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06 जुलाई 2015

मंजर बदल गया

एक उसके चले जाने से
सारा मंजर बदल गया
घर वही ...
आँगन वही ...
दर - ओ - दीवार वही
पर अजनबी सी लगने लगी
सारी खुशियाँ ...
काश कि तुम फिर चले आओ
और फिर से जगमगाने लगे
दरीचा - ए - बहार ।

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