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19 अगस्त 2015

एक बढ़े आंदोलन के लिए अब उर्दू के हमदर्दों को तय्यार होना ही है

दोस्तों एक बढ़े आंदोलन के लिए अब उर्दू के हमदर्दों को तय्यार होना ही है ,,,सरकार की हठधर्मिता के चलते ,,तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान द्वारा किये गए सभी प्रयास विफल साबित हो रहे है ,,सरकार के शिक्षा निदेशक ,,मुख्य शिक्षा सचिव ,,मुख्यमंत्री सचिव ,,जिला शिक्षा अधिकारी ,,,,उप निदेशक शिक्षा ,,,विधायक ,,सांसद ,,,जन्पर्तीिनिधि सहित सभी अधिकारी चाहते है के राजस्थान में उर्दू यथावत रहे ,,सर्वे के मुताबिक़ कोटा सहित सभी जिला शिक्षा अधिकारीयों ने उर्दू वापस सभी स्कूलों में खोलने के प्रस्ताव भेजे है ,,,,,,ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय से भी इस मामले में सहमति बनी है लेकिन केवल एक ज़िद्दी हठधर्मी शख्सियत की वजह से राजस्थान में संशोधित स्टफिंग पैटर्न सूचि में से फिर उर्दू के विषय हटा दिए गए है और उर्दू यथावत रखने के प्रस्ताव शिक्षा अधिकारी कोटा द्वारा जो भिजवाये गए थे वोह द्वेषतापूर्ण कार्यवाही करते हुए कचरे की टोकरी में डाल दिए गए है ,,,,ऐसे में दोस्तों आगे की रणनीति बनाने के लिए तहरीक ऐ उर्दू राजस्थान की एक एमरजेंसी मीटिंग सरपरस्त क़ाज़ी ऐ शहर कोटा अनवार अहमद की सरपरस्ती में शाम को टिपटा स्थित अल्लामा इक़बाल लाइब्रेरी हॉल में रखी गई है ,,,,,,,,,,,,अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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