भाई का अपहरण कर लड़की ने 1 करोड़ रु. फिरौती के रूप में मांगा लेकिन क्राइम ब्रांच ने इनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। इस समय लड़की सहित चार लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस ने इनके पास से बच्चे के साथ फिरौती में दी गई 25 लाख की रकम भी बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि प्रेमी के 10 लाख रु. के कर्ज को उतारने के लिए लड़की ने भाई का अपहरण करवाने में मदद की।
यह है पूरी कहानी...
प्राप्त खबर के अनुसार मणिनगर धनलक्ष्मी सोसायटी में भरत भाई अपने तीन भाई संग संयुक्त परिवार में रहते हैं। भरत के दो बच्चे- एक लड़की-साक्षी (11) और एक लड़का-आदित्य (5) हैं। जबकि उनके भाई भगवान दास के भी दो बच्चे- एक लड़की-पायल (21) और एक लड़का है।
मंगलवार शाम 7 बजे पायल ने दवा लेने के बहाने आदित्य को लेकर घर से निकली थी। लेकिन परिवार को नहीं पता था, अपने ही घर की लड़की ऐसी खौफनाक साजिश रच रही है। 8.30 बजे तक जब ये दोनों घर वापस नहीं लौटे तो परिवार वाले परेशान हो गए। घरवालों ने पायल को फोन लगाया लेकिन वह स्विच ऑफ आने लगा।
इसके बाद भरतभाई कुछ लोगों को लेकर पायल और आदित्य की खोज में निकल पड़े लेकिन कुछ ही देर बाद घर के नंबर पर एक फोन आया कि आपके दोनों बच्चे हमारे कब्जे में हैं और अगर इन्हें जिंदा देखना है तो एक करोड़ का बंदोबस्त कर लेना। मैं तुम्हें दो घंटे का समय देता हूं, तुम मुझे हां या ना बोल देना। लेकिन परिवार ने जब बच्चों से बात करवाने के लिए कहा- तो अपहरणकर्ताओं ने कहा, पहले पैसे के लिए हां या ना करो फिर बात कराएंगे।
उसके बाद अपहरणकर्ताओं का फिर फोन आया, जिसके बाद भरतभाई ने कहा मेरे पास एक करोड़ तो नहीं 10 लाख का इंतजाम कर सकता हूं। लेकिन दोनों के बीच काफी देर तक पैसे को लेकर हुई बहस के बाद मामला 25 लाख पर फिक्स हो गया और वे बच्चों को छोड़ने पर राजी हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भरतभाई सीधा मणिनगर पुलिस स्टेशन पहुंच गए और पीआई दिनेश सिंह चौहान को पूरी हकीकत बयां कर दी। इसके बाद वे क्राइमब्रांच पहुंचे वहां पर डीसीपी हिमांशु शुक्ला को घटना की जानकारी दी। केस को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी ने अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए 7 से 8 टीम तैयार की।
दूसरे दिन सुबह 4 बजे एक बार फिर अपहरणकर्ताओं का फोन आया, और वे एस.जी. हाईवे के ऊपर कर्णावती क्लब के पास पैसा लाने की बात कही। जिसके बाद भरतभाई पुलिस के साथ मौके पर पैसा लेकर पहुंचे और उन्होंने बाइक सवार दो लोगों को पैसा पकड़ा भी दिया लेकिन पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद थी। मौका ताड़कर अपहरणकर्ताओं को दबोच लिया। लेकिन अपहरणकर्ताओं के साथ जब पायल को देखा तो भरतभाई के होश उड़ गए। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि अपने घर की लड़की ऐसा कर सकती है। हालांकि आदित्य सही-सलामत था।
पुलिस ने जब पायल से पूछताछ की तो सारे राज से पर्दा उठ गया। पायल ने बताया कि उसके और निशांत के बीच दो साल से प्यार है। निशांत ने 10 लाख रु. क्रिकेट में सट्टा लगाया था, जिसमें वह हार गया। पायल ने बताया कि निशांत को पैसों की सख्त जरूरत थी, इसलिए आदित्य का अपहरण किया।

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