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10 जुलाई 2015

आग लगी थी. .

आग लगी थी. .
मेरे घर में
सब जानने वाले आये, हाल पुछा और चले गये
एक सच्चे दोस्त ने पूछा -:
"क्या क्या बचा है. . ? ?".
मैने कहा -:
कुछ नहीं "सीर्फ मैं बच गया हूँ. . ! !
".उसने गले लगाकर कहा -:
साले ! "फिर जला ही क्या है।

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