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25 जुलाई 2015

किसी भी नबी ऐ इकराम ने कभी कोई हराम की कमाई नहीं खाई

किसी भी नबी ऐ इकराम ने कभी कोई हराम की कमाई नहीं खाई ,,ना कमाई की ,,यानी किसी भी नबी ऐ इकराम ने मोलवी मुल्लाओं की तरह क़ुरआन की आयतो का मोल किया ,,ना ही इबादत ,,,नमाज़ पढ़ाने को अपनी रोज़ी रोटी बनाया ,,,,खुद ने महनत कर हलाल की कमाई खाई तो समझ गए ना जो लोग क़ुरआन की आयतो का मोल करते है वोह किसी कमाई खाते है और जब इनके पेट में रिज़क़ ही हलाल नहीं होगा तो क्या इनके पीछे हमारी इबादत जायज़ है ,,नहीं ना तो फिर चलाइये मुहीम भाई ऐसे मोलवी मुल्लाओं के खिलाफ जो क़ुरआन मजीद ,,की हिदायतों और हदीस की रिवायतों के खिलाफ हलाल की कमाई नहीं कर रहे है और हराम की कमाई से पेट भरकर मुस्लिम भाइयो को गुमराह कर उनका भी ईमान खराब कर रहे है ,,,,,,,,,,,,,,,,,नबीयों के पेशे
हजरत आदम अलैहिसलाम -- खेती
हजरत नूह अलैहिसलाम -- सुतार
हजरत दाऊद अलैहिसलाम -- लोहार
हजरत इद्रीस अलैहिसलाम -- दर्जी
हजरत युसूफ अलैहिसलाम -- तिजारत व
बादशाही
हजरत याकूब अलैहिसलाम --
बकरिया चराना
हजरत इस्माईल अलैहिसलाम -- तीर
बनाना
हजरत सुलेमान अलैहिसलाम --
टोकरिया बनाना
हजरत इसा अलैहिसलाम -- रंग बनाना
हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु
अलैहि वसल्लम -- तिजारत और
बकरियाँ चराना |
हमारे तमाम अंबाया किराम और बड़े बड़े
औलिया जिंदगी गुजारने के लिये मेहनत करके
हलाल रोजी कमाते थे |
मगर किसी के सामने इन्होंने हाथ
नहीं फैलाया |
किसीने कपड़ा बुना, किसीने अनाज
उगाया तो किसी ने टोकरियाँ बनाने
का काम किया |
फिर हममें कौन है जो इनसे बड़ा और
इज्जतवाला हैं ?
मगर हम बदनसीब आज इन पेशों और
हुनरों को नाम रखते हैं और बुरी नजर से देखते हैं
|
और नाजायज और हराम तरीके से
तिजारतकरने में अपना बड़प्पन मानते हैं |
आओ सब मिलकर अल्लाह तआला से
यहीं दुआ करे के हमे
सही तरीके से हलाल
कमाई करने के नेक हिदायत दें |

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