खुदा का शुक्र है ले राजस्थान को कई सालों बाद एक अदद राज्यपाल मिल गया है और वोह भी फूल फ्लेश ......राजस्थान इस उपलब्धि पर फुला नहीं समां रहा है राजस्थान की जनता को इन राज्यपाल महोदय से बहुत बहुत उम्मीदें है .राजस्थान में इन दिनों कोंग्रेस भाजपा में घमासान है जनता चारों तरफ से दुविधा में है महंगाई ..भ्रष्टाचार ..बेईमानी ..उत्पीडन नोकरशाही से यहाँ की जनता तंग हो गयी है हालात यह है के राजस्थान सरकार के पक्ष में रहने वाले सांसद और विधायक भी अब सरकार के हालातों से त्राहि त्राहि पुकारने लागे है ऐसे में अगर राजस्थान के हालातों को सुधारना है तो राज्यपाल महोदय को रबर स्टेम्प बनकर नहीं एक कर्तव्यनिष्ठ रुरल एक दर्द संकल्प निष्पक्ष राजधर्म की भूमिका निभाना होगी उन्हें सक्रिय होकर सम्भाग स्तर पर जनता की शिकायतों की सुनवाई के शिविर लगाना होंगे जिसमे जनता से गुप्त रूप से बंद कमरे में सिलसिलेवार वार्ता हो उनका दुःख दर्द सुना जाए फिर जो किस्से सामने आयें उनमे अगर मंत्री हो चाहे संतरी जीकी भी प्रमाणित गडबडी पकड़ी जाए उसकी वाट लग जाए तो सही में बात बन जाए देखते है यह राज्यपाल महोदय राजस्थान की जनता के लियें राजस्थान की पीड़ा के लियें राजस्थान के विकास के लियें केसी साबित होती है ................. शनिवार को शाम 5.30 बजे अल्वा राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगी
जयपुर. नव नियुक्त राज्यपाल मारग्रेट अल्वा शुक्रवार की सुबह जयपुर पहुंच गईं। यहां रेलवे स्टेशन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुष्पगुच्छ भेंट करके उनकी अगवानी की। इस दौरान उनका अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से परिचय भी करवाया। अल्वा शनिवार को शाम 5.30 बजे राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगी।
जयपुर पहुंचने पर मारग्रेट अल्वा को आर.ए.सी. के अधिकारियों व जवानों की टुकड़ी ने सलामी दी। राज्यपाल ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। रेल्वे स्टेशन पर मुख्यमंत्री गहलोत, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधानसभा में प्रतिपक्ष की नेता वसुंधरा राजे, संसदीय सचिव, जनप्रतिनिधिगण, महापौर, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित प्रशासनिक, पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।
इसके बाद रेलवे स्टेशन से राजभवन अतिथिगृह पहुंचने पर अल्वा की राज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों ने अगवानी की। मनोनीत राज्यपाल ने राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का परिचय लिया। रेलवे स्टेशन से राजभवन के मार्ग में खड़े नागरिकों का अल्वा ने हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। अल्वा के साथ उनके पति निरंजन अल्वा सहित उत्तराखंड राजभवन के अधिकारी वरिंदर जीत सिंह, डॉ. सुनीता नंदवानी, हंसी बृजवासी और कमरूद्दीन भी साथ आए हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
दोस्तों, कुछ गिले-शिकवे और कुछ सुझाव भी देते जाओ. जनाब! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. अख्तर खान "अकेला" कोटा(राजस्थान)