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27 जुलाई 2015

ना हिन्दू खतरें में है ,

ना मुसलमाँ खतरें में है ,
ना हिन्दू खतरें में है ,
धर्म और मज़हब से बँटता इंसान खतरें में है !!
ना राम खतरें में है ,
ना रहमान खतरें में है ,
सियासत की भेंट चढ़ता भाईचारा खतरें में है !!

ना कुरआन खतरें में है ,
ना गीता खतरें में है ,
नफ़रत की दलीलों से..
इन किताबों का ज्ञान खतरें में है !!
ना मस्ज़िद खतरें में है ,
ना मंदिर खतरें में है ,
सत्ता के लालची हाथों..
इन दीवारों की बुनियाद खतरें में है !!
ना ईद खतरें में है ,
ना दीवाली खतरें में है ,
गैर मुल्कों की नज़र लगी है..
हमारा सदभाव खतरें में है !!
धर्म और मज़हब का चश्मा उतार कर देखों दोस्तों..
अब तो हमारा हिन्दुस्तान खतरें में है ??
नेक बनो एक बनो..

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