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23 जून 2015

पत्रकार ✒


कभी बिजली नहीं आती तो पत्रकार को बुलाओ ,
पानी नहीं आता तो पत्रकार को बुलाओ ,
नाली नाले भरे हुए है तो
पत्रकार को बुलाओ ,
कोई रिश्वत मांगता है तो पत्रकार को बुलाओ ,
नेता जी को अगर जनता में अपनी पहचान बनाकर वोट चहिये हों तो कहते है पत्रकार को बुलाओ
हर गम हर ख़ुशी की खबर पर
पत्रकार को 24 घण्टे में कभी भी सर्दी , गर्मी, बरसात बुलाया जाता है ।
तो क्यों जब किसी पत्रकार के साथ बुरा होता है
तो उसको बुलाने वाले लोग ,या नेता , उसकी मदद को आगे नहीं आते.

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