मुस्लिम आरक्षण के नाम पर मुसलमानों के साथ धोखे
को लेकर कोटा में मंज़ूर तंवर ..एडवोकेट अख्तर खान अकेला से केन्द्रीय
मंत्री के रहमान ने झूंठ बोलकर पीछा छुडाया
राजस्थान के जयपुर की क्लार्क आमेर होटल में ई टी वी उर्दू द्वारा अल्पसंख्य्कों के समक्ष चुनोतिया विषय पर आयोजित सेमीनार में केंद्र और कोंग्रेस सरकार द्वारा मुसलमानों के लियें कथीत कल्याणकारी घोषणाओं का बखान कर जा रहे केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री के रहमान को कोटा देहात कोंग्रेस प्रवक्ता मंज़ूर तंवर और सदस्य पन्द्राह सूत्रीय कल्याणकारी समिति एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने मुसलमानों के आरक्षण और मुस्लिम तलाक शुदा महिलाओं से अदालत की डिक्री सरकार द्वारा मांगे के सवाल कर उन्हें ला जवाब कर दिया और स्थिति यह बनी के जब उनके पास कोई जवाब नहीं बना तो सुप्रीम कोर्ट का वास्ता देकर अपना पीछा छुड़ा कर उन्हें चलता होना पढ़ा .........कल भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष राजनाथ सिंह द्वारा मुसलमानों के साथ इन्साफाना सुलूक करने की गारंटी से भरा भावुक उद्बोधन के बाद जब राजनाथ सिंह ने सभी को मिलजुल कर मुसलमानों के पिछेपन को दूर करने का सुझाव दिया ..उसके बाद जब केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलात के मंत्री जनाब के रहमान का नम्बर आया तो उन्होंने पहले गुजरात में कोंग्रेस द्वारा मुसलमानॉन के लियें भेजी गयी योजनाओं का लाभ मोदी सरकार द्वारा गुज्रानते में नहीं दिए जाने का सवाल उठाते हुए राज्य सरकारों द्वारा योजनाओं की उपेक्षा की बात कही और फिर उन्होंने मुसलमानों के आरक्षण के लियें सरकार की संवेदन्शीलता ..कोंग्रेस का मुसलमानों के आरक्षण के प्रति वायदा निभाने की कोशिशो और सच्चर रंगनाथ मिश्र के बारे में मुसलमानों को बताया और ..कोंग्रेस के मुसलमानों के लियें सब कुछ कर रही है जब उन्होंने इसकी घोषणा की तब के रहमान से ..कोटा देहात कोंग्रेस के प्रवक्ता मंज़ूर तंवर और एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने उन्हें रोक कर मंच पर ही सवाल किया .........जिसमे कोंग्रेस के शासन काल में केंद्र सरकार द्वारा वर्ष उन्नीस सो तिरेपन में काका केलकर की रिपोर्ट के बाद व्यवसाय और दस्तकारी के पिछड़ेपन के आधार पर उन्हें आरक्षण देने की के बाद जब मांस का व्यापार करने वालो ..कपड़ा बुनने वालो ...कपड़ा धोने और रंगने वालो सहित कई काम करने वालों को आरक्षण का सरकार ने परिपत्र आदेश निकाल जिसमे आरक्षण केवल हिन्दुओं के लियें लिखा गया नतीजा हिदू कसाई जो खटीक है उसे आरक्षण का लाभ मिला लेकिन इसी व्यवसाय इ करने वाले मुस्लिम कसाई को इसका लाभ नहीं दिया गया इसी तरह से कोली समाज को कपड़ा बुनने के कारण हिन्दू होने से आरक्षण मिला लेकिन मुस्लिम जुलाहों को इसका लाभ नहीं दिया गया ऐसे कई दस्तकार है जिन्हें हिन्दू मुस्लिम में बांटकर मुसलमानों से उनका हक छिना गया है सवाल था के इस परिपत्र में से केवल हिन्दुओं के लियें शब्द समस्त भारतियों के लियें कोग्न्रेस सरकार क्यूँ नहीं करती ताकि मुस्लिम समाज या किसी भी समाज को इसका लाभ मिल सके ...दूसरा सवाल था के जब मुस्लिम पर्सनल लो में मुस्लिम पुरुष द्वारा लिख कर या फिर बोल कर तलाक देने की परम्परा है मुस्लिम पर्सनल लो में तलाक मामले में महिला को किसी तलाक डिक्री की आवश्यकता नहीं है तो फिर के आवेदन में मुस्लिम महिलाओं को भी अदालत की तलाक की डिक्री देने के लियें क्यूँ शर्त रख कर उन्हें परेशान किया जा रहा है ...मंजूर तंवर और एडवोकेट अख्तर खान अकेला द्वारा अप्रत्याशित रूप से उठाये गए इन मुस्लिमो की समस्या से सीधे जुड़े कानूनी सवालों को उठाने पर के रहमान अचानक सकते में आ गये उनसे कोई जवाब नहीं बन पढ़ा पहले उन्होएन कहा के इसके लियें काम चल रहा है फिर संभले और सरासर झूंठ बोले कहा के में इस मामले में टिपण्णी नहीं करना चाहता क्यूंकि मामला सुप्रीमकोर्ट में है जबकि देश जानता है के इस मामले में कोई भी कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग नहीं है यह तो केवल और केवल सरकार के दायें हाथ का कम है जो सरकार मिनटों में कर सकती है जेसे इस परिपत्र में बोद्ध ..फिर इसाई जोड़ कर सरकार ने उन्हें आरक्षण दे दिया है .अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान
राजस्थान के जयपुर की क्लार्क आमेर होटल में ई टी वी उर्दू द्वारा अल्पसंख्य्कों के समक्ष चुनोतिया विषय पर आयोजित सेमीनार में केंद्र और कोंग्रेस सरकार द्वारा मुसलमानों के लियें कथीत कल्याणकारी घोषणाओं का बखान कर जा रहे केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री के रहमान को कोटा देहात कोंग्रेस प्रवक्ता मंज़ूर तंवर और सदस्य पन्द्राह सूत्रीय कल्याणकारी समिति एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने मुसलमानों के आरक्षण और मुस्लिम तलाक शुदा महिलाओं से अदालत की डिक्री सरकार द्वारा मांगे के सवाल कर उन्हें ला जवाब कर दिया और स्थिति यह बनी के जब उनके पास कोई जवाब नहीं बना तो सुप्रीम कोर्ट का वास्ता देकर अपना पीछा छुड़ा कर उन्हें चलता होना पढ़ा .........कल भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष राजनाथ सिंह द्वारा मुसलमानों के साथ इन्साफाना सुलूक करने की गारंटी से भरा भावुक उद्बोधन के बाद जब राजनाथ सिंह ने सभी को मिलजुल कर मुसलमानों के पिछेपन को दूर करने का सुझाव दिया ..उसके बाद जब केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलात के मंत्री जनाब के रहमान का नम्बर आया तो उन्होंने पहले गुजरात में कोंग्रेस द्वारा मुसलमानॉन के लियें भेजी गयी योजनाओं का लाभ मोदी सरकार द्वारा गुज्रानते में नहीं दिए जाने का सवाल उठाते हुए राज्य सरकारों द्वारा योजनाओं की उपेक्षा की बात कही और फिर उन्होंने मुसलमानों के आरक्षण के लियें सरकार की संवेदन्शीलता ..कोंग्रेस का मुसलमानों के आरक्षण के प्रति वायदा निभाने की कोशिशो और सच्चर रंगनाथ मिश्र के बारे में मुसलमानों को बताया और ..कोंग्रेस के मुसलमानों के लियें सब कुछ कर रही है जब उन्होंने इसकी घोषणा की तब के रहमान से ..कोटा देहात कोंग्रेस के प्रवक्ता मंज़ूर तंवर और एडवोकेट अख्तर खान अकेला ने उन्हें रोक कर मंच पर ही सवाल किया .........जिसमे कोंग्रेस के शासन काल में केंद्र सरकार द्वारा वर्ष उन्नीस सो तिरेपन में काका केलकर की रिपोर्ट के बाद व्यवसाय और दस्तकारी के पिछड़ेपन के आधार पर उन्हें आरक्षण देने की के बाद जब मांस का व्यापार करने वालो ..कपड़ा बुनने वालो ...कपड़ा धोने और रंगने वालो सहित कई काम करने वालों को आरक्षण का सरकार ने परिपत्र आदेश निकाल जिसमे आरक्षण केवल हिन्दुओं के लियें लिखा गया नतीजा हिदू कसाई जो खटीक है उसे आरक्षण का लाभ मिला लेकिन इसी व्यवसाय इ करने वाले मुस्लिम कसाई को इसका लाभ नहीं दिया गया इसी तरह से कोली समाज को कपड़ा बुनने के कारण हिन्दू होने से आरक्षण मिला लेकिन मुस्लिम जुलाहों को इसका लाभ नहीं दिया गया ऐसे कई दस्तकार है जिन्हें हिन्दू मुस्लिम में बांटकर मुसलमानों से उनका हक छिना गया है सवाल था के इस परिपत्र में से केवल हिन्दुओं के लियें शब्द समस्त भारतियों के लियें कोग्न्रेस सरकार क्यूँ नहीं करती ताकि मुस्लिम समाज या किसी भी समाज को इसका लाभ मिल सके ...दूसरा सवाल था के जब मुस्लिम पर्सनल लो में मुस्लिम पुरुष द्वारा लिख कर या फिर बोल कर तलाक देने की परम्परा है मुस्लिम पर्सनल लो में तलाक मामले में महिला को किसी तलाक डिक्री की आवश्यकता नहीं है तो फिर के आवेदन में मुस्लिम महिलाओं को भी अदालत की तलाक की डिक्री देने के लियें क्यूँ शर्त रख कर उन्हें परेशान किया जा रहा है ...मंजूर तंवर और एडवोकेट अख्तर खान अकेला द्वारा अप्रत्याशित रूप से उठाये गए इन मुस्लिमो की समस्या से सीधे जुड़े कानूनी सवालों को उठाने पर के रहमान अचानक सकते में आ गये उनसे कोई जवाब नहीं बन पढ़ा पहले उन्होएन कहा के इसके लियें काम चल रहा है फिर संभले और सरासर झूंठ बोले कहा के में इस मामले में टिपण्णी नहीं करना चाहता क्यूंकि मामला सुप्रीमकोर्ट में है जबकि देश जानता है के इस मामले में कोई भी कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग नहीं है यह तो केवल और केवल सरकार के दायें हाथ का कम है जो सरकार मिनटों में कर सकती है जेसे इस परिपत्र में बोद्ध ..फिर इसाई जोड़ कर सरकार ने उन्हें आरक्षण दे दिया है .अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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