरैलसिंह को भूतपूर्व सैनिकों के लिए कोई दर्द नहीं ....
अब प्याज के सत्तर अस्सी रू किलो होने पर भी कोई हाय हाय नहीं कर रहा और ना ही कोई अनेक देशों में पेट्रोल की कीमत की तुलना वाली सारणी दिखा रहा है .
बार्डर पर रेगुलर गोलीबारी और मौतों का ना तो किसी को अफसोस और ना ही किसी को एक के बदले दस सर चाहिए ...
अब कोई राष्ट्रवादी सुभाष चंद्र बोस की मौत का राज नहीं जानना चाहता , ना ही वाड्रा को जेल भेजना ...
आहा ! 'निगेटिविटी' से दूर ये दिन कितने अच्छे हैं , इसी चैन सुकून को तो रामराज कहते हैं

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...